Patna Liquor Seizure: बिहार की राजधानी पटना में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने शराब तस्करों के एक बड़े खेल का पर्दाफाश किया है। सरकारी दवाओं की खेप ले जा रहे एक ट्रक से भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई जा रही है। इस चौंकाने वाली कार्रवाई ने शराब माफिया के नए पैंतरों को उजागर किया है।
कैसे हुआ बड़ा खुलासा?
उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के सहायक आयुक्त प्रेम प्रकाश को गुप्त सूचना मिली थी। इसी आधार पर मद्य निषेध निरीक्षक अजीत कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने अगमकुआं थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के किनारे एक पेट्रोल पंप पर खड़े हरियाणा नंबर के ट्रक को निशाना बनाया।






उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के सहायक आयुक्त प्रेम प्रकाश ने बताया, “गुप्त सूचना मिलने के बाद मद्य निषेध निरीक्षक अजीत कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।”
सरकारी दवा की आड़ में शराब तस्करी
छापेमारी के दौरान ट्रक की तलाशी ली गई तो उसमें ‘Bihar Government Supply, Not For Sale’ लिखी सरकारी दवाओं की खेप मिली। इन्हीं दवाओं के बीच बड़ी चालाकी से 400 कार्टन बीयर छिपाकर रखी गई थी। अधिकारियों के मुताबिक, जब्त की गई अंग्रेजी शराब की कुल मात्रा 9,600 कैन यानी लगभग 4,800 लीटर है। यह खुलासा दिखाता है कि तस्कर किस तरह सरकारी सुविधाओं का दुरुपयोग कर रहे थे।
जांच में जुटी टीम, नेटवर्क खंगालने की तैयारी
उत्पाद विभाग के अनुसार, बरामद अंग्रेजी शराब की बाजार कीमत लगभग 15 लाख रुपये आंकी गई है। विभाग अब इस बात की गहन जांच कर रहा है कि सरकारी दवाओं की आड़ में शराब की यह तस्करी कहां से की जा रही थी और इस गोरखधंधे से कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। इस मामले में छापेमारी दल में दारोगा सोनम कुमारी, एसआई अजीत पटेल, डब्ल्यू कुमार, विनीता कुमारी और सिपाही अभिजीत, सुरेंद्र, प्रदीप व संदीप जैसे अधिकारी शामिल थे। फिलहाल ट्रक, सरकारी दवाएं और जब्त शराब को कब्जे में ले लिया गया है। उत्पाद विभाग इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए आगे की कार्रवाई में जुटा है।








