Darbhanga BDO News: दरभंगा केवटी प्रखंड के बीडीओ चंद्रमोहन पासवान के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को बिहार और नेपाल में उनके 6 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। ईओयू के अनुसार, तलाशी में बीडीओ चंद्रमोहन पासवान के पास आय से 81% (करीब 89 लाख रुपये) अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ है, जिससे सरकारी गलियारों में हड़कंप मच गया है।
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छापेमारी में चौंकाने वाले खुलासे: संपत्ति और निवेश का ब्यौरा
ईओयू की टीम ने छापेमारी के दौरान जमीन से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों का ब्यौरा, निवेश संबंधी कागजात और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। जांच में पता चला कि बीडीओ चंद्रमोहन पासवान की पत्नी और बच्चों के नाम पर संचालित 10 बैंक खातों के कागजात और एलआईसी की 8 पॉलिसियों के दस्तावेज भी मिले हैं, जिन पर हर साल लगभग दो लाख रुपये का प्रीमियम भरा जाता था। इसके अलावा, एक महिंद्रा बोलेरो और मारुति स्विफ्ट डिजायर गाड़ी के साथ-साथ आभूषण और अन्य खरीदारी से संबंधित रसीदें भी बरामद की गई हैं।
ईओयू ने बताया कि चंद्रमोहन पासवान दरभंगा के आवासीय भवन में पहला और दूसरा फ्लोर का निर्माण करा रहे हैं। वहीं, सेवा अवधि के दौरान पैतृक गांव बैंसी (बाबूबरही, मधुबनी) में आवासीय मकान, बाबूबरही में व्यावसायिक भवन और बहादुरपुर, दरभंगा में भी एक व्यावसायिक मकान बनाए जाने की जानकारी मिली है। इन सभी संपत्तियों का मूल्यांकन आगे की जांच में कराया जाएगा। विभिन्न बैंक खातों में जमा करीब 10 लाख रुपये की राशि को फ्रीज कर दिया गया है।
पिता के नाम हॉस्पिटल और करोड़ों के निवेश का आरोप
शिकायतकर्ता अंसारी ने दावा किया है कि बीडीओ चंद्रमोहन पासवान के पिता के नाम पर एक अस्पताल, ‘गुलाब तारा मेमोरियल हेल्थ केयर’, है जिसमें 50 लाख रुपये की मशीन लगी है। उन्होंने सरसों तेल के एक बड़े कारखाने और बहादुरपुर में माता-पिता के नाम पर संचालित ‘GT मार्ट’ का भी जिक्र किया। अंसारी ने ईओयू को सबूत सौंपते हुए आरोप लगाया कि सरकारी योजना से लगभग ढाई करोड़ रुपये की अवैध निकासी की गई है, जिसमें ‘सोनाली इंटरप्राइजेज’ नामक कंपनी का उपयोग किया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, बीडीओ चंद्रमोहन पासवान और उनकी पत्नी सविता कुमारी के नाम पर दरभंगा के बहादुरपुर थाना क्षेत्र सहित कई जगहों पर बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी गई है। उन्होंने 11 जमीन की डीड, 925 ग्राम सोना और नेपाल में संपत्ति से जुड़ी सूचनाएं भी जांच एजेंसी को उपलब्ध कराई थीं। ईओयू की टीम ने उनके पैतृक घर से लेकर ससुराल और अस्पताल तक छापेमारी की।
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विवादों से पुराना नाता, पेड़ों की कटाई का भी आरोप
चंद्रमोहन पासवान साल 2013 से प्रखंड विकास पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। वर्तमान में वे केवटी प्रखंड में पदस्थापित हैं, इससे पहले वे समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर और नानपुर प्रखंड में भी बीडीओ रह चुके हैं। वह पिछले दिनों तब भी चर्चा में आए थे, जब उन पर केवटी प्रखंड मुख्यालय परिसर से करीब आधा दर्जन हरे पेड़ों को कटवाकर घर ले जाने का आरोप लगा था। इस मामले में वन प्रमंडल की ओर से कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को पत्र भी भेजा गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी।
आर्थिक अपराध इकाई लंबे समय से चंद्रमोहन पासवान के वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों पर नजर रखे हुए थी। सत्यापन में मिले तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की संबंधित धाराओं के तहत आर्थिक अपराध का मामला दर्ज किया गया है।
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ईओयू अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान पूरा होने और दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद ही अंतिम जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। प्रारंभिक जांच में आय से 81.03 प्रतिशत अधिक संपत्ति के सबूत मिले हैं, और शिकायतकर्ता के दावों के अनुसार कुल आंकड़ा ढाई करोड़ रुपये से अधिक होने की संभावना है।







