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फ़रवरी, 11, 2026
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National Politics| राष्ट्रवाद । आड़ । सरकार। चापलूस । देश। समाज। विरोधी मीडिया….। पनपा है…Smriti, Navneet, Madhavi, Rekha और Anna Malai@NEET

4 जून को चुनाव नतीजे आने के बाद से लगातार विपक्ष ने कई जगह वोटों की गिनती में गड़बड़ी की आशंका जताई है। उत्तर प्रदेश समेत कई जगहों पर विपक्ष की तरफ से दावा किया जा रहा है कि उसके उम्मीदवार सिर्फ चंद वोटों से चुनाव हारे हैं। ईवीएम की गिनती में भी हेरफेर की आशंका जताई जा रही है। तरह-तरह के आंकड़े तमाम सोशल मीडिया मंचों पर साझा किए जा रहे हैं। इनसे यह संदेह लगातार पुष्ट हो रहा है, गड़बड़ी हुई है। और, अगर आंकड़ों में किसी तरह से सुधार किया जा सके तो नतीजों में कुछ ऊपर-नीचे होने की संभावना हो सकती है। फिर विपक्ष संयुक्त रूप से अदालत में चुनाव याचिका क्यों नहीं दायर कर रहा है? चुनाव आयोग निष्पक्ष और ईमानदार नहीं रहा है। उसके आंकड़ों को चुनौती मिलनी ही चाहिए। नियम के मुताबिक, नतीजे घोषित होने के 45 दिन के भीतर इसे चुनौती दी जा सकती है। विपक्ष को यह कदम उठाना ही चाहिए।

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देशज टाइम्स | Highlights -

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National Politics| राष्ट्रवाद । आड़ । सरकार। चापलूस । देश। समाज। विरोधी मीडिया….। पनपा है…Smriti, Navneet, Madhavi, Rekha और Anna Malai@NEET | जहां… स्मृति ईरानी, नवनीत राना, माधवी लता , रेखा पात्रा और अन्ना मलाई। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने बीजेपी के इन पांच अलग-अलग प्रांतों के चेहरों का इस बार लोकसभा चुनावों में मतदान से पहले भरपूर प्रचार किया। और, इनके बहाने सुनियोजित तरीके से बीजेपी के पक्ष में और विपक्ष के खिलाफ इमेज बिल्डिंग का काम किया।

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National Politics News| लंबे-लंबे इंटरव्यू, विशेष कार्यक्रम, हर तरह के ड्रामे का जबरदस्त कवरेज

लंबे-लंबे इंटरव्यू, विशेष कार्यक्रम, हर तरह के ड्रामे का जबरदस्त कवरेज करके ऐसा माहौल बनाया गया था, ऐसा नैरेटिव गढ़ा गया था जैसे इनके जरिये कुछ अनोखा होने वाला है। पहली बार चुनाव मैदान में असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ उतरी माधवी लता तो तमाम चैनलों की इस क़दर चहेती बन गई थीं कि लगभग रोज़ कहीं न कहीं छाई रहती थीं।

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National Politics News| मस्जिद पर तीर चलाने का अभिनय करती उनकी तस्वीर और वीडियो

मस्जिद पर तीर चलाने का अभिनय करती उनकी तस्वीर और वीडियो काफी चर्चा में रहे थे। अन्ना मलाई के बारे में ऐसा माहौल बनाया गया था जैसे तमिलनाडु में इस बार उनके कंधों पर चढ कर बीजेपी का तूफान ही आ जाएगा। संदेशखाली की रेखा पात्रा को ममता बनर्जी के शासन में महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों के प्रतीक के रूप में मीडिया ने बहुत स्पेस दिया।

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National Politics News| इस सब के पीछे बीजेपी का दबाव था, तब मीडिया ने बीजेपी को अनछुआ छोड़ दिया

इस कांड की आड़ में ममता बनर्जी को घेरा गया, खूब कोर्ट कचहरी भी हुआ। लेकिन जब संदेशखाली की कुछ महिला शिकायतकर्ताओं ने अपनी शिकायतें वापस ले लीं और उन्हीं के माध्यम से यह जानकारी मिली कि इस सब के पीछे बीजेपी का दबाव था, तब मीडिया ने बीजेपी को अनछुआ छोड़ दिया।

National Politics News| ये सब हारे। लेकिन, इनके पक्ष में माहौल बनाने का काम उसी मीडिया ने किया

