Naugachia Crime News: पूर्व मध्य रेलवे के नवगछिया स्टेशन पर रेल यात्रियों के मोबाइल चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), अपराध शाखा गढ़हरा और राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के चार शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इन चोरों के पास से लगभग एक लाख रुपये मूल्य के छह चोरी के स्मार्टफोन बरामद किए गए हैं। इस सफलता से रेल यात्रियों ने काफी राहत महसूस की है, क्योंकि ऐसे अपराधों से यात्रा के दौरान असुरक्षा का माहौल बनता है।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई शुक्रवार दोपहर करीब 12:45 बजे उस समय शुरू हुई जब आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 पर गहन गश्त कर रही थी। पुलिसकर्मी लगातार यात्रियों की सुरक्षा और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। इसी दौरान, चार युवक जिनकी हरकतें संदिग्ध लग रही थीं, पुलिस को देखते ही अचानक भागने का प्रयास करने लगे।
सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए बिना समय गंवाए चारों युवकों को घेर लिया और उन्हें पकड़ने में सफलता हासिल की। पकड़े जाने के बाद जब उनकी तलाशी ली गई, तो उनके पास से विभिन्न ब्रांडों के छह स्मार्ट मोबाइल फोन बरामद हुए। इन फोनों के संबंध में पूछे जाने पर वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, जिससे पुलिस का संदेह और पुख्ता हो गया।
यात्रियों को ऐसे बनाते थे निशाना, नाम भी आए सामने
गिरफ्तार आरोपियों से की गई प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने ट्रेनों में सफर कर रहे और सो रहे यात्रियों को अपना निशाना बनाने की बात कबूल की है। ये चोर चलती ट्रेन या स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में यात्रियों की नींद का फायदा उठाकर उनके मोबाइल फोन चुरा लेते थे। बाद में इन चोरी के मोबाइलों को वे बाजार में बेच देते थे, जिससे उन्हें मोटी कमाई होती थी। इस तरह की घटनाओं से यात्रियों को न केवल आर्थिक नुकसान होता था, बल्कि मानसिक परेशानी भी उठानी पड़ती थी।
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सार्वजनिक की है। इनमें कटिहार जिला के कुर्सेला थाना क्षेत्र स्थित इंदिरा ग्राम वार्ड नंबर 10 निवासी मिट्ठू कुमार झा और अभिषेक कुमार झा उर्फ सागर शामिल हैं, जिनके पिता का नाम राजकुमार झा है। इसके अतिरिक्त, बेगूसराय जिला के साहेबपुर कमाल के निवासी गुड्डू कुमार और राजीव कुमार भी पकड़े गए हैं, जिनके पिता का नाम लक्ष्मी साहनी है। इन सभी पर मोबाइल चोरी के कई पुराने मामले भी दर्ज होने की आशंका है।
‘ऑपरेशन यात्री सुरक्षा’ की बड़ी सफलता, आगे की जांच जारी
नवगछिया आरपीएफ थाना प्रभारी मुन्ना कुमार पासी ने इस कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने पुष्टि की कि यह गिरफ्तारी रेलवे द्वारा चलाए जा रहे विशेष ‘ऑपरेशन यात्री सुरक्षा’ अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस अभियान के तहत रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में होने वाले अपराधों पर लगाम कसने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। बरामद किए गए सभी मोबाइल फोनों की कुल अनुमानित कीमत लगभग एक लाख रुपये बताई जा रही है, जो इस गिरोह के बड़े पैमाने पर सक्रिय होने का संकेत देती है।
पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि बरामद मोबाइलों में से एक के वास्तविक मालिक की पहचान कर ली गई है। उस यात्री का मोबाइल उसी दिन ट्रेन यात्रा के दौरान चोरी हुआ था, जिससे उसकी शिकायत के आधार पर इस मामले को आगे बढ़ाया जा रहा है। इस संबंध में रेल थाना खगड़िया में कांड संख्या 23/26 के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की आवश्यक कार्रवाई तेजी से की जा रही है।
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गिरफ्तार किए गए सभी चारों आरोपियों को राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) के हवाले कर दिया गया है। जीआरपी अब उनसे इस गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाने और उनके द्वारा की गई अन्य चोरी की घटनाओं का पता लगाने के लिए गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से मोबाइल चोरी की घटनाओं में कमी आएगी और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। Katihar Crime News से जुड़े ऐसे मामलों पर भी पुलिस की पैनी नजर है, ताकि अंतर-जिला गिरोहों पर अंकुश लगाया जा सके।
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रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा के दौरान सतर्क रहें और अपने सामान का विशेष ध्यान रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या चोरी की घटना की जानकारी तुरंत रेलवे पुलिस को दें, ताकि ऐसे अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा सके। यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा ताकि रेल यात्रा को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।







