Samastipur Crime News: बिहार के समस्तीपुर जिले में एक महीने से लापता 14 वर्षीय किशोर इशांत कुमार उर्फ छोटू की निर्मम हत्या का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के लखनपट्टी गांव में 10 फीट गहरा गड्ढा खोदकर उसके सड़े-गले शव को बरामद किया है। इस खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। हत्यारों ने बच्चे का गला रेतने के बाद उसे गोली भी मारी थी और फिर शव को जमीन में दफना दिया था।
समस्तीपुर: 14 साल के बच्चे की गला रेतकर हत्या, 10 फीट गहरे गड्ढे में दफनाया था शव
Samastipur Child Murder: समस्तीपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक 14 वर्षीय बच्चे की निर्मम हत्या कर दी गई। एक महीने से लापता इस किशोर का शव उसके घर से करीब 3 किलोमीटर दूर जमीन में 10 फीट गहरा गड्ढा खोदकर निकाला गया है। पुलिस ने जेसीबी की मदद से सड़ी-गली अवस्था में शव को बाहर निकाला। यह सनसनीखेज मामला मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के लखनपट्टी गांव का है, जहाँ इस निर्मम Samastipur Child Murder ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।






मृतक की पहचान विद्यापति नगर थाना क्षेत्र के बंगराहा गांव निवासी रामप्रीत यादव के पुत्र इशांत कुमार उर्फ छोटू के रूप में हुई है। परिजनों ने बच्चे के लापता होने के बाद अपहरण का मामला दर्ज कराया था और गांव के ही आनंदी सिंह पर आरोप लगाया था। पुलिस की लगातार दबिश के चलते आरोपी आनंदी सिंह ने दो दिन पहले कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था।
विद्यापति नगर थानाध्यक्ष सूरज कुमार ने बताया कि “आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। जिसकी निशानदेही पर विद्यापतिनगर व मोहिउद्दीननगर थाने की संयुक्त टीम ने जमीन खोदकर शव बरामद किया है।”
कड़ी पूछताछ के बाद आनंदी सिंह ने पूरे मामले का खुलासा किया। उसने बताया कि हत्या के बाद उसने घर से दूर अपने खेत में 10 फीट गहरा गड्ढा खोदकर शव को दफना दिया था। आरोपी ने पुलिस को यह भी जानकारी दी कि उसने गला रेतकर और गोली मारकर बच्चे की हत्या की थी।
मोबाइल पर बुलाकर ले गए थे ईशान्त को, फिर नहीं लौटा
इशांत कुमार उर्फ छोटू 10 जून की शाम से लापता था। परिजनों के अनुसार, उसे मोबाइल फोन पर किसी ने बुलाया था, जिसके बाद वह कुछ युवकों के साथ घर से निकला और फिर देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की, विभिन्न लोगों से पूछताछ की और मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इस घटना के बाद से ही परिवार सदमे में था और Samastipur Kidnapping की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी।
मृतक के पिता रामप्रीत यादव ने बताया कि उनका आनंदी सिंह से पुराना विवाद चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों के निशाने पर उनका बड़ा बेटा था, लेकिन जब वह नहीं मिला, तो उन्होंने उनके छोटे बेटे इशांत का अपहरण कर हत्या कर दी। रामप्रीत यादव ने यह भी बताया कि इशांत के पास मक्का बिक्री के कुछ पैसे थे, जिन्हें वह अपने पिता को देने वाला था।
आरोपी की निशानदेही पर मिला शव, एक और गिरफ्तारी
रिमांड पर लिए गए आरोपी आनंदी सिंह की निशानदेही पर पुलिस ने शव बरामद किया। इस मामले में पुलिस ने आनंदी सिंह के भतीजे रमेश सिंह को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में शव पर गला रेतने और गोली लगने जैसे निशान मिले हैं, जो हत्या की पुष्टि करते हैं। हालांकि, मौत के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।
फिलहाल, पुलिस पुरानी रंजिश, अपहरण और हत्या सहित कई बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है। बच्चे का शव पूरी तरह से सड़-गल गया है, जिससे उसकी पहचान करना भी मुश्किल हो रहा था। इस जघन्य Samastipur Child Murder केस में पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और न्याय दिलाने का प्रयास कर रही है। पढ़िए विस्तार से
आरोपी ने कबूला जुर्म, फिर ऐसे मिला 10 फीट गहरे गड्ढे में दफन शव
इशांत कुमार 10 जून की शाम से अपने घर से लापता था। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी के बाद अपहरण का मामला दर्ज कराया था और गांव के ही आनंदी सिंह पर आरोप लगाया था। पुलिस की लगातार दबिश के बाद आनंदी सिंह ने दो दिन पहले कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। आनंदी सिंह ने बताया कि उसने बच्चे की गला रेतकर और गोली मारकर हत्या की थी, फिर शव को अपने खेत में 10 फीट गहरे गड्ढे में दफना दिया था।
विद्यापति नगर थानाध्यक्ष सूरज कुमार ने बताया, ‘आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। जिसकी निशानदेही पर विद्यापतिनगर व मोहिउद्दीननगर थाने की संयुक्त टीम ने जमीन खोदकर शव बरामद किया है।’
आनंदी सिंह की निशानदेही पर पुलिस ने जेसीबी की मदद से जमीन खोदी और इशांत के शव को बाहर निकाला। शव पूरी तरह से सड़-गल चुका था। पुलिस ने इस मामले में आनंदी सिंह के भतीजे रमेश सिंह को भी गिरफ्तार किया है।
पुराने विवाद की भेंट चढ़ा किशोर, पिता ने बताई खौफनाक साजिश
मृतक इशांत कुमार उर्फ छोटू विद्यापति नगर थाना क्षेत्र के बंगराहा गांव निवासी रामप्रीत यादव का पुत्र था। रामप्रीत यादव ने बताया कि आनंदी सिंह से उनका पुराना विवाद चल रहा था। उनका आरोप है कि आरोपियों के निशाने पर उनका बड़ा बेटा था, लेकिन उसे न पाकर उन्होंने छोटे बेटे इशांत का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी। रामप्रीत यादव ने यह भी बताया कि इशांत के पास मक्का बिक्री के कुछ पैसे थे, जो वह अपने पिता को देने वाला था।
पुलिस की शुरुआती जांच में भी गला रेतकर हत्या किए जाने और शरीर पर गोली लगने जैसे निशान मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, मौत के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी। पुलिस फिलहाल पुरानी रंजिश, अपहरण और हत्या सहित कई बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है। इस मामले में अब तक दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।








