दरभंगा, देशज टाइम्स ब्यूरो। केंद्र की मोदी सरकार का वादा देश में 22 AIIMS देने का है। इसी के तहत एक एम्स दरभंगा में भी बनने वाला था। मगर, बीच में जो घटनाक्रम हुए, सबके सामने है। कुछ लिखने की जरूरत नहीं है। बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी दरभंगा आए। एम्स को लेकर कुछ कहा, फिर बयानबाजी, पुतला दहन सबकुछ हुआ।
सीएम नीतीश कुमार ने भी अपनी बात रखी। मगर, अब जो जानकारी छनकर आ रही है। वह, संतोष देने के लिए काफी है। हाल ही में अश्विन चौबे दरभंगा के बहेड़ी पहुंचे। यहां कहा, दरभंगा में एम्स बनेगा।






सवाल यह नहीं है कि इसका श्रेय किसे मिले, कौन ले, कौन नहीं ले। सवाल दरभंगा का है, यहां एम्स निर्माण होना चाहिए। पप्पू यादव भी दरभंगा आए। कह गए, दरभंगा में ना सही सहरसा में ही सही।
मगर, दरभंगावासियों को बात उन दिनों की आज भी याद है जब 15 सितंबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बिहार के दरभंगा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की स्थापना की मंजूरी दी थी। कहा गया था, एम्स को प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के तहत स्थापित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट में लिखा था, दरभंगा में एम्स के निर्माण से जहां बिहार के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी। वहीं, स्वस्थ भारत के संकल्प को भी नया बल मिलेगा। इससे न केवल हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को ट्रेनिंग मिलेगी, बल्कि आसपास के लोगों को रोजगार भी प्राप्त होगा।
एम्स के निर्माण में कुल लागत 1264 करोड़ रुपये आएगी। और, भारत सरकार से मंजूरी मिलने की तारीख से 48 महीने की समयावधि के भीतर इसके पूरा हो जाने की संभावना है। मगर, इसमें फिलहाल पेंच फंसा है। दरभंगा में एम्स बनेगा या नहीं इसको लेकर कयास और संभावनाओं की बादल छंटने का नाम नहीं ले रही।
हालांकि, दरभंगा में AIIMS की स्थापना कब होगी? होगी भी या नहीं। इसपर थोड़े से संशय के बादल जरूर छंट गए हैं। देश के सात एम्स निर्माण पर पीएम मोदी की समीक्षा से यह उम्मीदें जगी हैं।








