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फ़रवरी, 17, 2026
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मौनी अमावस्या 2026: ग्रहों का अद्भुत संगम और पंचग्रही राजयोग का निर्माण, जानिए क्या बता रहे दरभंगा के पंडित राज नारायण झा

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Mauni Amavasya 2026: माघ मास की मौनी अमावस्या का हिन्दू धर्म में अत्यंत विशेष स्थान है। यह दिन दान, स्नान और पुण्य कर्मों के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है, जब ग्रहों की स्थिति भी अत्यंत शुभ फलदायी हो जाती है।

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मौनी अमावस्या 2026: ग्रहों का अद्भुत संगम और पंचग्रही राजयोग का निर्माण

Mauni Amavasya 2026 पर ग्रहों की विशेष स्थिति

वर्ष 2026 की मौनी अमावस्या ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस पावन अवसर पर ग्रह-नक्षत्रों का एक दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो कई शुभ योगों का निर्माण करेगा।

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दरभंगा के कुशेश्वरस्थान के पंडित, ज्योतिषाचार्य राज नारायण झा ने बताया कि माघ महीने की मौनी अमावस्या रविवार को पड़ रही है, जिससे इसका महत्व और बढ़ गया है। रविवार सूर्य देव का दिन होता है, इसलिए इस दिन की धार्मिक और आध्यात्मिक शक्ति बढ़ जाती है. मान्यता है कि मौनी अमावस्या के दिन स्नान, दान, पूजा, ध्यान और मन की शुद्धि करने से अच्छे फल मिलते हैं. इस दिन शिव वास योग,हर्षण योग एक साथ बन रहे हैं, जिससे यह पर्व और भी शुभ हो गया है.आज के दिन मौन होकर स्नान ,ध्यान,पूजन और दान का करें।

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यह भी पढ़ें:  Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण का अद्भुत और दुर्लभ संयोग... भौमवती अमावस्या पर साल का पहला महा-ग्रहण और उसके प्रभाव, जानिए मंत्र और उपाय

ज्योतिष श्री झा के अनुसार, यह समय साधना, ध्यान और पुण्य अर्जित करने के लिए अत्यधिक फलदायी सिद्ध होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ग्रहों की यह विशेष स्थिति भक्तों के जीवन में सकारात्मकता और समृद्धि लाएगी।

इस मौनी अमावस्या पर सूर्य, शुक्र और मंगल पहले ही अपनी स्थिति में गोचर कर चुके हैं। अब ग्रहों के राजकुमार बुध का भी अपनी राशि परिवर्तन हो चुका है। इन सभी ग्रहों की स्थिति शुभ प्रभाव डाल रही है। इसके साथ ही, 18 जनवरी 2026 को शाम 4 बजकर 49 मिनट पर चंद्रमा का मकर राशि में प्रवेश होगा। चंद्रमा के मकर राशि में आते ही, बुधादित्य योग, शुक्रादित्य योग और मंगलादित्य योग के बाद एक शक्तिशाली पंचग्रही राजयोग का निर्माण होगा। यह पंचग्रही राजयोग कई राशियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हो सकता है, जिससे जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सफलता और सुख की प्राप्ति होगी। यह अद्वितीय ग्रह स्थिति आध्यात्मिक उन्नति और भौतिक लाभ दोनों के लिए अनुकूल मानी जा रही है।

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निष्कर्ष एवं उपाय

मौनी अमावस्या का यह पवित्र दिन, इन विशिष्ट ग्रह योगों के साथ, साधकों को परम शांति और मोक्ष की प्राप्ति का अवसर प्रदान करता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, पितरों के लिए तर्पण और दान-पुण्य करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दिन मौन व्रत का पालन करना मन को एकाग्र करता है और आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाता है। इस अवधि में भगवान विष्णु की पूजा और गायत्री मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। ग्रहों के इस अद्भुत संगम और निर्मित राजयोगों का लाभ उठाने के लिए, व्यक्ति को शुद्ध मन और सच्ची श्रद्धा के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेना चाहिए। यह समय न केवल ग्रहों की कृपा प्राप्त करने का है, बल्कि अपने भीतर की चेतना को जागृत करने का भी स्वर्णिम अवसर है। मौनी अमावस्या के इस शुभ दिन पर किए गए प्रयास निश्चित रूप से जीवन को सकारात्मक दिशा देंगे और मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। यह विशेष समय सभी के लिए मंगलकारी हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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