



Magh Gupt Navratri 2026 का पावन पर्व आज से प्रारंभ हो रहा है, जो आध्यात्मिक साधकों के लिए अत्यंत विशेष मानी जाती है। यह नौ दिवसीय पर्व गुप्त विद्याओं और दस महाविद्याओं की उपासना के लिए समर्पित है। इन महाविद्याओं में मां काली, तारा, त्रिपुरसुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी शामिल हैं, जिनकी साधना से अलौकिक शक्तियों और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। यह अवधि उन साधकों के लिए अत्यंत फलदायी होती है, जो अपनी आध्यात्मिक उन्नति और विशेष सिद्धियों की प्राप्ति हेतु गोपनीय अनुष्ठान करते हैं। इस पवित्र अवसर पर घटस्थापना का विशेष महत्व है, और आज सुबह अत्यंत शुभ मुहूर्त में घटस्थापना की जा सकती है, हालांकि यह मुहूर्त अल्पकालिक रहेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। भक्तों को चाहिए कि वे अपने स्थानीय पंडित से सही और सटीक मुहूर्त की जानकारी अवश्य प्राप्त करें ताकि वे पूर्ण विधि-विधान से पूजा कर सकें। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें
माघ गुप्त नवरात्रि की पूजा विधि
- सबसे पहले, स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- पूजा स्थान को गंगाजल से पवित्र करें और चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं।
- घटस्थापना के लिए मिट्टी के कलश में जल भरकर उसमें सिक्का, सुपारी और अक्षत डालें। कलश के मुख पर आम्रपल्लव और नारियल रखें।
- मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- दश महाविद्याओं का ध्यान करते हुए उनका आह्वान करें।
- नियमित रूप से दुर्गा सप्तशती का पाठ करें या महाविद्याओं के मंत्रों का जाप करें।
- फल, फूल, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें।
- नवरात्रि के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करें और सात्विक भोजन ग्रहण करें।
घटस्थापना शुभ मुहूर्त
माघ गुप्त नवरात्रि में घटस्थापना का विशेष महत्व होता है। यद्यपि आज प्रातःकाल में घटस्थापना का एक शुभ और अत्यंत अल्पकालिक मुहूर्त विद्यमान है, भक्तों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्थानीय पंचांग या अनुभवी आचार्य से संपर्क कर सटीक समय की जानकारी प्राप्त करें। यह सुनिश्चित करेगा कि आप शास्त्रोक्त विधि से पूर्ण लाभ प्राप्त कर सकें।
महाविद्याओं के मंत्र
गुप्त नवरात्रि में महाविद्याओं की साधना के लिए आप उनके बीज मंत्रों का जाप कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, माँ काली का मंत्र इस प्रकार है:
ॐ क्रीं कालिकायै नमः।
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
निष्कर्ष एवं उपाय
यह Magh Gupt Navratri 2026 हमें आंतरिक शक्ति और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग दिखाती है। इन नौ दिनों में देवी की सच्चे मन से आराधना करने से सभी कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दौरान दान-पुण्य करना और गरीब व्यक्तियों की सहायता करना भी अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। साधना पूर्ण होने के उपरांत कन्या पूजन कर उन्हें भोजन कराएं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। यह पर्व गोपनीय ऊर्जा को जागृत कर जीवन को नई दिशा प्रदान करता है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



