Bihar NIA Raid: देश की सुरक्षा के खिलाफ एक बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस मामले में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए बिहार सहित 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 20 ठिकानों पर बुधवार को छापेमारी की। इस बड़े अभियान का उद्देश्य देश के युवाओं को ऑनलाइन माध्यम से गुमराह कर कट्टरपंथी बनाने वाले एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को ध्वस्त करना है।
एनआईए के अधिकारियों ने बताया कि इस तलाशी अभियान के दौरान कई डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। इन उपकरणों की जांच से कट्टरपंथ की इस गहरी साजिश में शामिल लोगों का सुराग जुटाने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। बुधवार को जिन स्थानों पर छापेमारी हुई, उनका चयन पहले से जब्त डिजिटल उपकरणों के विस्तृत तकनीकी विश्लेषण, गिरफ्तार आरोपितों के कनेक्टिविटी विश्लेषण और जांच के अन्य निष्कर्षों के आधार पर किया गया था।






मोदी सरकार गिराने की साजिश का खुलासा! बिहार समेत 10 राज्यों में NIA के ताबड़तोड़ छापे, 11 गिरफ्तार
Bihar Terror Raids: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने देश को अस्थिर करने की एक बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है। इस मामले में एनआईए ने बुधवार को बिहार समेत 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 20 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। देश के युवाओं को ऑनलाइन माध्यम से गुमराह कर कट्टरपंथी बनाने में लगे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की तलाश में यह कार्रवाई की गई है। इस दौरान 11 आरोपितों और एक किशोर को गिरफ्तार भी किया गया है।
देशव्यापी छापेमारी: बिहार समेत 10 राज्यों में एक्शन
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बिहार, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली में तलाशी अभियान चलाया। इन सभी 20 ठिकानों से कई डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जाएगी। इन उपकरणों से कट्टरपंथ की साजिश रचने वालों के बारे में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। जिन स्थानों पर तलाशी ली गई, उनका चयन पहले जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों के विस्तृत तकनीकी विश्लेषण के साथ-साथ गिरफ्तार आरोपितों के कनेक्टिविटी विश्लेषण और अन्य जांच निष्कर्षों के आधार पर किया गया था।
‘खिलाफत’ स्थापित करने की साजिश का खुलासा
एनआईए ने बुधवार को बताया कि देश में आईएसआईएस और अलकायदा आतंकवादी संगठनों की विचारधारा को बढ़ावा देकर लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार के खिलाफ हिंसक जिहाद चलाये जाने की साजिश का बड़ा खुलासा हुआ है। इसके पीछे भारत में इस्लामिक राज्य स्थापित करने की सोच है।
जांच एजेंसी के अनुसार, देश को अस्थिर करने और ‘खिलाफत’ स्थापित करने की साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान का काम लगातार जारी है। अब तक की जांच में यह पाया गया है कि गिरफ्तार आरोपित और उनके सहयोगी हिंसक जिहादी सामग्री और गलत सूचनाओं के माध्यम से देश भर के संवेदनशील युवाओं को गुमराह करने और कट्टरपंथी बनाने में लगे थे। ये आरोपी जिहादी विचारधारा का प्रचार करने और भारत विरोधी साजिश को बढ़ावा देने के लिए अपने विदेशी आकाओं के साथ ऑनलाइन संपर्क में भी थे।
रांची आरएसएस कार्यालय हमले से जुड़े तार
इस पूरे मामले की जड़ें मार्च 2026 में विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) में दर्ज एक मामले से जुड़ी हैं, जिसे मई 2026 में एनआईए ने अपने हाथ में लिया था। विजयवाड़ा पुलिस ने मुख्य आरोपी रहमतुल्लाह शरीफ मोहम्मद के आवास पर तलाशी के बाद यह मामला दर्ज किया था। उस दौरान प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों एक्यूआईएस (भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा) और आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट) से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई थी। एनआईए की बुधवार की छापेमारी के तार रांची स्थित आरएसएस कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले से भी जुड़े बताए जा रहे हैं, जो इस आतंकी नेटवर्क के खतरनाक इरादों को उजागर करता है।
लोकतांत्रिक सरकार के खिलाफ ‘जिहाद’ की साजिश
एनआईए ने खुलासा किया है कि देश में आईएसआईएस (ISIS) और अल-कायदा (Al-Qaeda) जैसे आतंकवादी संगठनों की विचारधारा को बढ़ावा देकर लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार के खिलाफ हिंसक जिहाद चलाने की बड़ी साजिश रची जा रही थी। इस खतरनाक मंसूबे के पीछे भारत में इस्लामिक राज्य स्थापित करने की सोच काम कर रही थी। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि देश को अस्थिर करने और खिलाफत स्थापित करने की इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान का काम लगातार जारी है।
युवाओं को गुमराह कर रहे थे विदेशी आका
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपित और उनके सहयोगी हिंसक जिहादी सामग्री तथा गलत सूचनाओं के माध्यम से देश भर के संवेदनशील युवाओं को गुमराह कर कट्टरपंथी बना रहे थे। ये आरोपी जिहादी विचारधारा का प्रचार करने और भारत विरोधी साजिश को बढ़ावा देने के लिए अपने विदेशी आकाओं के साथ ऑनलाइन संपर्क में थे। इस मामले में अब तक 11 आरोपितों और एक किशोर को गिरफ्तार किया जा चुका है।
एनआईए के मुताबिक, ‘देश में आईएसएआईएस और अल-कायदा आतंकवादी संगठनों की विचारधारा को बढ़ावा देकर लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार के खिलाफ हिंसक जिहाद चलाये जाने की साजिश का बड़ा खुलासा हुआ है। इसके पीछे भारत में इस्लामिक राज्य स्थापित करने की सोच है।’
रांची हमले से भी जुड़े तार
इस मामले की शुरुआत मार्च 2026 में आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में हुई थी, जब विजयवाड़ा पुलिस ने मुख्य आरोपी रहमतुल्लाह शरीफ मोहम्मद के आवास पर तलाशी के बाद मामला दर्ज किया था। उस दौरान प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों एक्यूआईएस (भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा) और आईएसआईएस से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई थी। मई 2026 में एनआईए ने इस मामले को अपने हाथ में ले लिया। बुधवार को हुई एनआईए छापेमारी के तार रांची स्थित आरएसएस कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले से भी जुड़े बताए जा रहे हैं, जो इस साजिश की गंभीरता को और बढ़ा देता है। एनआईए इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए गहनता से जांच कर रही है।







