
सीवान से खबर है जहां, पूर्वोत्तर रेलवे के वरणासी मंडल में छपरा-गोरखपुर रेल खंड के सीवान जंक्शन पर पिछले दिनों रिश्वतखोर आरपीएफ इंस्पेक्टर की रिश्वत लेते सीबीआई द्वारा रंगेहाथ गिरफ्तार किए जाने के मामले में शनिवार देर संध्या को बड़ी कार्रवाई हुई है। CBI रेड के बाद पूर्वोत्तर रेलवे के सहायक कमांडेंट पर एक्शन के बाद उन्हें मालीगाव मुख्यालय भेजा गया है। पूर्वोत्तर रेलवे के सहायक कमांडेंट अमित गुंजन पर अवैध वसूली मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में कार्रवाई की गई है। इस मामले में पहले ही सिवान आरपीएफ पोस्ट प्रभारी को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। पढ़िए पूरी खबर
जानकारी के अनुसार, आरपीएफ मुख्यालय नई दिल्ली ने आरपीएफ छपरा के असिस्टेंट कमांडेंट अमित गुंजन को सस्पेंड कर दिया है। विभाग ने साथ ही तत्काल प्रभाव से उन्हें छपरा से हटाते हुए उनका मुख्यालय मालेगाव गुवाहाटी कर दिया है। अब उन पर भी विभागीय जांच होगी।
सीवान आरपीएफ पोस्ट प्रभारी ने अवैध रूप से टिकट बनाने के आरोप में एक साइबर कैफे के मालिक को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसे छोड़ने के एवज में पैसे की मांग की जा रही थी। बाद में साइबर कैफे के मालिक ने इसकी शिकायत सीबीआई से किया था।
इसके बाद सीबीआई अधिकारियों ने ही कैफे के मालिक को पैसे लेकर होटल भेजा। जहां से सीबीआई की टीम ने आरपीएफ पोस्ट प्रभारी अजय कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। रेड की जानकारी नहीं होने पर अजय कुमार यादव अधिकारियों से उलझ पड़े और उनसे हाथापाई भी करने लगे।
इसके अलावा सीवान आरपीएफ पोस्ट के हेड कांस्टेबल कुमार प्रियरंजन सिंह तथा दुर्गेश कुमार को भी सस्पेंड कर दिया गया है । इन तीनों के सस्पेंड करने की कार्रवाई आरपीएफ के इंस्पेक्टर अजय कुमार यादव की ओर से एक केस के मामले में 10 हजार रुपए घूस लेने तथा सीबीआई की ओर से गिरफ्तारी के बाद की गई है।
जानकारी के अनुसार, 19 अक्टूबर को शहर के एक रेस्टोरेंट में हांडी मीट की पार्टी के दौरान आरपीएफ इंस्पेक्टर अजय कुमार यादव पचरुखी थाना क्षेत्र के सोनवर्षा निवासी पिंटू सिंह से 10 हजार रुपए घूस ले रहे थे । इसी दौरान सीबीआई की टीम ने उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था। इस गिरफ्तारी के दौरान हेड कांस्टेबल कुमार प्रियरंजन सिंह और दुर्गेश कुमार भी मौजूद थे। इसके बाद विभागीय स्तर पर इन दोनों को सस्पेंड करने की कार्रवाई की गई।
बताते चलें कि छपरा आरपीएफ के सहायक कमांडेंट के क्षेत्राधिकार में ही सीवान आरपीएफ पोस्ट आता है, इसलिए उन पर भी कार्रवाई की गई है। विभाग का मानना है कि सीवान आरपीएफ पोस्ट पर पहले से अनियमितता हो रही थी। लेकिन आरपीएफ के सहायक कमांडेंट छपरा को इसकी जानकारी नहीं थी। यह भी एक अनियमितता है। इसलिए उन्हें सस्पेंड किया गया है।
साथ ही अनुसंधान में कोई व्यवधान उत्पन्न या किसी तरह का प्रभावित नहीं हो सके इसलिए उनका मुख्यालय मालेगांव किया गया है । सहायक कमांडेंट छपरा पर कार्रवाई आरपीएफ के दिल्ली मुख्यालय से की गई है । जबकि दोनों कांस्टेबल पर कार्रवाई वाराणसी रेल मंडल आरपीएफ मुख्यालय से की गई है ।







