Bihar Toll Tax: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को घोषणा की कि बिहार के राजकीय राजमार्गों पर निजी वाहनों से कोई टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। अररिया जिले के हरिपुर में एक सहभागिता शिविर में बोलते हुए, उन्होंने राज्य की नई सड़क उपयोगकर्ता शुल्क नीति के दायरे को स्पष्ट किया, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिली है।
निजी वाहनों को मिली बड़ी राहत
सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि टोल शुल्क केवल वाणिज्यिक वाहनों जैसे टैक्सी, बस और ट्रक पर लागू होगा। निजी कारें, जीप और अन्य गैर-वाणिज्यिक वाहनों को राजकीय राजमार्गों पर कोई टोल नहीं देना होगा। उन्होंने कहा कि टोल टैक्स को लेकर कोई मुद्दा या भ्रम नहीं है और भारत सरकार ने इसके लिए मानक तय किए हैं। हालांकि, बिहार में निजी वाहनों को किसी भी ऐसे टोल टैक्स से छूट दी जाएगी, जबकि वाणिज्यिक वाहनों पर यह निश्चित रूप से लागू होगा।






कैबिनेट के फैसले के बाद स्पष्टीकरण
यह घोषणा बिहार कैबिनेट द्वारा ‘सड़क उपयोगकर्ता शुल्क (दरों का निर्धारण और संग्रह) नियम, 2026’ को मंजूरी देने के कुछ दिनों बाद आई है। इन नियमों ने राज्य सरकार द्वारा अनुरक्षित सड़कों पर टोल संग्रह का मार्ग प्रशस्त किया है। अब तक, बिहार में टोल संग्रह केवल राष्ट्रीय राजमार्गों तक ही सीमित था। नए नियम चयनित राजकीय राजमार्गों पर उपयोगकर्ता शुल्क लगाने के लिए एक ढांचा पेश करते हैं, जिससे यह प्रणाली राष्ट्रीय राजमार्गों पर अपनाए गए मॉडल के करीब आ जाती है। उपमुख्यमंत्री के बयान से यह स्पष्ट होता है कि प्रस्तावित टोल व्यवस्था निजी और वाणिज्यिक वाहनों के बीच अंतर करेगी, जिसमें केवल बाद वाले को ही उपयोगकर्ता शुल्क देना होगा।
वाणिज्यिक वाहनों के लिए तय की गईं दरें
नए नियमों के तहत, वाणिज्यिक हल्के मोटर वाहनों, जिनमें टैक्सी और वाणिज्यिक जीप शामिल हैं, से प्रति किलोमीटर 1.25 रुपये का शुल्क लिया जाएगा। बसों और ट्रकों जैसे भारी वाहनों को प्रति किलोमीटर 6.65 रुपये का भुगतान करना होगा, जबकि ट्रेलर सहित बड़े वाहनों से प्रति किलोमीटर 8.10 रुपये का शुल्क लिया जाएगा। सरकार ने ओवरलोड वाहनों पर अतिरिक्त अधिभार का भी प्रावधान किया है।
| वाहन का प्रकार | टोल दर (प्रति किलोमीटर) |
|---|---|
| वाणिज्यिक हल्के मोटर वाहन (टैक्सी, वाणिज्यिक जीप) | 1.25 रुपये |
| भारी वाहन (बस, ट्रक) | 6.65 रुपये |
| बड़े वाहन (ट्रेलर) | 8.10 रुपये |
अभी तय नहीं हुए हैं टोल वाले राजमार्ग
बिहार सरकार ने अभी तक यह घोषणा नहीं की है कि टोल संग्रह कब शुरू होगा। अधिकारी वर्तमान में राज्य राजमार्ग नेटवर्क का आकलन कर रहे हैं ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि किन हिस्सों को नई नीति के तहत लाया जाएगा। सरकार के अनुसार, बिहार में 3,614 किलोमीटर का राज्य राजमार्ग नेटवर्क है। इसमें से लगभग 40 किलोमीटर चार-लेन सड़कें हैं, जबकि शेष नेटवर्क में मुख्य रूप से दो-लेन राजमार्ग शामिल हैं। उन राजमार्गों की सूची, जहां टोल संग्रह शुरू किया जाएगा, साथ ही कार्यान्वयन की समय-सीमा भी अलग से अधिसूचित होने की उम्मीद है।
यह स्पष्टीकरण बिहार में लाखों वाहन मालिकों के लिए एक बड़ी खबर है, क्योंकि यह टोल टैक्स को लेकर चल रही अटकलों को समाप्त करता है। सरकार का यह कदम राज्य के सड़क नेटवर्क के रखरखाव और सुधार में मदद करेगा, जबकि आम नागरिकों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। आने वाले समय में टोल संग्रह के लिए चयनित सड़कों और सटीक समय-सीमा की घोषणा की जाएगी।








