Araria Road Accident News: अररिया-फारबिसगंज मुख्य मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना शनिवार को एनएच-27 फोरलेन सड़क पर लाइन चौक के पास हुई, जहां एक तेज रफ्तार ट्रक और मोटरसाइकिल के बीच आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। इस हृदय विदारक दुर्घटना में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान फारबिसगंज थाना क्षेत्र के खमकौल वार्ड संख्या दो निवासी 40 वर्षीय रविंद्र मंडल के रूप में की गई है, जो हरिहर मंडल के पुत्र थे।
इस भीषण हादसे के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने लगभग दो घंटे तक सड़क जाम कर अपना आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया। सड़क पर जाम लगने के कारण एनएच-27 पर यातायात बुरी तरह से बाधित हो गया, जिससे यात्रियों को कई घंटों तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह घटना एक बार फिर क्षेत्र में सड़क सुरक्षा के लचर इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
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एनएच-27 पर मौत का तांडव: आक्रोशित ग्रामीणों का सड़क पर प्रदर्शन
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार दोपहर फारबिसगंज से अररिया की ओर जा रहे रविंद्र मंडल की बाइक की टक्कर विपरीत दिशा से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक से हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और रविंद्र मंडल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दुर्घटनास्थल पर खून से लथपथ शव देखकर आसपास के लोग और राहगीर स्तब्ध रह गए। घटना की सूचना बिजली की तरह क्षेत्र में फैल गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।
आक्रोशित भीड़ ने तुरंत एनएच-27 को जाम कर दिया और नारेबाजी शुरू कर दी। उनका मुख्य आरोप सड़क निर्माण और मरम्मती से जुड़ी एजेंसी पर था। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि फोरलेन निर्माण के दौरान कई जगहों पर सड़क को काटा गया है, लेकिन इन कटों के पास मुड़ने या लेन बदलने के लिए कोई स्पष्ट संकेत या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। इसी घोर लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यह जानलेवा हादसा हुआ, जिसमें एक परिवार ने अपना मुखिया खो दिया।
स्थानीय निवासियों में सड़क निर्माण एजेंसी और जिला प्रशासन के प्रति भारी रोष देखा गया। Forbesganj Protest News के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन किया जाए और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। जाम के कारण एनएच-27 के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आवश्यक सेवाओं और रोजमर्रा के यातायात पर भी बुरा असर पड़ा।
प्रशासन का हस्तक्षेप और परिजनों का हृदय विदारक रुदन
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आया। अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) अभय कुमार तिवारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) राजकिशोर कुमार, सिमराहा थानाध्यक्ष प्रेम कुमार भारती, अंचल अधिकारी (सीओ) पंकज कुमार और एसआई शिवकुमार पासवान मौके पर पहुंचे। इन अधिकारियों और नेताओं ने आक्रोशित ग्रामीणों से धैर्यपूर्वक बातचीत की और उन्हें समझा-बुझाकर सड़क जाम समाप्त करने का आग्रह किया।
प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। काफी मशक्कत और घंटों की बातचीत के बाद, प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के आश्वासन पर भरोसा कर जाम हटा लिया, जिसके बाद एनएच-27 पर यातायात सामान्य हो सका। इस दौरान मौके पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात था।
मृतक रविंद्र मंडल की पत्नी ममता देवी और उनके परिवार के अन्य सदस्य जब घटनास्थल पर पहुंचे, तो उनके रुदन-क्रंदन से पूरा माहौल गमगीन हो गया। रविंद्र मंडल अपने पीछे पत्नी और दो छोटे पुत्र छोड़ गए हैं, जिनके सिर से अचानक पिता का साया उठ गया है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और अब उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। इस दुखद घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर फैला दी है।
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जिला प्रशासन ने इस पूरे मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता और जिम्मेदार एजेंसियों की जवाबदेही के महत्व पर बल देती है। सुरक्षित सड़कों का निर्माण और रखरखाव सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है ताकि ऐसे असमय मौतों को रोका जा सके।
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