Makar Sankranti 2026: सनातन धर्म में मकर संक्रांति का पर्व अत्यंत पावन और महत्वपूर्ण माना जाता है।
मकर संक्रांति 2026: पर्व पर इन बातों का रखें विशेष ध्यान, होगी अक्षय पुण्य की प्राप्ति
सनातन धर्म में मकर संक्रांति का पर्व अत्यंत पावन और महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे ‘मकर संक्रांति’ कहा जाता है। यह दिन स्नान, दान और तप के लिए विशेष फलदायी होता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन किया गया दान-पुण्य अक्षय होता है और सभी पापों का शमन करता है। वर्ष 2026 में, मकर संक्रांति का यह महापर्व 14 जनवरी, बुधवार को मनाया जाएगा। इस शुभ अवसर पर हम अनजाने में कुछ ऐसी गलतियाँ कर बैठते हैं, जो हमारे पुण्य फलों को कम कर सकती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आइए जानते हैं, मकर संक्रांति के दिन किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए और किन कार्यों से बचना चाहिए।

मकर संक्रांति 2026: क्या करें और क्या न करें?
**मकर संक्रांति पर क्या नहीं करना चाहिए**
* **सूर्योदय के बाद तक न सोएं:** संक्रांति के दिन सूर्योदय से पहले उठकर पवित्र स्नान करना चाहिए। देर तक सोना अशुभ माना जाता है और इससे शुभ फलों में कमी आती है।
* **तामसिक भोजन का त्याग:** इस पवित्र दिन पर तामसिक भोजन जैसे लहसुन, प्याज का सेवन करने से बचें। मांसाहार और शराब का सेवन तो बिल्कुल वर्जित है, क्योंकि यह पर्व सात्विकता का प्रतीक है।
* **किसी का अपमान न करें:** मकर संक्रांति के दिन किसी गरीब, बुजुर्ग, ब्राह्मण या असहाय व्यक्ति का अपमान न करें। ऐसा करने से पुण्य फल नष्ट हो जाते हैं और पितृ भी अप्रसन्न होते हैं।
* **बाल और नाखून न काटें:** संक्रांति के दिन बाल कटवाना या नाखून काटना शुभ नहीं माना जाता है। यह कार्य शुभ ऊर्जा को कम कर सकता है।
* **पेड़-पौधे न काटें:** मान्यता है कि इस दिन पेड़-पौधे काटना या खेत जोतना जैसे कृषि से संबंधित कार्य करने से बचना चाहिए। यह प्रकृति के प्रति सम्मान का दिन है।
* **बिना स्नान किए भोजन:** स्नान किए बिना अन्न ग्रहण न करें। यदि किसी पवित्र नदी में स्नान संभव न हो, तो घर पर ही जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
* **क्रोध और कटु वचन:** इस दिन किसी से कटु वचन न बोलें और क्रोध करने से बचें। अपनी वाणी पर संयम रखें, क्योंकि शांत मन से ही ईश्वर की आराधना संभव है।
**मकर संक्रांति पर क्या करें**
* **पवित्र स्नान:** सूर्योदय से पूर्व किसी पवित्र नदी में या घर पर ही जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। यह गंगा सागर स्नान के समान फलदायी होता है।
* **सूर्य देव की पूजा:** भगवान सूर्य को अर्घ्य दें और ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करें। आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना भी अत्यंत शुभ होता है।
* **तिल और गुड़ का दान:** मकर संक्रांति पर तिल, गुड़, खिचड़ी, वस्त्र और अन्न का दान विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। तिल का दान शनि दोष से मुक्ति दिलाता है।
* **खिचड़ी का सेवन:** मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने की परंपरा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह स्वास्थ्य और समृद्धि लाता है और इसे ‘खिचड़ी पर्व’ भी कहा जाता है।
* **पितरों का तर्पण:** इस दिन पितरों का तर्पण करना भी बहुत शुभ माना जाता है, जिससे उनकी आत्मा को शांति मिलती है और परिवार को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।
**शुभ मुहूर्त**
| विवरण | तिथि |
| :———– | :——————- |
| संक्रांति तिथि | 14 जनवरी 2026 |
| दिन | बुधवार |
| पुण्य काल | प्रातः काल से सायंकाल तक |
मकर संक्रांति का यह पर्व हमें प्रकृति और सूर्य देव के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देता है। इन नियमों का पालन कर हम न केवल पुण्य अर्जित करते हैं, बल्कि अपने जीवन में सकारात्मकता और समृद्धि भी लाते हैं। इस पवित्र दिन पर स्नान, दान और संयम का विशेष महत्व है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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