शराबबंदी को सख्त और कारगर बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय में पदस्थापित अपर पुलिस महानिदेशक-पुलिस महानिरीक्षक स्तर के एक दर्जन अधिकारियों को मध निषेध में विभिन्न जिलों में की जा रही कार्रवाई के अनुश्रवण के लिए क्षेत्र आवंटित किया गया है।
वहीं, आज जब सीएम नीतीश कुमार सचिवालय होते जा रहे थे तभी उन्हें शराबबंदी का ख्याल आ गया। फिर क्या था, सीएम श्री कुमार तत्काल उसके सबसे खास स्पेशल अधिकारी से मिलने के लिए रूक गए।
जानकारी के अनुसार, अचानक से सीएम श्री कुमार सचिवालय के बाहर रुक गए और मद्य निषेध विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक को ढूंढने लगे। इतना ही नहीं, वहां रुक गए तो उनकी नजर मद्य निषेध विभाग के मंत्री और अधिकारियों को खोजने लगी। सबके बारे में मुख्यमंत्री जानकारी लेने लगेञ सीएम नीतीश कुमार ने वहां मौजूद कर्मचारियों से यह भी पूछ ही लिया, अधिकारी और मंत्री विभाग में समय से आते हैं या नहीं।
जानकारी के अनुसार सीएम नीतीश कुमार विकास भवन में स्वास्थ्य विभाग के कमांड एंड कंट्रोल रूम का उद्घाटन करने के बाद सचिवालय आए थे। यहां से होकर वह गुजर रहे थे तभी उनका ध्यान शराबबंदी पर लग गया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने केके पाठक से मद्य निषेध विभाग की ओर से चलाए जा रहे शराबबंदी अभियान की जानकारी ली। विकास भवन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मद्य निषेध विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक से पूछा, शराबबंदी अभियान के लिए जो कार्यक्रम चलाया जाना है, उसकी तैयारी पूरी हो गयी या नहीं।
साथ ही नीतीश कुमार ने कार्यक्रम के लिए तैयार किए जा रहे हैं रोडमैप की भी जानकारी ली। जाते-जाते सीएम नीतीश ने केके पाठक से पूछा,कहीं कोई दिक्कत तो नहीं है न। यहां पर सब ठीक ठाक है नऔर ज
















