
संजय कुमार राय, देशज टाइम्स अपराध ब्यूरो प्रमुख। गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्नि सेवक सेवा के महानिदेशक सह समादेष्टा शोभा अहोतकर ने पुलिस महानिरीक्षक सह अपर महा समादेष्टा विकास वैभव से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण की मांग (DG Shobha Ahotkar asks show cause from IG Vikas Vaibhav) की हैं।
उक्त स्पष्टीकरण में कहा गया हैं कि ट्विटर हेंडल, व्हाट्सएप आदि मीडिया पर नौ फरवरी के सुबह से किया गया ट्वीट वायरल हो रहा हैं। ट्विटर पर आपके ओर से किये गये ट्वीट के प्रति पत्र सलंग्न हैं।
उक्त ट्विटर में लिखा गया हैं कि एक डीजी रेंक की महिला अधिकारी से गालियां सुन रहें हैं। आपकी ओर से यह भी कहा गया हैं कि आपकी ओर से रिकार्ड भी किया गया हैं। वायरल मैसेज में आपकी ओर से रिकार्डिंग किये जाने की बात पब्लिक डोमेन में भी आई हैं।
डीजी अहोतकर ने कहा है कि इससे स्पष्ट होता हैं कि आपकी ओर से कार्यालय में बैठक के दौरान हुये चर्चाओं की रिकार्डिंग की जाती हैं। उन्होंने पत्र में कहा हैं कि यह आपकी गलत मंशा का द्योतक हैं। साथ ही, यह official secret act का उल्लंघन है।
आपका उक्त आचरण एक वरीय पुलिस अधिकारी के आचरण के सर्वथा प्रतिकूल हैं। आपकी अनुशासनहीनता, कर्तव्यहीनता एवं विधि विरुद्ध कार्यों का द्योतक हैं। डीजी अहोतकर ने 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगते हुये कहा हैं कि क्यों नहीं आपके इस आचरण के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई के लिये राज्य सरकार से अनुशंसा की जाय।
अब ऐसे में सवाल उठता है कि पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव क्या बिना किसी बात के ऐसा कर सकते हैं? कई लोगों से इस संबंध में बात हुई और हमने जानकारी लेने का प्रयास किया तो आईपीएस विकास वैभव बहुत ही कर्मठ और ईमानदार पदाधिकारी हैं।
विकास वैभव अच्छे कुल खानदान से हैं। हजारों लोगों का कहना हैं कि आईपीएस विकास वैभव बिना किसी कारण के डीजी पर आरोप नहीं लगा सकते। लोगों का यह भी कहना कि गाली-गलौज का सिलसिला ज्यादा दिनों से कार्यालय में हो रहा होगा, जिसे सुनते-सुनते श्री वैभव अपना आपा खो दिये और ट्विटर हेंडल पर लिख दिया और कुछ ही देर में डिलीट भी कर दिया।
लोगों का कहना हैं कि ऐसे में स्पष्टीकरण पूछकर डीजी खुद पद की गरिमा को गिरा रही हैं। हालांकि सूचना हैं कि इस घटना से व्यथित आईपीएस वैभव लंबी छुट्टी पर गये हैं।







