Darbhanga Police: दरभंगा पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लहेरियासराय थाना क्षेत्र के सखी वन स्टॉप सेंटर से हत्या के मामले में गिरफ्तार एक महिला अपने पांच वर्षीय बच्चे के साथ फरार हो गई है। बहादुरपुर थाना पुलिस ने इस महिला को न्यायालय में पेश करने की बजाय ऐसी जगह रखा, जो अपराधियों को रखने के लिए अधिकृत ही नहीं है।
जानकारी के अनुसार, बहादुरपुर थाना पुलिस ने सोमवार दोपहर बाद मोहम्मद अशफाक की 30 वर्षीय पत्नी साबरा खातून को एपीएम थाना क्षेत्र के एक गांव से गिरफ्तार किया था। साबरा खातून हत्या के एक मामले में फरार चल रही थी। देर होने के कारण उसे सोमवार को न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया जा सका। सुरक्षा के नाम पर उसे जिले के सखी वन स्टॉप सेंटर में रात भर के लिए रख दिया गया।






पुलिस की लापरवाही: सेंटर से यूं हुई हत्यारोपी महिला फरार
सीसीटीवी फुटेज में मंगलवार सुबह 9:24 बजे साबरा खातून को धीरे-धीरे टहलते हुए कैंपस से बाहर निकलते देखा गया। उसके साथ उसका 5 साल का बच्चा भी था। उसने वहां मौजूद प्रहरी को चकमा दिया और फरार हो गई। सखी वन स्टॉप सेंटर के केंद्र प्रशासक अजमतून निशा ने मंगलवार को लहेरियासराय थाना में इस संबंध में आवेदन दिया है। महिला के फरार होने के लगभग 5 घंटे बाद अधिकारियों और थाने को सूचना दी गई।
नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल: आखिर क्यों रखा वन स्टॉप सेंटर में?
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। सखी वन स्टॉप सेंटर अपराधियों को रखने के लिए नहीं बना है। इसके बावजूद बहादुरपुर थाना पुलिस ने हत्या की आरोपी महिला को वहां क्यों रखा? जबकि बिहार के हर थाने में महिला सिपाही से लेकर दरोगा तक की तैनाती है और महिला हाजत की भी व्यवस्था उपलब्ध है। यदि किसी कारणवश थाने में रखने की व्यवस्था नहीं थी, तो आरोपी को महिला थाने में भी रखा जा सकता था।
सखी वन स्टॉप सेंटर में महिला या पुरुष सिपाहियों की तैनाती नहीं की जाती है। ऐसे में हत्या जैसी गंभीर आरोपी को वहां रखना पुलिस की बड़ी चूक मानी जा रही है।
फिलहाल, बहादुरपुर थाना पुलिस और वन स्टॉप सेंटर के कर्मी फरार महिला की तलाश में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और विभिन्न गांवों में खोजबीन कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उसे बरामद नहीं किया जा सका है। इस मामले में बहादुरपुर थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है कि उन्होंने नियमों का हवाला देकर महिला कैदी को वापस क्यों नहीं किया।
इस घटना ने न केवल दरभंगा पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सखी वन स्टॉप सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को भी उजागर किया है। अब देखना होगा कि इस गंभीर चूक के लिए किन अधिकारियों और कर्मियों पर जवाबदेही तय की जाती है और फरार महिला की गिरफ्तारी कब तक हो पाती है।








