Bihar ISRO Scientist: बिहार के दरभंगा जिले से एक बेहद प्रेरणादायक खबर सामने आई है। भरवाड़ा के युवा आदित्य राज आनंद ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में वैज्ञानिक बनकर पूरे राज्य का नाम रोशन किया है। उनका चयन बेंगलुरु स्थित यूआर राव सैटेलाइट सेंटर में एससी विज्ञानी के पद पर हुआ है, जिससे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
देश सेवा को कॉर्पोरेट से ऊपर रखा आदित्य ने
आदित्य राज आनंद ने अपनी इस उपलब्धि से न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे स्वर्णकार समाज को गौरवान्वित किया है। उनके पिता उमेश कुमार ठाकुर स्वरोजगार से जुड़े हैं, जबकि मां रूपा ठाकुर गृहिणी हैं। आदित्य की बहन संस्कृति ठाकुर नीट की तैयारी कर रही हैं और छोटे भाई युवराज प्रेम 12वीं कक्षा में पढ़ रहे हैं। आदित्य ने कॉर्पोरेट जगत की चकाचौंध को छोड़कर देश की सेवा को प्राथमिकता दी है, जो युवाओं के लिए एक बड़ा संदेश है।






“उनके लिए करियर केवल अच्छी आय का माध्यम नहीं, बल्कि देश के लिए सार्थक योगदान देने का अवसर है। इसी सोच के साथ उन्होंने कारपोरेट क्षेत्र के बजाय इसरो में वैज्ञानिक के रूप में कार्य करने का निर्णय लिया।”
गांव में रहकर पूरी की पढ़ाई, आईआईएसटी से बीटेक
आदित्य बचपन से ही पढ़ाई में बेहद मेधावी रहे हैं। उन्होंने अपनी 10वीं और 12वीं की शिक्षा गांव में रहते हुए ही सीबीएसई बोर्ड से पूरी की। इसके बाद, उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएसटी), तिरुवनंतपुरम से बीटेक की डिग्री हासिल की। उनकी सफलता की खबर मिलते ही भरवाड़ा और सिंहवाड़ा प्रखंड में उनके घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। इस चयन से दरभंगा के युवाओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
आदित्य की यह उपलब्धि दर्शाती है कि कड़ी मेहनत और राष्ट्र सेवा की भावना से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनका बिहार के लिए गौरव का क्षण है और यह निश्चित रूप से राज्य के अन्य छात्रों को विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।








