Bihar Environment: बिहार में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जाले स्थित महाकवि कालिदास सूर्यदेव महाविद्यालय (एमकेएस कॉलेज) में ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान के तहत 500 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य न केवल वृक्षारोपण को बढ़ावा देना है, बल्कि उनके संरक्षण के प्रति भी लोगों को जागरूक करना है।
जाले में बड़ा ऐलान! इस कॉलेज ने पर्यावरण के लिए उठाया ये कदम, अब लगेंगे 500 पेड़
Jale Tree Plantation: बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान के तहत जाले में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। महाकवि कालिदास सूर्यदेव महाविद्यालय (एमकेएस कॉलेज) त्रिमुहान, चंदौना ने अपने परिसर और आसपास के क्षेत्रों में 500 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस वृक्षारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सिद्धार्थ शंकर सिंह ने स्वयं पौधारोपण कर किया।






पर्यावरण संतुलन के लिए वृक्षारोपण अनिवार्य
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सिद्धार्थ शंकर सिंह ने वृक्षों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि:
वृक्ष पर्यावरण संतुलन और मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। पौधारोपण के साथ उनके संरक्षण का संकल्प लेना भी जरूरी है।
प्राचार्य ने इस बात पर जोर दिया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल सुनिश्चित करना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इस पहल से स्थानीय पर्यावरण को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
वन विभाग का सहयोग और सामूहिक संकल्प
इस महत्वपूर्ण अभियान के लिए वन विभाग, जाले की ओर से सभी आवश्यक पौधे उपलब्ध कराए गए हैं। भरत कुमार ने अभियान के सफल संचालन में विशेष सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और अन्य सदस्य भी शामिल हुए, जिन्होंने उत्साहपूर्वक पौधारोपण किया। सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में, सभी प्रतिभागियों ने अधिकाधिक वृक्षारोपण, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार कार्य करने की सामूहिक शपथ ली। यह पहल न केवल महाविद्यालय परिसर को हरा-भरा बनाएगी, बल्कि स्थानीय समुदाय में पर्यावरण जागरूकता भी बढ़ाएगी।
एमकेएस कॉलेज में ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान का आगाज
महाकवि कालिदास सूर्यदेव महाविद्यालय त्रिमुहान, चंदौना में बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान के तहत एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के तहत महाविद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में कुल 500 पौधे लगाने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है। प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सिद्धार्थ शंकर सिंह ने स्वयं पौधारोपण कर इस कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
प्रो. (डॉ.) सिद्धार्थ शंकर सिंह ने इस अवसर पर कहा, “वृक्ष पर्यावरण संतुलन और मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। पौधारोपण के साथ उनके संरक्षण का संकल्प लेना भी जरूरी है।”
उन्होंने वृक्षों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि मानव जीवन और पारिस्थितिक संतुलन के लिए पेड़-पौधे अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प लेना भी उतना ही आवश्यक है।
वन विभाग का सहयोग और सामूहिक शपथ
इस वृहद वृक्षारोपण अभियान के लिए जाले के वन विभाग ने पौधे उपलब्ध कराकर महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। अभियान को सफल बनाने में भरत कुमार का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों और अन्य सदस्यों ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण किया। सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम के समापन पर, उपस्थित सभी लोगों ने एक सामूहिक शपथ ली। इस शपथ में अधिकाधिक वृक्षारोपण करने, जल संरक्षण के महत्व को समझने और पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार कार्य करने का दृढ़ संकल्प शामिल था। यह पहल बिहार एनवायरनमेंट को बेहतर बनाने और हरित भविष्य की दिशा में एक ठोस कदम है।








