उमेश पाल अपहरण मामले में आज प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट का फैसला आ गया है। सुबह 10 बजे माफिया अतीक अहमद और अशरफ कोर्ट में पेश हुए। मामले में अतीक, अशरफ सहित कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था।
आज प्रयागराज की एक सांसद और विधायक अदालत ने गैंगस्टर से राजनेता बने अतीक अहमद और दो अन्य को 2006 में बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल के अपहरण का दोषी ठहराया है। कोर्ट ने तीनों को उम्र कैद की सजा दी है। मंगलवार को कोर्ट ने अदालत परिसर में भारी भीड़ के बीच सजा का ऐलान किया। कोर्ट ने अतीक अहमद के भाई अशरफ सहित छह अन्य को बरी कर दिया है।






25 जनवरी 2005 को बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के बाद तत्कालीन जिला पंचायत सदस्य उमेश पाल ने पुलिस को बताया था कि वह हत्याकांड का चश्मदीद गवाह है। उमेश पाल ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अतीक अहमद के दबाव में पीछे हटने और झुकने से इनकार कर दिया, तो 28 फरवरी, 2006 को बंदूक की नोक पर उनका अपहरण कर लिया गया। पढ़िए पूरी खबर
उमेश पाल अपहरण कांड में प्रयागराज की एमपी एमएलए कोर्ट ने माफिया अतीक अहमद समेत तीन दोषियों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर एक-एक लाख के अर्थदण्ड का आदेश भी दिया है। इस मामले में अतीक के भाई अशरफ समेत सात आरोपितों को दोष मुक्त किया है। इसके अलावा कोर्ट ने पांच हजार का अलग-अलग धाराओं में जुर्माना भी लगाया है।
प्रयागराज जिले में 17 साल पूर्व हुए उमेश पाल अपहरण कांड में कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अतीक उसके भाई अशरफ समेत 10 आरोपियों में से सात को दोषमुक्त कर दिया है। जबकि अतीक, दिनेश पासी और खान शौकत हनीफ को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
अतीक के भाई अशरफ अहमद, जावेद, इसरार, फरहान, आबिद प्रधान, आशिक उर्फ मल्ली और एजाज को दोषमुक्त किया गया है। बताया जा रहा है कि कोर्ट का फैसला सुनकर अतीक और अशरफ एक-दूसरे के गले मिलकर फूट-फूटकर रोने लगे।
सोमवार को अतीक अहमद को साबरमती जेल से, जबकि अशरफ को बरेली जेल से प्रयागराज लाया गया था। अतीक, अशरफ और फरहान को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल से अलग-अलग प्रिजन वैन के जरिए कोर्ट ले जाया गया। अतीक के कोर्ट परिसर पहुंचते ही पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवानों ने मोर्चा संभाल रखा था।
यहां पर कुछ वकील जूतों की माला लेकर कोर्ट परिसर पहुंच गए। उमेश पाल की हत्या से नाराज वकील ये माला अतीक को पहनाना चाहते थे। हालांकि कोर्ट के गेट से पहले ही सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक लिया और वापस भेज दिया।
सजा के बाद अतीक अहमद ने कहा कि उसे सजा गलत हुई है , वो सजा के खिलाफ हाई कोर्ट जाएगा।अतीक को फ़िलहाल नैनी जेल भेज दिया गया है। पढ़िए इससे पहले क्या हुआ…
2006 के उमेश पाल अपहरण मामले में मुख्य अभियुक्त माफिया अतीक अहमद समेत 3 अभियुक्तों को एमपी-एमएलए कोर्ट के जज डॉ. दिनेश चंद्र शुक्ल ने दोषी करार दिया है। जबकि 7 आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया है। उमेश पाल की 24 फरवरी को पहले प्रयागराज में हत्या हो गई थी। उमेश पाल के परिवार ने कोर्ट से माफिया अतीक के खिलाफ मृत्युदंड की मांग की है।
उमेश पाल अपहरण के मुकदमे में कोर्ट दो बजे फैसला सुनाएगी। विशेष न्यायाधीश डॉ दिनेश चंद्र शुक्ल आरोपितों को दोषी करार देने के बाद चेंबर में चले गए दो बजे डायस पर बैठेंगे दोषियों को सजा सुनाएंगे।
प्रयागराज एमपी-एमएलए कोर्ट ने उमेश पाल अपहरण मामले में माफिया से नेता बने अतीक अहमद, दिनेश पासी और खान सौलत हनीफ को दोषी करार दिया है। अतीक अहमद के भाई अशरफ सहित अन्य सभी 7 अभियुक्तों को अदालत ने बरी कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर अतीक अहमद को उम्र कैद मिली है। उमेश पाल अपहरण मामले में माफिया अतीक अहमद, उसके करीबी शौकत हनीफ, दिनेश पासी को प्रयागराज जिला न्यायालय की एमपी एमएलए विशेष न्यायाधीश डॉ. दिनेश चंद्र शुक्ला ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।
उमेश सुनवाई के बाद तकरीबन साढ़े चार बजे जैसे ही घर पहुंचे, बदमाशों ने उनकी हत्या कर दी। इस मामले में भी अतीक, अशरफ, अतीक के बेटे सहित उसकी पत्नी को आरोपी बनाया गया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील वैश्य के मुताबिक इस मामले में कोर्ट ने 17 फरवरी को सुनवाई पूरी कर ली थी।
और 28 फरवरी को फैसला सुनाने की तिथि निर्धारित की है। जिला शासकीय अधिवक्ता अपराध गुलाब चंद्र अग्रहरि ने बताया कि मामला संवेदनशील होने की वजह से पुलिस कमिश्नर से कचहरी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पत्र लिखा गया है।
कोर्ट ने तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए ट्रायल कोर्ट को दो महीने में सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया था। उसके बाद से ही उमेश पाल अपहरण कांड में रोजाना सुनवाई होने लगी। 24 फरवरी को जिस दिन उमेश पाल की हत्या हुई, इसी केस के सिलसिले में वह कोर्ट से ही लौटे थे। उस दिन बचाव पक्ष की ओर से बहस हो रही थी।







