Darbhanga Child Marriage: दरभंगा जिले में बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर अंकुश लगाने और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। 22 जून 2026 को जाले स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय में ‘बाल विवाह मुक्त जागरूकता कार्यक्रम-सह-सखी वार्ता’ का आयोजन हुआ। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराना है।
महिला एवं बाल विकास निगम, दरभंगा और जिला प्रशासन, दरभंगा के निर्देशों पर जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन, दरभंगा ने यह कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं के साथ-साथ महिला पर्यवेक्षिकाएं, आंगनबाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं भी उपस्थित रहीं।






जागरूकता से सशक्तिकरण की ओर: जानें योजनाओं का लाभ
कार्यक्रम के दौरान, जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन की जेंडर स्पेशलिस्ट डॉली कुमारी ने ‘सखी वार्ता’ के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इसका लक्ष्य महिलाओं को जागरूक करके उनकी समस्याओं का समाधान विभिन्न विभागों के समन्वय से सुनिश्चित करना है। उन्होंने महिलाओं को बाल विवाह के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया और अपील की कि वे ऐसे किसी भी मामले की सूचना तत्काल महिला हेल्पलाइन 181 पर दें।
डॉली कुमारी ने महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा संचालित कई महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दी। इनमें सखी वन स्टॉप सेंटर, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महिला हेल्पलाइन-181, महिला सशक्तिकरण केंद्र, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा, शिक्षा और आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
घरेलू हिंसा, कार्यस्थल या ऑनलाइन हिंसा का सामना करने वाली महिलाओं के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर पर निःशुल्क सहायता उपलब्ध है। पीड़ित महिलाएं महिला हेल्पलाइन-181 पर संपर्क कर सकती हैं या सीधे सेंटर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं।
वित्तीय साक्षरता और स्वरोजगार पर जोर
वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ वीरेन्द्र कुमार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत महिला स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे महिलाएं सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकती हैं।
कार्यक्रम के समापन पर, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी कुमारी गीता और अन्य उपस्थित अधिकारियों ने महिलाओं के बीच बाल विवाह रोकथाम से संबंधित पुस्तिकाएं और जागरूकता पम्पलेट वितरित किए। यह पहल दरभंगा की महिलाओं के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच तैयार करने और उन्हें एक सुरक्षित व सशक्त भविष्य की ओर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।








