
…और जब पटना पहुंचते ही केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे फूट-फूटकर रोने लगे। केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा-मेरी हत्या करना चाहते हैं सत्ता के पोषित गुंडे। दरअसल, बीती रात मंत्री के काफिले के साथ उस समय हादसा हो गया जब वह बक्सर से पटना आ रहे थे। मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि कल जो मेरा एक्सीडेंट हुआ उसके पीछे साजिश रची गई, बीच रोड पर गड्ढा खोद रखा था। मेरे साथ चल रहा काफिला पलट के कुछ पुलिस के जवान घायल हुए। भगवान की कृपा से किसी तरह मैं बच गया।
जानकारी के अनुसार, इस दौरान उनका काफिला सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया हो था। घटना के दौरान दुर्घटना ग्रस्त वाहन के पीछे ही मंत्री के इनोवा वाहन थी, चालक के सूझबूझ से मंत्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।
इस दुर्घटना में दो महिला एवं पांच पुलिस जवान भी बुरी तरह से घायल हो गए है। जिनका इलाज फिलहाल एम्स पटना में चल रहा है। इधर पटना पहुंचने के बाद आज केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने प्रेस कांफ्रेस किया।
उन्होंने कहा कि अगर मेरे बॉडीगार्ड नहीं रहते तो वहां कुछ भी हो सकता था। लेकिन इसे लेकर सरकार पूरी तरीके से शांत बैठी हुई है। उन्होंने आगे बक्सर में हमले के बाद मैंने क्सर के डीएम और एसपी और फिर बाद में डीजीपी को भी इसकी सुचना दी। मेरे बॉडीगार्ड हामला करने वाले गुंडों को लेकर लोकल थाने में भी गए थे। तीन गुंडों को पकड़ कर थाने ले जाया गया था पर कुछ दबंग लोग उनको वहां से छुड़ा कर ले गए।
प्रेस कांफ्रेस के दौरान बक्सर आंदोलन मे शामिल भाजपा के नेता परशु राम चतुर्वेदी के निधन की खबर सुन वो फूट-फूट कर रोने लगे। साथ ही उन्होंने अपने एक्सीडेंट ले पीछे साजिश होने की बात भी कही। वो बार- बार एक ही बात दोहरा रहे थे कि आज बहुत दु:खी हूं।
बक्सर के चौसा में हुए कांड को लेकर उन्होंने कहा कि बक्सर के चौसा में जिस तरीके से किसानों को पीटा गया जिसे लेकर मैं 24 घंटे उपवास पर बैठा था । जब मैं रामचरितमानस का पाठ कर रहा था तब कुछ गुंडे पहुंचते हैं और मुझ पर पत्थर फेंका गया पर लोकल पुलिस चुपचाप तमाशा देखती रही।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सवाल करते हुए केन्द्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि नीतीश कुमार बताए कि मेरे साथ जो घटना हुई है अभी तक कोई भी अपराधी क्यों नहीं पकड़ा गया? जो भी पकड़ा गया उसे छोड़ क्यों दिया गया?
उन्होंने कहा कि मैं केन्द्रीय मंत्री हूं पर मेरे प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया, जब मैं उपवास पर बैठा था तो कोई भी पदाधिकारी मेरा हाल-चाल पूछने के लिए नहीं पहुंचा। सत्ता के पोषित गुंडे मेरी हत्या कराना चाहते हैं पर बिहार की जनता के आशीर्वाद से मैं यहां पहुंचा हूं।







