Bihar Assembly Training: बिहार विधानसभा के सदस्यों के लिए एक महत्वपूर्ण दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन गयाजी में 11 और 12 जुलाई को किया जाएगा। बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड रूरल डेवलपमेंट (बीआईपीएआरडी) में होने वाले इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है, जिसके मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था और प्रोटोकॉल को कड़ा कर दिया गया है।
विधानसभा सदस्यों को संसदीय प्रक्रियाओं की जानकारी
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 18वीं बिहार विधानसभा के गठन के बाद आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य नवनिर्वाचित और अनुभवी दोनों विधायकों को विधायी प्रक्रियाओं, संसदीय कार्यप्रणाली और विधानसभा के कामकाज से परिचित कराना है। यह सत्र विधायकों को उनकी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगा, जिससे वे राज्य के विधायी कार्यों में अधिक प्रभावी ढंग से योगदान दे सकें।






गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था
प्रशासनिक मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन इस कार्यक्रम में भाग ले सकते हैं। इसके अलावा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के भी इस प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने की उम्मीद है। इन वरिष्ठ संवैधानिक और राजनीतिक नेताओं की संभावित उपस्थिति ने इस आयोजन को महीने की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठकों में से एक बना दिया है।
इन गणमान्य व्यक्तियों के आगमन की रिपोर्ट मिलने के बाद से ही जिला प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात विनियमन और कानून व्यवस्था बनाए रखने की तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों ने वीआईपी यात्रा दिशानिर्देशों के अनुरूप सुरक्षा और प्रोटोकॉल उपायों को लागू करना शुरू कर दिया है। बीआईपीएआरडी परिसर के पास एक अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित की जाएगी, ताकि त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके और प्रतिभागियों व गणमान्य व्यक्तियों की आवाजाही सुचारू रूप से हो सके।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस, प्रशासनिक और अन्य विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा और लॉजिस्टिक आवश्यकताओं का प्रबंधन किया जा सके।
सिटी डीएसपी धर्मेंद्र भारती ने तैयारियों का जायजा लेने के लिए बीआईपीएआरडी परिसर का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में सुरक्षा तैनाती, वीआईपी आवाजाही की योजना और अन्य परिचालन व्यवस्थाएं शामिल थीं। अधिकारियों का कहना है कि कार्यक्रम को सुरक्षित और स्थापित प्रोटोकॉल के अनुसार संचालित करने के लिए तैयारियों की नियमित निगरानी की जा रही है।
यह प्रशिक्षण शिविर बिहार के विधायी भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह विधायकों को राज्य के विकास और सुशासन में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए सशक्त करेगा। जिला प्रशासन और राज्य सरकार इस उच्च-स्तरीय कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।







