
मुजफ्फरपुर बाल गृह: बिहार के मुजफ्फरपुर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां नरौली स्थित वृहद आश्रय गृह से एक साथ 10 बच्चे फरार हो गए। इस घटना से प्रशासन में हड़कंप मच गया और समाज कल्याण विभाग ने तुरंत एक्शन लेते हुए बड़ी कार्रवाई की है।
जानकारी के अनुसार, नरौली स्थित वृहद आश्रय गृह (बाल गृह) से अचानक 10 बच्चों के लापता होने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस अलर्ट हो गई। बच्चों की तलाश में सघन छानबीन शुरू कर दी गई है। इस गंभीर लापरवाही पर बिहार सरकार ने तुरंत संज्ञान लिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
निलंबन की गाज गिरी: कौन-कौन हुआ सस्पेंड?
समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता के निर्देश पर इस मामले में तत्काल कार्रवाई की गई है। मुजफ्फरपुर बाल गृह के अधीक्षक अविनाश डे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके अलावा, संस्था के गृह फादर और सुरक्षा व्यवस्था में तैनात 5 होमगार्ड जवान भी निलंबित किए गए हैं। इस प्रकार, लापरवाही के आरोप में कुल 7 लोगों पर निलंबन की गाज गिरी है। डॉ. श्वेता गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निलंबित कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
सुरक्षा में सेंध और आगे की कार्रवाई
यह घटना बिहार के बाल संरक्षण प्रणाली में सुरक्षा और निगरानी की गंभीर खामियों को उजागर करती है। फरार बच्चों की तलाश के लिए पुलिस की विशेष टीम गठित की गई है।
- मुजफ्फरपुर बाल गृह की सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की जा रही है।
- अन्य बाल गृहों में भी आकस्मिक निरीक्षण के निर्देश जारी किए गए हैं।
- समाज कल्याण विभाग ने आश्वासन दिया है कि सभी बच्चों को सुरक्षित वापस लाया जाएगा।
- दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बाल संरक्षण प्रणाली को और मजबूत किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
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