Bihar Development: मुख्यमंत्री बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी कड़ी में अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड में आयोजित सहयोग शिविर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में अपराधियों और घुसपैठियों के प्रति सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति जारी रहेगी, साथ ही अररिया में जल्द ही एक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जनता की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान को सरकार की प्राथमिकता बताया।







जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान: ‘सहयोग शिविर’ की सफलता
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अररिया के हरिपुर पंचायत सरकार भवन परिसर में ‘सहयोग शिविर’ में भाग लिया। उन्होंने बताया कि इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन के कष्टों को तुरंत दूर करना है।

सरकार गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं का निवारण कर रही है, ताकि हर नागरिक को समय पर न्याय मिल सके। उन्होंने ‘बिहार डेवलपमेंट’ को गति देने के लिए प्रशासन की जवाबदेही और तेज कार्यशैली को महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, ‘सहयोग शिविर का उद्देश्य आमजन के कष्टों का त्वरित और पारदर्शी समाधान करना है। सरकार गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं का निवारण कर रही है ताकि हर नागरिक को समय पर न्याय मिल सके।’
राज्य में अब तक कुल 4 लाख 53 हजार 62 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 4 लाख 25 हजार 660 आवेदनों का निष्पादन हो चुका है। अररिया जिले में 7,130 आवेदनों में से 6,845 का निष्पादन किया जा चुका है और केवल 285 आवेदन लंबित हैं। हरिपुर पंचायत में 259 आवेदनों में से 245 का निष्पादन हुआ है, जबकि 14 आवेदन लंबित हैं। लंबित मामलों में 12,869 को पहला, 340 को दूसरा और 13 संबंधित पदाधिकारियों को तीसरा नोटिस भेजा गया है, जो प्रशासन की सक्रियता दर्शाता है। मुख्यमंत्री स्तर पर प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को पटना में उन समस्याओं का समाधान किया जाएगा, जिनका निदान सहयोग शिविरों से नहीं हो पाया है।

