Share Market: भारतीय शेयर बाजार में 12 जनवरी को भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल है। शुरुआती कारोबार में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स नुकसान के साथ खुले, जो वैश्विक और घरेलू स्तर पर कई भू-राजनीतिक व आर्थिक घटनाओं के दबाव को दर्शाता है। यह एक जटिल स्थिति है, जहां अमेरिका-भारत व्यापार सौदे से लेकर कच्चे तेल की कीमतों तक, हर पहलू बाजार की दिशा तय कर रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Share Market: वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारतीय शेयर बाजार में गिरावट जारी, निवेशक सावधान!
आज 12 जनवरी को शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी रहा। शुरुआती कारोबार में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स नुकसान के साथ खुले। Sensex 0.17 प्रतिशत फिसलकर 83,433.30 पर खुला, जबकि निफ्टी बैंक 0.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,669 पर कारोबार की शुरुआत की। यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है।

Share Market की गिरावट के पीछे क्या हैं मुख्य कारण?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस कमजोरी के पीछे कई घरेलू और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम जिम्मेदार हैं। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार ने बताया, “बाजार काफी कमजोर हो गया है, जिस पर भारत से जुड़ी और ग्लोबल जियोपॉलिटिकल घटनाओं का दबाव है।”
संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच व्यापार सौदे को लेकर चल रहा ड्रामा अमेरिकी राष्ट्रपति की टिप्पणियों से और भी उलझता जा रहा है, जिसका सीधा असर बाजार पर दिख रहा है। इसके अलावा, वेनेजुएला में भू-राजनीतिक घटनाक्रम, ईरान में संकट और ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की धमकियों को भी बाजार चिंता से देख रहा है। इन सब के चलते इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स (इंडिया VIX) में तेजी आई है, जो आगे बड़ी वोलैटिलिटी का संकेत दे रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
डॉ. विजयकुमार ने आगे कहा, “शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से ट्रंप टैरिफ पर आने वाला फैसला नहीं आया और कब आएगा, इस बारे में कोई स्पष्टता नहीं है। फिर भी, यह कभी भी आ सकता है, इसलिए निवेशकों को इस मोर्चे पर होने वाले डेवलपमेंट पर नजर रखनी होगी।” इन सबके अलावा, तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे और टेक कंपनियों तथा बैंकिंग व RIL जैसी बड़ी कंपनियों की मैनेजमेंट कमेंट्री भी शॉर्ट टर्म में बाजार के ट्रेंड को प्रभावित करेगी। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/business/
वैश्विक बाजारों का हाल और कच्चे तेल की कीमतें
जहां भारतीय बाजार में गिरावट देखी गई, वहीं एशियाई बाजारों ने हफ्ते के पहले दिन सकारात्मक शुरुआत की। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.71 प्रतिशत चढ़कर कारोबार कर रहा है। दक्षिण कोरिया के कोस्पी ने भी 0.83 प्रतिशत तक की बढ़त हासिल की, जबकि Kosdaq इंडेक्स 0.4 प्रतिशत चढ़ा। हालांकि, जापान के बाजार राष्ट्रीय अवकाश के चलते बंद थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अमेरिकी बाजार में कारोबार
शुक्रवार, 9 जनवरी को अमेरिकी इक्विटी बेंचमार्क तेजी के साथ बंद हुए। इस दौरान तीनों प्रमुख इंडेक्स रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने में कामयाब रहे:
- S&P 500: 0.65 प्रतिशत बढ़कर 6,966.28 पर बंद हुआ, जो इंट्राडे में अब तक का सबसे हाई लेवल था।
- नैस्डेक कम्पोजिट: 0.81 प्रतिशत की बढ़त हासिल कर 23,671.35 पर पहुंच गया।
- डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज: 237.96 अंक या 0.48 प्रतिशत उछलकर 49,504.07 के नए रिकॉर्ड लेवल पर बंद हुआ।
अमेरिकी डॉलर और क्रूड ऑयल की कीमत
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) सोमवार सुबह 0.01 प्रतिशत गिरकर एक महीने के हाई लेवल से निचले स्तर 99.13 पर आ गया है। इससे पहले 09 जनवरी को रुपया 0.14 प्रतिशत मजबूत होकर डॉलर के मुकाबले 90.17 पर बंद हुआ। यह इंडेक्स बास्केट में शामिल दूसरी बड़ी करेंसीज जैसे ब्रिटिश पाउंड, यूरो, स्वीडिश क्रोना, जापानी येन और स्विस फ्रैंक के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कमजोरी को मापता है।
ईरान में तेज हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच सोमवार को तेल की कीमतें काफी हद तक स्थिर रहीं। निवेशकों की नजरें ओपेक के सदस्य देशों में शामिल ईरान से तेल की सप्लाई में संभावित रुकावट और अमेरिका की मंजूरी के साथ वेनेजुएला से तेल की सप्लाई पर टिकी हैं। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं, जिसमें US बेंचमार्क WTI 0.49 प्रतिशत बढ़कर 59.41 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 0.41 प्रतिशत बढ़कर लगभग 63.62 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता नजर आया।







