Maize Crop Loss: दरभंगा के कमतौल में किसानों पर आफत टूटी है। खरीफ फसल की भरपाई के लिए लगाई गई मक्के की खेती अब मौसम की मार से बर्बादी की कगार पर है। बुधवार शाम आई तेज आंधी और बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।दरभंगा जिले के कमतौल में किसानों के लिए यह मौसम फिर एक बार परेशानी लेकर आया है। खरीफ फसल में हुए भारी नुकसान के बाद जिस मक्के की खेती से उन्हें उम्मीद थी, अब वह भी हाथ से निकलती दिख रही है। बुधवार देर शाम आई तेज आंधी और बारिश ने खेतों में खड़ी मक्के की फसल को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है।
मौसम की मार: कैसे हुआ मक्का फसल का नुकसान?
खेतों में बड़े पैमाने पर मक्के के पौधे टूटकर जमीन पर गिर गए हैं। लगातार पानी जमा रहने के कारण पौधों का रंग पीला पड़ने लगा है, जिससे फसल के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। अहियारी दक्षिणी पंचायत के गोट निवासी किसान सकलदेव राय और कपिलदेव राय ने बताया कि उन्होंने चार एकड़ में मक्के की खेती सिर्फ इसलिए की थी ताकि खरीफ फसल के नुकसान की भरपाई हो सके।

किसानों पर गहराता कर्ज और सरकार की बेरुखी
मक्के की फसल चौपट होने से किसानों को दोहरा नुकसान हुआ है। एक तरफ खरीफ फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी थी, अब यह Maize Crop Loss भी उनके लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। किसान चंद्रजीत राय ने दुख जताते हुए कहा कि पिछले साल धान की फसल बारिश से बर्बाद हुई थी और अब मक्के पर आफत आ गई है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि किसान कर्ज में डूबते जा रहे हैं और सरकार इस किसान संकट पर आंखें मूंदे हुए है।हालात ऐसे हैं कि कई किसान अब अपनी अगली खेती के लिए पूंजी जुटाने को लेकर परेशान हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस मुश्किल घड़ी में सरकार से उचित मुआवजे और समर्थन की उम्मीद कर रहे हैं ताकि उन्हें इस वित्तीय संकट से उबरने में मदद मिल सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/







