Bihar Pension Cut: बिहार में सरकारी कामकाज में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर अब रिटायरमेंट के बाद भी कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में बिहार के भागलपुर जिले के गोराडीह अंचल के पूर्व अंचलाधिकारी (CO) नवीन भूषण की पेंशन में कटौती का आदेश जारी किया गया है। विभागीय जांच में दाखिल-खारिज के मामलों में गंभीर लापरवाही के आरोप सही पाए गए हैं।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। महेंद्र पाल, जो विभाग के अपर सचिव हैं, उन्होंने नवीन भूषण की पेंशन में एक साल तक पांच प्रतिशत की कटौती का आदेश दिया है। यह कार्रवाई उनकी सेवानिवृति के बाद की गई है, जो दर्शाता है कि सरकारी सेवा में लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी, चाहे अधिकारी पद पर हो या सेवानिवृत हो चुका हो।






क्या था पूर्व CO नवीन भूषण पर आरोप?
पूर्व अंचलाधिकारी नवीन भूषण पर गोराडीह अंचल में अपने कार्यकाल के दौरान दाखिल-खारिज (जमीन का दाखिल-खारिज) से जुड़े मामलों में घोर लापरवाही बरतने का आरोप था। यह शिकायतें लंबे समय से लंबित थीं, जिसके बाद विभाग ने इसकी गंभीरता से जांच की।
विभागीय जांच के दौरान सभी साक्ष्यों की गहनता से पड़ताल की गई। जांच में पाया गया कि नवीन भूषण ने अपने कर्तव्यों का सही ढंग से पालन नहीं किया और दाखिल-खारिज के कई महत्वपूर्ण मामलों में अनावश्यक देरी की या नियमों की अनदेखी की। इन आरोपों की पुष्टि होने के बाद ही उन पर यह कार्रवाई की गई है।
राजस्व विभाग का सख्त संदेश
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा की गई यह कार्रवाई एक बड़ा संदेश देती है। यह स्पष्ट करता है कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और समयबद्धता बेहद जरूरी है। महेंद्र पाल के आदेश से यह भी साफ है कि अधिकारी चाहे किसी भी पद पर हों या सेवानिवृत हो जाएं, उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों के प्रति जवाबदेह रहना होगा।
इस फैसले से अन्य अधिकारियों में भी यह संदेश जाएगा कि उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और तत्परता से करना चाहिए, अन्यथा उन्हें भी ऐसी ही कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। यह कदम सरकारी कामकाज में सुधार लाने और जनता को बेहतर सेवा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।








