Bihar Sharif News: नालंदा जिले के बिहारशरीफ से सटे राष्ट्रीय राजमार्ग-20 पर स्थित पावापुरी फ्लाईओवर की सुरक्षा पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुल के एक हिस्से में दरार दिखने और कुछ दिन पहले कंक्रीट का मलबा गिरने के बाद आनन-फानन में ट्रैफिक को वन-वे कर दिया गया है। इस अचानक हुए बदलाव से रोजाना इस महत्वपूर्ण मार्ग से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं।
पावापुरी फ्लाईओवर पर खतरा, जाम में फंसी एंबुलेंस
पावापुरी फ्लाईओवर बिहारशरीफ, नवादा और गया सहित कई जिलों को जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है। प्रतिदिन यहां से सैकड़ों यात्री बसें, मालवाहक ट्रक, निजी वाहन और आपातकालीन एंबुलेंस गुजरती हैं। पुल के एक हिस्से को बंद कर वन-वे व्यवस्था लागू करने के बाद एनएच-20 पर वाहनों की लंबी कतारें लगने लगी हैं। यह जाम इतना भीषण होता है कि लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से दोगुना समय लग रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस जाम में कई बार एंबुलेंस भी फंसी देखी गई हैं, जिससे मरीजों की जान पर बन आ रही है।






स्थानीय लोगों ने उठाई मजबूती पर सवाल, स्वतंत्र ऑडिट की मांग
स्थानीय नागरिक पुल में बार-बार तकनीकी खामी सामने आने पर गहरी चिंता व्यक्त कर रहे हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि यह केवल मरम्मत का साधारण मामला नहीं है, बल्कि हजारों लोगों की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा है। लोगों का मानना है कि सिर्फ क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत करना पर्याप्त नहीं होगा। नागरिकों ने विभाग से मांग की है कि पूरी संरचना का किसी स्वतंत्र तकनीकी एजेंसी से गहन ऑडिट कराया जाए, ताकि पुल की वास्तविक मजबूती और सुरक्षा स्थिति का पता चल सके।
सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम और नियमित निरीक्षण जरूरी
नागरिकों ने यह भी मांग की है कि जब तक मरम्मत का काम पूरा नहीं हो जाता और पुल को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं कर दिया जाता, तब तक पर्याप्त बैरिकेडिंग, स्पष्ट चेतावनी बोर्ड और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि पुल जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक संरचनाओं का समय पर निरीक्षण और रखरखाव बेहद आवश्यक है। ऐसा करने से न केवल बड़े हादसों को टाला जा सकता है, बल्कि जनता का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा भी बना रहेगा। फिलहाल, सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पावापुरी फ्लाईओवर पर सामान्य यातायात कब बहाल होता है और क्या इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दीर्घकालिक उपाय किए जाते हैं।