गरीब और कमजोर वर्गों के लिए बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दूरदृष्टि की सराहना की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘विकसित भारत’ का सपना देखा है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘समृद्ध बिहार’ का सपना संजोया है। केंद्र सरकार ने 16वें वित्त आयोग में बिहार के विकास के लिए मिलने वाली राशि को 20 हजार करोड़ रुपए से बढ़ाकर 50 हजार करोड़ रुपए कर दिया है।सरकार गरीब और कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है:
- विधवा, दिव्यांगजन और वृद्धजनों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन 400 रुपए से बढ़ाकर 1,100 रुपए कर दी गई है।
- राज्य के सभी परिवारों को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने वालों को 125 यूनिट से अधिक उत्पादन पर अतिरिक्त बिजली के बदले सीधे बैंक खाते में राशि भेजी जाएगी।
- ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के अंतर्गत 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है, और जिन लाभार्थियों के खातों में राशि नहीं पहुंची है, उन्हें इसी महीने भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को ‘पंचायत विकास दिवस’ आयोजित किया जा रहा है, जिसमें पंचायत स्तर पर किसानों, महिलाओं, युवाओं, विद्यार्थियों, बुजुर्गों और गरीबों से जुड़े मुद्दों की समीक्षा कर उनका समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े बदलाव
मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में चल रहे बड़े अभियान की जानकारी दी। 15 जुलाई तक राज्य के शेष सभी 213 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज की व्यवस्था पूरी कर दी जाएगी। सभी 534 प्रखंडों में मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे, जहाँ कोचिंग की सुविधा भी मिलेगी, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बड़े शहरों में न जाना पड़े।इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं चल रही हैं:
- फारबिसगंज एयरपोर्ट के लिए भूमि उपलब्ध करा दी गई है और अगले वित्तीय वर्ष में निर्माण कार्य प्रारंभ करने का प्रयास होगा।
- अररिया में मेडिकल कॉलेज के लिए भी भूमि उपलब्ध है, और जल्द ही इसका शिलान्यास किया जाएगा।
- फोरलेन सड़क, सिलीगुड़ी-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे, कोसी-मेची लिंक परियोजना, बैरगाछी-सिकटी सड़क, टैक्सगंज-सुकेला बाईपास और सुभाष चौक आरओबी जैसी परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने ‘स्टेट हाई-वे पर टोल टैक्स’ को लेकर भ्रम दूर करते हुए स्पष्ट किया कि निजी वाहनों पर किसी प्रकार का टोल टैक्स नहीं लगेगा, केवल व्यवसायिक वाहनों से ही टैक्स लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अपराध और घुसपैठ के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति जारी रहेगी। सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा सुदृढ़ करने के लिए 735 किलोमीटर सीमा पर 194 बीओपी (सीमा चौकी) स्थापित किए गए हैं।इस कार्यक्रम में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद, सांसद प्रदीप कुमार सिंह, कई विधायक और वरीय अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने ‘अभियान बसेरा-2’, ‘आयुष्मान वय वंदन कार्ड’, ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना’, ‘मुख्यमंत्री अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना’ और ‘मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना’ के लाभार्थियों को सांकेतिक चेक व स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए। सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिखाए गए विकास के मार्ग पर चलते हुए बिहार को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
समस्याओं का त्वरित समाधान: सहयोग शिविर की सफलता
सहयोग शिविर के माध्यम से बिहार सरकार आम लोगों की शिकायतों का तेजी से निपटारा कर रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि राज्य में अब तक 4 लाख 53 हजार 62 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 4 लाख 25 हजार 660 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। यह प्रशासन की जवाबदेही और तेज कार्यशैली का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, ‘यह प्रशासन की जवाबदेही और तेज कार्यशैली का प्रमाण है। हमने व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने का निर्णय लिया है। जनता को कष्ट होगा, तो सरकार को भी कष्ट होगा। जनता की समस्या का समाधान होना चाहिए।’
अररिया जिले में कुल 7,130 आवेदन मिले, जिनमें से 6,845 का निष्पादन हो चुका है और 285 लंबित हैं। हरिपुर पंचायत में प्राप्त 259 आवेदनों में से 245 का समाधान हुआ है, जबकि 14 लंबित हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि जिन समस्याओं का समाधान शिविर से नहीं हो पाया या आवेदक को गलत आदेश का संदेह है, उनका निपटारा हर माह के दूसरे मंगलवार को पटना में मुख्यमंत्री स्तर पर किया जाएगा।
कल्याणकारी योजनाओं से बदल रहा बिहार
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास के सपनों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत का सपना देखा है, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्ध बिहार का सपना देखा है। केंद्र सरकार ने 16वें वित्त आयोग में बिहार के विकास के लिए मिलने वाली राशि को 20 हजार करोड़ रुपए से बढ़ाकर 50 हजार करोड़ रुपए कर दिया है।सरकार गरीब और कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। विधवा, दिव्यांगजन और वृद्धजनों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन 400 रुपए से बढ़ाकर 1100 रुपए कर दी गई है। राज्य के सभी परिवारों को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। जिन घरों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगेंगे और 125 यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन होगा, वहां अतिरिक्त बिजली के बदले सरकार सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि भेजेगी। हर महीने के अंतिम रविवार को ‘पंचायत विकास दिवस’ आयोजित किया जा रहा है, जिसमें पंचायत स्तर पर किसानों, महिलाओं, युवाओं, विद्यार्थियों, बुजुर्गों और गरीबों से जुड़े मुद्दों की समीक्षा कर उनका समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बड़ी पहल
शिक्षा के क्षेत्र में भी बिहार सरकार बड़े अभियान चला रही है। 15 जुलाई तक राज्य के शेष सभी 213 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज की व्यवस्था पूरी कर दी जाएगी। सभी 534 प्रखंडों में मॉडल स्कूल स्थापित होंगे, और इन मॉडल स्कूलों व ग्रामीण हाई स्कूलों में कोचिंग की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बड़े शहरों या पटना नहीं जाना पड़े।मुख्यमंत्री ने स्टेट हाई-वे पर टोल टैक्स को लेकर भ्रम दूर करते हुए स्पष्ट किया कि निजी वाहनों पर कोई टोल टैक्स नहीं लगेगा, केवल व्यवसायिक वाहनों से ही टैक्स लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि फारबिसगंज एयरपोर्ट के लिए भूमि उपलब्ध करा दी गई है और अगले वित्तीय वर्ष में निर्माण कार्य शुरू कराने का प्रयास होगा। इसके अतिरिक्त, फोरलेन सड़क, सिलीगुड़ी-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे, कोसी-मेची लिंक परियोजना, बैरगाछी-सिकटी सड़क, टैक्सगंज-सुकेला बाईपास व सुभाष चौक आरओबी जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा मजबूत करने के लिए 735 किलोमीटर सीमा पर 194 बीओपी स्थापित किए गए हैं।मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। जिन लाभार्थियों के खातों में राशि नहीं पहुंची है, उन्हें इसी महीने भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘अभियान बसेरा-2’, ‘आयुष्मान वय वंदन कार्ड’, ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना’, ‘मुख्यमंत्री अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना’ और ‘मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना’ के लाभार्थियों को सांकेतिक चेक व स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए। कार्यक्रम में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद, सांसद प्रदीप कुमार सिंह, विधायक विजय कुमार मंडल, विधायक मनोज विश्वास, विधायक मो. मुर्शीद आलम समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।









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