मुख्य बातें: वर्ष 2012 में गायब हुए बच्चे को ग्रामीणों ने वर्ष 2020 में मुजफ्फरपुर स्थित एक लाइन होटल से किया था बरामद, मध्य प्रदेश के एक व्यक्ति ने उक्त बच्चा उनका होने की दावेदारी करते हुए मध्य प्रदेश के न्यायालय में दायर किया था परिवाद, कोर्ट ने उस बच्चे को हाजिर करने का मध्य प्रदेश पुलिस को दिया था निर्देश फोटो : अरेर थाना के नवटोली गांव में ग्रामीणों से वार्ता करती अरेर थाना पुलिस
बेनीपट्टी, मधुबनी देशज टाइम्स। अरेर थाना के नगवास पंचायत के नवटोली गांव में न्यायालय के आदेश पर घर से बच्चे को निकालकर जबरन ले जा रही पुलिस के वाहन को ग्रामीणों ने घेर लिया।






जानकारी के अनुसार, अवैध परिवार के सदस्यों की गैरमौजूदगी में घर से बच्चे को लेकर जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने अरेर थाना के एक वाहन को घेर लिया। वहीं, बच्चा वापस लाने की जिद पर अड़ गए।
ग्रामीणों के अनुसार, नगवास पंचायत के अमर साह का तीसरे नंबर का पुत्र अजय कुमार साह वर्ष 2012 में गायब हो गया था। इसकी काफी खोजबीन की गई। लेकिन, कहीं भी पता नहीं चला। उक्त बच्चे की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी।
इस बीच, वर्ष 2020 में अमर साह को सूचना मिली कि उनका बच्चा मुजफ्फरपुर में है। इस सूचना के आधार पर बच्चे के परिजनों ने कुछ ग्रामीणों के साथ मुजफ्फरपुर जाकर वहां के एक लाइन होटल से उस बच्चे को बरामद की थी।
फिलहाल, उस बच्चा की उम्र इस समय करीब 23 वर्ष बताई जा रही है। और, उसकी मानसिक स्थिति अब भी ठीक नहीं दिख रही है। लाइन होटल से बच्चा के लाने के कुछ दिन बाद मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के हरसूद तहसील के निशानियां निवासी गणेश ने उक्त बच्चा उनके भाई राम विलास पटेल के पुत्र का होने का दावा करते हुए खंडवा न्यायालय में परिवाद दायर किया था।
इसकी सुनवाई के क्रम में न्यायालय ने उक्त बच्चे को हाजिर करने का आदेश खंडवा पुलिस को दिया था। इसके आलोक में खंडवा पुलिस ने मंगलवार को अरेर थाना पुलिस के सहयोग से नवटोली पहुंचकर घर से जबरन बच्चे को अपने साथ लेकर जा रही थी।
खंडवा पुलिस की गाड़ी आगे निकलते ही उक्त बच्चा के परिजन व ग्रामीण आक्रोशित हो गये और अरेर थाना के एक वाहन को घेर कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
परिजनों का आरोप था कि घर के सदस्यों की गैरमौजूदगी में पुलिस गेट तोड़कर घर से बच्चा को निकालकर जबरन ले गई, जिसे वापस लाया जाये और एकरारनामा बनाने के बाद विधिवत तरीके से ले जाया जाये।
ग्रामीणों ने पुलिस पर घर की महिला सदस्य के साथ बदसलूकी करने का भी आरोप लगाया। अमर साह ने उक्त बच्चा उनका होने का पुनः दावा करते हुए पुलिस को आवेदन भी सौंपा इसमें उक्त बच्चे की डीएनए टेस्ट कराने की मांग की।
उधर थाना का वाहन घेरे जाने की सूचना मिलते ही पतौना, रहिका, कलुआही और खिरहर समेत अन्य थाना की पुलिस पहुंची और घंटों मशक्कत करने के बाद बच्चा का डीएनए टेस्ट के रिपोर्ट के आधार पर संबंधित वास्तविक व्यक्ति को बच्चा सौंपने का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया जा सका। और, अरेर थाना के वाहन को मुक्त कराया जा सका।








