Bihar Weather: सोमवार देर शाम जाले प्रखंड में अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज हवाओं और गरज के साथ हुई बारिश ने लंबे समय से चली आ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत दी। हालांकि, जैसे ही मौसम ने करवट ली, प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए पूरे प्रखंड क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी। यही हाल सिंहवाड़ा का भी रहा।
बारिश और आंधी में क्यों काटी गई बिजली?
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि तेज हवाएं चलने से पहले ही पावर सब स्टेशन से बिजली की आपूर्ति रोक दी गई थी। विद्युत विभाग के कर्मियों ने इस फैसले के पीछे की वजह स्पष्ट की। उनका कहना है कि आंधी और बारिश के दौरान बिजली के तारों में फॉल्ट होने की आशंका काफी बढ़ जाती है। खासकर, जर्जर केबल और पुराने इंसुलेटर क्षतिग्रस्त होने का खतरा रहता है, जिससे बड़े नुकसान से बचने के लिए आपूर्ति बंद करना आवश्यक हो जाता है।






विभागीय कर्मियों का कहना है, ‘आंधी और बारिश के दौरान कई स्थानों पर बिजली के तारों में फॉल्ट की आशंका बढ़ जाती है। जर्जर केबल और पुराने इंसुलेटर के कारण क्षति से बचाव के लिए आपूर्ति बंद करनी पड़ती है।’
500 मीटर केबल जलने का पुराना डर
नगर परिषद क्षेत्र के निवासियों ने एक विशेष समस्या की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि साथी चौक से शंकर चौक के बीच लगभग 500 मीटर का बिजली का केबल पहले भी जल चुका है। इस बार भी, बारिश शुरू होते ही इस संवेदनशील हिस्से में फिर से फॉल्ट होने की आशंका को देखते हुए विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बंद रखी गई। सुरक्षा कारणों से उठाए गए इस कदम के चलते लोगों को रातभर बिजली कटौती का सामना करना पड़ा।
इस कदम से जहां एक ओर विद्युत दुर्घटनाओं का खतरा टल गया, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों को गर्मी से मिली राहत के साथ-साथ बिजली न होने की वजह से थोड़ी परेशानी भी झेलनी पड़ी। विभाग का कहना है कि यह कदम जन सुरक्षा के लिए उठाया गया है और स्थिति सामान्य होने पर आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।








