Darbhanga Sharab News: दरभंगा जिले के घनश्यामपुर थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। पुलिस ने पोहद्दी बेला गांव से नशे की हालत में तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। इनमें बाप-बेटे भी शामिल हैं, जिन्हें शराबबंदी कानून तोड़ने के आरोप में पकड़ा गया। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है और बिहार में शराबबंदी कानून के सख्त पालन पर फिर से जोर दिया है।
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दरभंगा में शराबबंदी: नशे में धुत युवकों का हंगामा
यह मामला घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के पोहद्दी बेला गांव से जुड़ा है। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मोहम्मद इरफान (जो शेख दरमान के पुत्र हैं) और मोहम्मद आजाद (जो मोहम्मद मकबूल के पुत्र हैं) पोहद्दी बाजार में देर रात शराब के नशे में धुत होकर हंगामा कर रहे थे। दोनों युवक सार्वजनिक स्थान पर तेज-तेज आवाज में शोर मचा रहे थे, जिससे बाजार से गुजर रहे लोगों और स्थानीय दुकानदारों को काफी असुविधा हो रही थी।
इसी दौरान, घनश्यामपुर पुलिस की एक गश्ती टीम की नजर इन उपद्रवी युवकों पर पड़ी। पुलिसकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को मौके से हिरासत में ले लिया। उन्हें तत्काल थाना लाया गया और प्राथमिक पूछताछ के बाद थाना अभिरक्षा में रखा गया। पुलिस ने ब्रेथ एनालाइजर मशीन का उपयोग कर उनकी जांच की, जिसमें स्पष्ट रूप से अल्कोहल की मात्रा पाई गई।
बेटे को छुड़ाने थाने पहुंचा पिता भी निकला नशेड़ी
पुलिस मोहम्मद इरफान और मोहम्मद आजाद पर बिहार मद्य निषेध अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर ही रही थी कि कुछ देर बाद एक और अप्रत्याशित घटनाक्रम सामने आया। मोहम्मद मकबूल (जो मोहम्मद रहमान के पुत्र हैं) अपने बेटे मोहम्मद आजाद को पुलिस हिरासत से छुड़ाने के लिए घनश्यामपुर थाने पहुंचे।
हालांकि, थाने में मौजूद पुलिस अधिकारियों ने पाया कि मोहम्मद मकबूल भी नशे की हालत में थे। वे थाने में आते ही जोर-जोर से हो-हल्ला करने लगे और पुलिसकर्मियों से अपने बेटे को छोड़ने की मांग करने लगे। पुलिस ने उनकी संदिग्ध हरकतें देखकर तुरंत ब्रेथ एनालाइजर से उनकी भी जांच की। इस जांच में उनकी रिपोर्ट भी सकारात्मक आई, जिससे यह पुष्टि हो गई कि उन्होंने भी शराब का सेवन कर रखा था।
इसके बाद, पुलिस ने कोई रियायत न बरतते हुए मोहम्मद मकबूल को भी हिरासत में ले लिया। तीनों आरोपियों – मोहम्मद इरफान, मोहम्मद आजाद और मोहम्मद मकबूल – को नशे की हालत में पाए जाने के बाद थाने की अभिरक्षा में रखा गया। इस घटना ने पुलिसकर्मियों को भी हैरत में डाल दिया कि बेटा को छुड़ाने आया पिता भी खुद नशे में था।
शराबबंदी कानून के तहत कड़ी कार्रवाई, उत्पाद विभाग को सौंपा
घनश्यामपुर थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि तीनों व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर नशे की हालत में पाए गए थे। ब्रेथ एनालाइजर जांच में सभी में अल्कोहल की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई है। पुलिस ने बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2016 की संबंधित धाराओं के तहत तीनों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है।
प्राथमिकी दर्ज करने के बाद, पुलिस ने सभी तीन आरोपियों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए उत्पाद विभाग के हवाले कर दिया है। उत्पाद विभाग अब इस मामले में आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई करेगा। घनश्यामपुर, दरभंगा से संतोष कुमार सिंह की रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि बिहार में शराबबंदी कानून का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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बिहार में शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है। ऐसे मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई से न केवल कानून का सम्मान सुनिश्चित होता है, बल्कि समाज में भी एक सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगती है। यह घटना उन लोगों के लिए एक चेतावनी है जो शराबबंदी कानून को हल्के में लेते हैं और सार्वजनिक स्थानों पर नशे का सेवन कर उपद्रव मचाते हैं। पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है और इससे अपराध पर नियंत्रण में मदद मिलेगी।







