

Makar Sankranti Upay: पवन पुत्र हनुमान की कृपा से और सूर्य देव के आशीर्वाद से, मकर संक्रांति का पावन पर्व हमें न केवल प्रकृति के बदलाव का संदेश देता है, बल्कि यह आत्मिक शुद्धि और ग्रहों की शांति का भी एक अनुपम अवसर है। इस विशेष दिन पर किए गए छोटे-छोटे उपाय जीवन में बड़े सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।
मकर संक्रांति उपाय: तिल-गुड़ से करें शनि-सूर्य दोष का निवारण और पाएं सुख-समृद्धि
मकर संक्रांति का पर्व सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है, जो अंधकार से प्रकाश की ओर गति का द्योतक है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन किए गए दान और पुण्य कार्य कई जन्मों के पापों का शमन करते हैं। विशेष रूप से, तिल और गुड़ का प्रयोग शनि और सूर्य से संबंधित ग्रह दोष को शांत करने में अत्यंत प्रभावी माना जाता है। तिल का संबंध शनि देव से है, जबकि गुड़ सूर्य देव को प्रिय है। इन दोनों के संयुक्त दान और सेवन से कुंडली में इन महत्वपूर्ण ग्रहों की स्थिति को सुदृढ़ किया जा सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मकर संक्रांति उपाय: ग्रहों की शांति के लिए सरल ज्योतिषीय विधान
मकर संक्रांति के दिन प्रातःकाल स्नान कर सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए। अर्घ्य में जल के साथ थोड़ा तिल और गुड़ मिलाकर अर्पित करना विशेष फलदायी होता है। इससे सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को यश, मान-सम्मान तथा उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। शनि देव की कृपा पाने के लिए काले तिल का दान, तिल के लड्डू का दान, और तिल मिश्रित जल से स्नान करना उत्तम माना गया है। इससे शनि के अशुभ प्रभावों में कमी आती है और साढ़ेसाती व ढैय्या के कष्टों से मुक्ति मिलती है। यह उपाय उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है जिनकी कुंडली में शनि और सूर्य की स्थिति प्रतिकूल हो।
दान का महत्व:
मकर संक्रांति पर तिल, गुड़, खिचड़ी, कंबल और वस्त्रों का दान अत्यधिक पुण्यकारी माना जाता है। इन वस्तुओं का दान करने से न केवल शनि और सूर्य देव प्रसन्न होते हैं, बल्कि पितरों को भी शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दिन गायों को हरा चारा खिलाना भी शुभ माना गया है, क्योंकि गाय को पूज्यनीय माना जाता है और उसकी सेवा से सभी देवता प्रसन्न होते हैं।
तिल और गुड़ के सेवन का लाभ:
दान के साथ-साथ इस दिन तिल और गुड़ का सेवन भी महत्वपूर्ण है। तिल के सेवन से शरीर को ऊष्मा मिलती है और गुड़ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। धार्मिक दृष्टि से, इन्हें ग्रहण करने से ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं और व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है।
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निष्कर्ष और उपाय:
मकर संक्रांति का पावन पर्व हमें दान, धर्म और सेवा का मार्ग दिखाता है। तिल और गुड़ के इन सरल उपायों से आप न केवल अपने शनि और सूर्य दोष का निवारण कर सकते हैं बल्कि जीवन में सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि का भी आगमन सुनिश्चित कर सकते हैं। श्रद्धापूर्वक किए गए ये उपाय आपके जीवन में नव ऊर्जा का संचार करेंगे और आपको ग्रह दोष के अशुभ प्रभावों से मुक्ति दिलाएंगे।






