
Darbhanga News: दरभंगा की अदालत में आज इंसाफ का हथौड़ा कुछ यूं चला कि कई संगीन आरोपियों की रिहाई की उम्मीदें चकनाचूर हो गईं। हत्या से लेकर अपहरण तक के गंभीर मामलों में उलझे अभियुक्तों को सत्र न्यायालय से कोई राहत नहीं मिली, जिसके बाद अब उनके लिए आगे का रास्ता और भी मुश्किल हो गया है।
Darbhanga News: इन संगीन मामलों में नहीं मिली राहत
दरभंगा व्यवहार न्यायालय में मंगलवार का दिन कई आपराधिक मामलों के आरोपियों के लिए निराशाजनक साबित हुआ। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार पाण्डेय की अदालत ने एक के बाद एक तीन महत्वपूर्ण मामलों में जमानत अर्जियों को खारिज कर दिया। सबसे पहला मामला सोनकी थाना क्षेत्र के चिकनी गांव से जुड़ा था, जहां हत्या के एक मामले में आरोपी गोविंद मंडल और मनचून देवी ने जमानत के लिए गुहार लगाई थी। अभियोजन पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने सोनकी थानाकांड संख्या 172/25 में दोनों की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इसी अदालत ने एक अन्य गंभीर मामले में भी आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया। मामला जाले थाना में दर्ज प्राथमिकी संख्या 193/25 से संबंधित है, जिसमें श्याम महतो नामक व्यक्ति पर कपड़े की दुकान में काम दिलाने के बहाने एक लड़की को ले जाकर गायब कर देने का संगीन आरोप है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी श्याम महतो की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी। इसके अतिरिक्त, एक विवाहित महिला को भगाने के जुर्म में दर्ज जाले थानाकांड संख्या 91/23 में भी अभियुक्त जीतेंद्र साह और मीना देवी को झटका लगा। अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को भी खारिज कर दिया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
एक और हत्या मामले में जमानत अर्जी खारिज- Advertisement -
वहीं, एक अन्य अदालत में भी हत्या के आरोपी को जमानत नहीं मिल सकी। एडीजे आदिदेव की अदालत में सदर थानाकांड संख्या 165/25 की सुनवाई हुई। इस मामले में रन्ना गांव की रहने वाली श्यामा देवी उर्फ रंजू देवी हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं। अभियोजन पक्ष ने उनकी जमानत का पुरजोर विरोध किया, जिसके बाद अदालत ने उनकी अर्जी को नामंजूर कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन सभी मामलों में जमानत खारिज होने के बाद अब आरोपियों के पास राहत पाने के लिए पटना उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का ही एकमात्र विकल्प बचा है।


