Bihar Shravani Mela: देवघर में 30 जुलाई से शुरू होने वाले राजकीय श्रावणी मेले की तैयारियों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। इस बार मेले में किसी भी श्रद्धालु को VIP दर्शन की सुविधा नहीं मिलेगी, जिससे आम कांवरियों को कतार में लगने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी। साथ ही, डबल डेकर कांवरिया वाहनों के प्रवेश पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह महत्वपूर्ण निर्णय झारखंड और Bihar के मेला क्षेत्र से जुड़े जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों की अंतरराज्यीय समन्वय समिति (इंटर स्टेट को-ऑर्डिनेशन कमेटी) की बैठक में लिया गया।
शनिवार को देवघर समाहरणालय सभागार में आयोजित इस बैठक में श्रावणी मेले के सफल संचालन और कांवरियों की सुरक्षा-सुविधा सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के उपयोग पर भी सहमति जताई।






VIP पास पर पूर्ण प्रतिबंध, डबल डेकर वाहनों की एंट्री बंद
राजकीय श्रावणी मेला 30 जुलाई से शुरू हो रहा है और प्रशासन इसकी तैयारियों में पूरी मुस्तैदी से जुटा है। अंतरराज्यीय बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय VIP दर्शन व्यवस्था को समाप्त करने का रहा। अब कोई भी श्रद्धालु, चाहे वह कितना भी विशिष्ट क्यों न हो, उसे आम कांवरियों की तरह ही कतार में लगकर दर्शन करना होगा। यह कदम सभी श्रद्धालुओं के लिए समान व्यवस्था सुनिश्चित करने और अनावश्यक भीड़ व दबाव को कम करने के लिए उठाया गया है।
इसके अलावा, देवघर क्षेत्र में डबल डेकर कांवरिया वाहनों के प्रवेश पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह फैसला सड़कों पर भीड़भाड़ कम करने, यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और संभावित दुर्घटनाओं से बचने के लिए लिया गया है। इससे कांवर यात्रा के दौरान सुगम आवागमन सुनिश्चित हो सकेगा।
झारखंड-बिहार के अधिकारियों ने की समीक्षा
देवघर परिसदन में हुई इंटर स्टेट की बैठक में संताल परगना के आयुक्त, भागलपुर व मुंगेर के आयुक्त, और देवघर-दुमका के डीसी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इन अधिकारियों ने श्रावणी मेले की तैयारियों की गहन समीक्षा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था, ताकि कांवर यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न फैले।
अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, स्वच्छता, पेयजल और बिजली आपूर्ति जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की। भीड़ नियंत्रण के लिए AI तकनीक का उपयोग एक नई पहल है, जिससे भक्तों की संख्या का अनुमान लगाने और उनके प्रवाह को प्रबंधित करने में मदद मिलेगी। इस बैठक के बाद, संबंधित जिलों के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में इन निर्णयों को लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।








