Darbhanga Sujani Art: धागे में सपना पिरोकर और हुनर को पंख लगाकर, दरभंगा की 30 महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की एक नई इबारत लिख दी है। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय और हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद, पटना की संयुक्त पहल से अनादि फाउंडेशन के पिंडारुच प्रांगण में आयोजित 110 दिवसीय सुजनी प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। अक्टूबर माह में शुरू हुए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सुजनी कला को मिथिला कला के साथ मिलाकर एक नई शैली विकसित करना और महिला कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था।
Darbhanga Sujani Art के साथ मिथिला कला का अद्भुत संगम
इस पांच महीने लंबे प्रशिक्षण कार्यक्रम को कई चरणों में बांटा गया था, ताकि महिलाओं को कला की बारीकियों से लेकर बाजार की समझ तक हर पहलू में निपुण बनाया जा सके। पहले दो महीनों में, राज्य पुरस्कार विजेता श्रीमती संजू देवी ने महिलाओं को पारंपरिक सुजनी बनाने की कला सिखाई। इसके बाद के दो महीनों में, निफ्ट-दिल्ली से पढ़ी हुईं डिजाइनर श्रीमती अश्विनी प्रकाश ने उत्पाद-डिजाइन का प्रशिक्षण दिया, जिसमें आधुनिक बाजार की मांगों के अनुसार उत्पादों को नया रूप देना सिखाया गया। यह कार्यक्रम सिर्फ कला सिखाने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम था। प्रशिक्षण के दौरान केंद्र सरकार द्वारा सभी 30 प्रतिभागी महिलाओं को 300 रुपये प्रतिदिन का भत्ता भी प्रदान किया गया, जिससे उनकी आर्थिक चिंताएं दूर हुईं।

कार्यक्रम के अंतिम महीने में सॉफ्ट-स्किल ट्रेनिंग पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसमें विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा महिलाओं को महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई, जैसे:
- मार्केटिंग और ब्रांडिंग
- जीएसटी और कंपनी रजिस्ट्रेशन
- स्टार्ट-अप और ऑडिटिंग
- ट्रेड फेयर में भागीदारी
- बैंकिंग और लोन प्रक्रिया
इस व्यापक प्रशिक्षण के दौरान, महिला कारीगरों ने 20 से अधिक नए सुजनी उत्पादों के प्रोटोटाइप विकसित किए, जिनमें साड़ी, दुपट्टा, बेडशीट, बैग और घर की सजावट के सामान शामिल हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद महिलाओं ने जिस लगन और नियमितता से इस लंबे प्रशिक्षण को पूरा किया, उसकी अधिकारियों ने भी जमकर सराहना की है।
पद्मश्री से मिला मार्गदर्शन, अब बाजार में धूम मचाने की तैयारी
प्रशिक्षण के व्यावहारिक अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए, इन महिलाओं को मुजफ्फरपुर के भुसरा गांव का क्लस्टर विजिट भी कराया गया। यहां उन्हें सुजनी कला की पुरोधा पद्मश्री निर्मला देवी से सीधे संवाद करने और सीखने का अवसर मिला। कार्यक्रम की प्रशिक्षक श्रीमती संजू देवी ने भी इस दौरान उनका मार्गदर्शन किया। इस दौरे से महिलाओं को कला की व्यावसायिक संभावनाओं को समझने में काफी मदद मिली। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/। अब ये प्रशिक्षित कारीगर अपने हुनर से खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
कार्यक्रम के सफल समापन के बाद, यह उम्मीद जताई जा रही है कि इस वित्तीय वर्ष में ये महिलाएं दरभंगा जिले से सुजनी उत्पादों के व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल एक कला को संरक्षित कर रहा है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर एक बेहतर भविष्य की नींव भी रख रहा है, जिससे दरभंगा जिले से Sujani Art के व्यापार को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी।







