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मधुबनी में अब कचरा नहीं बनेगा बोझ! ₹2.33 करोड़ से बदलेगी शहर की सूरत, जानें क्या है खास

Madhubani Swachhta: जिलाधिकारी आनंद शर्मा के अथक प्रयासों से मधुबनी नगर निगम को ₹2,33,60,000 की स्वीकृति मिली है, जिससे शहर में आधुनिक मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी और कम्पोस्ट पिट का निर्माण होगा, जो स्वच्छता व्यवस्था को पूरी तरह बदल देगा।

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Madhubani Swachhta: बिहार के मधुबनी शहर के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से प्रतीक्षित आधुनिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, मधुबनी को ₹2.33 करोड़ की महत्वपूर्ण सौगात मिली है। इस राशि से शहर में मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) और कम्पोस्ट पिट का निर्माण होगा, जिससे मधुबनी की स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी।

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जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने आज मीडिया को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनके निरंतर प्रयासों, विभागीय समन्वय और लगातार किए गए पत्राचार के बाद बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने नगर निगम, मधुबनी में इस परियोजना के लिए ₹2,33,60,000 की स्वीकृति प्रदान की है। यह सिर्फ एक वित्तीय मंजूरी नहीं, बल्कि मधुबनी के सुनियोजित शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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मधुबनी के लिए बड़ी खबर! ₹2.33 करोड़ से अब आपका शहर होगा स्वच्छ और सुंदर

Madhubani Swachhta: बिहार सरकार ने मधुबनी शहर की स्वच्छता व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने मधुबनी नगर निगम में मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) और कम्पोस्ट पिट के निर्माण के लिए ₹2,33,60,000 (दो करोड़ तैंतीस लाख साठ हजार रुपये) की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। यह परियोजना मधुबनी की शहरी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है, जिससे शहर की मधुबनी स्वच्छता में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।

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जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने 08 जुलाई, 2026 को समाहरणालय सभाकक्ष में मीडिया प्रतिनिधियों को इस महत्वपूर्ण जानकारी से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इस बहुप्रतीक्षित उपलब्धि को साकार करने के लिए जिला प्रशासन ने लगातार प्रयास किए। जिलाधिकारी ने स्वयं इसकी समीक्षा की, नगर निगम तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया और नगर विकास एवं आवास विभाग से नियमित पत्राचार के माध्यम से इस परियोजना की स्वीकृति सुनिश्चित कराई।

जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा, ‘यह केवल एक वित्तीय स्वीकृति नहीं, बल्कि मधुबनी के सुनियोजित शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।’

आधुनिक कचरा प्रबंधन से बदलेगी मधुबनी की तस्वीर

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य मधुबनी को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण-अनुकूल शहर के रूप में विकसित करना है। इसके पूरा होने पर शहर से निकलने वाले सूखे और गीले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से पृथक्करण और पुनर्चक्रण संभव हो पाएगा। जैविक कचरे से कम्पोस्ट बनाने की आधुनिक व्यवस्था भी विकसित होगी। यह पहल कचरे के वैज्ञानिक निष्पादन, पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण में अहम भूमिका निभाएगी, साथ ही स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के उद्देश्यों को भी प्रभावी गति मिलेगी।

परियोजना के लिए लगभग 08 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। मधुबनी जिले के कुल छह नगर निकायों के लिए MRF एवं कम्पोस्ट पिट का निर्माण दो क्लस्टरों में किया जाएगा। पहले क्लस्टर में मधुबनी नगर निगम के साथ बेनीपट्टी और जयनगर नगर निकाय भी शामिल किए गए हैं।

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जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता और भविष्य की योजना

जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि जिला प्रशासन इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इसके पूर्ण होने के बाद मधुबनी शहर की स्वच्छता व्यवस्था आधुनिक तकनीक से सुसज्जित होगी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की एक नई मिसाल कायम होगी।

आनंद शर्मा ने कहा, ‘इसके पूर्ण होने के बाद मधुबनी शहर की स्वच्छता व्यवस्था आधुनिक तकनीक से सुसज्जित होगी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की नई मिसाल स्थापित होगी तथा शहर स्वच्छ, हरित और सतत विकास के क्षेत्र में बिहार के अग्रणी नगरों में अपनी सशक्त पहचान बनाएगा।’

इस अवसर पर मेयर अरुण राय, नगर आयुक्त उमेश कुमार और अपर समाहर्ता मुकेश राजन झा सहित कई वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने इस उपलब्धि के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग, नगर निगम मधुबनी और परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मियों के सहयोग की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनसहभागिता और प्रशासन की प्रतिबद्धता के साथ मधुबनी एक स्वच्छ एवं आदर्श शहर के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित करेगा।

आधुनिक कचरा प्रबंधन से बदलेगी मधुबनी की तस्वीर

इस परियोजना के पूरा होने के बाद मधुबनी शहर में निकलने वाले सूखे और गीले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से पृथक्करण, पुनर्चक्रण और जैविक कचरे से कम्पोस्ट का उत्पादन संभव हो पाएगा। यह व्यवस्था कचरे के वैज्ञानिक निष्पादन, पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही, ‘स्वच्छ भारत मिशन (शहरी)’ के उद्देश्यों को भी प्रभावी गति मिलेगी।

जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा, ‘यह केवल एक वित्तीय स्वीकृति नहीं, बल्कि मधुबनी के सुनियोजित शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।’

डीएम आनंद शर्मा के नेतृत्व में मिली ऐतिहासिक सफलता

जिला प्रशासन ने मधुबनी को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाने के लक्ष्य के साथ इस परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी थी। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्वयं समय-समय पर इसकी समीक्षा की, नगर निगम और संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय स्थापित किया, और नगर विकास एवं आवास विभाग के साथ नियमित पत्राचार के माध्यम से इस स्वीकृति को सुनिश्चित कराया। परियोजना के लिए लगभग 08 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।

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मधुबनी जिले के छह नगर निकायों के लिए MRF और कम्पोस्ट पिट का निर्माण दो क्लस्टरों में होगा। मधुबनी नगर निगम को बेनीपट्टी और जयनगर नगर निकायों के साथ पहले क्लस्टर में शामिल किया गया है।

डीएम ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा, ‘जिला प्रशासन इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके पूर्ण होने के बाद मधुबनी शहर की स्वच्छता व्यवस्था आधुनिक तकनीक से सुसज्जित होगी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की नई मिसाल स्थापित होगी तथा शहर स्वच्छ, हरित और सतत विकास के क्षेत्र में बिहार के अग्रणी नगरों में अपनी सशक्त पहचान बनाएगा।’

स्वच्छ, हरित और सतत विकास की ओर मधुबनी

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने नगर विकास एवं आवास विभाग, नगर निगम, मधुबनी और परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मियों के सहयोग की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनसहभागिता और प्रशासन की प्रतिबद्धता से मधुबनी एक स्वच्छ और आदर्श शहर के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित करेगा। इस कार्यक्रम में मेयर नगर निगम मधुबनी अरुण राय, नगर आयुक्त उमेश कुमार और अपर समाहर्ता मुकेश राजन झा सहित कई वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। यह परियोजना मधुबनी के शहरी जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।

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