ये सब हारे। लेकिन, इनके पक्ष में माहौल बनाने का काम उसी मीडिया ने किया जिसने पूरे दस साल राहुल गांधी को पप्पू साबित करने में भरपूर ऊर्जा लगाई। अब मीडिया सच कम दिखाता है, झूठ ज्यादा फैलाता है। मोदी के दौर में राष्ट्रवाद की आड़ में सरकार का चापलूस, देश और समाज विरोधी मीडिया पनपा है।

National Politics News| जो कांग्रेस चुनाव से पहले और चुनाव प्रचार के दौरान

जो कांग्रेस चुनाव से पहले और चुनाव प्रचार के दौरान युवाओं और छात्रों के मुद्दे जोरशोर से उठा रही थी और युवा मतदाताओं में उसके प्रति एक सकारात्मक रुझान बनने लगा था और जिसका असर भी नतीजों मे देखने को मिला, वह कांग्रेस NEET परीक्षा में धाँधली से लाखों छात्रों पर बुरे असर के देशव्यापी मुद्दे पर सिर्फ ट्विटर पर बयान से अपने विरोध की खानापूर्ति करके संतुष्ट है।

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National Politics News| क्यों साहब? कहां गए कांग्रेस के युवा नेता, संगठन,एनएसयूआई वगैरह?

क्यों साहब? कहां गये कांग्रेस के युवा नेता, संगठन, विश्वविद्यालयों में चुनाव लड़ने वाले एनएसयूआई वगैरह? वे सब दिल्ली के जंतर मंतर से लेकर राज्यों में धरना-प्रदर्शन आदि क्यों नहीं कर रहे? कांग्रेस के नेता क्या सिर्फ राहुल गांधी की जयजयकार में डूबे रहेंगे? और राहुल गांधी को यह क्यों नहीं याद रहा?

National Politics News| राहुल तो इस समय चुनाव नतीजों से ऐसे जोश में हैं

राहुल तो इस समय चुनाव नतीजों से ऐसे जोश में हैं कि दूर तक काम आने वाली बहुत सी जरूरी बातें भूल ही जा रहे हैं। रायबरेली में जीत के बाद मतदाताओं के धन्यवाद ज्ञापन के मंच पर उन्होंने एक तो प्रियंका गांधी की तारीफ में यह कहते हुए कि प्रियंका लड़तीं तो नरेंद्र मोदी दो-तीन लाख वोट से हार जाते, बनारस से गठबंधन के उम्मीदवार और अपनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का अनजाने में ही दिल दुखा दिया गोया अजय राय की मेहनत में कुछ कमी रह गई।

National Politics News| चुनावी जोड़ीदार अखिलेश यादव को क्यों नहीं बुलाया, यह समझ से परे है

दूसरा, उन्होंने इस कार्यक्रम में अपने चुनावी जोड़ीदार अखिलेश यादव को क्यों नहीं बुलाया, यह समझ से परे है। राहुल गांधी को यह नहीं भूलना चाहिए कि अगर अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को कांग्रेस के साथ न लगाया होता तो शायद उत्तर प्रदेश में ज़मीन पर इतना जबरदस्त जलवा न दिखता।राहुल गांधी का अपना करिश्मा भी बहुत तगड़ा था लेकिन अखिलेश ने जिस तरह गठबंधन धर्म निभाया, उसके लिये राहुल गांधी और समूची कांग्रेस पार्टी को खुले मन से हर मंच से उनका अभिनंदन करना चाहिए।

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National Politics News| कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि आजकल राजनीति में

अभी, उत्तर प्रदेश मे विधानसभा का चुनाव भी लड़ना है तो दोनों दलों में साझेदारी और गाढ़ी होनी चाहिए और दोनों नेताओं के बीच तालमेल का यह संदेश आम जनता को भी दिखना चाहिए। राहुल गांधी और कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि आजकल राजनीति में धारणाओं की बड़ी अहम भूमिका हो गई है।

National Politics News| आप जो सोचते हैं, जो करते हैं, वह लोगों को दिखना भी चाहिए

आप जो सोचते हैं, जो करते हैं, वह लोगों को दिखना भी चाहिए। बेहतर हो कि कांग्रेस चुनाव नतीजों की ख़ुमारी से उबर कर अब आगे जनता के हक में तमाम मोर्चों पर लड़ती दिखाई देने की तैयारी करे। कांग्रेस विपक्ष में है तो उसे सबसे बड़े विपक्षी दल की तरह सबसे आगे दिखना भी चाहिए। (यह लेखक के अपने विचार)

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