Hafiz Saeed: जम्मू स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के प्रमुख जम्मू में हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है। यह कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े एक मामले की जारी जांच के तहत की गई है। एनआईए ने दो दिन पहले ही सईद के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था, जिसके बाद अदालत ने यह महत्वपूर्ण आदेश दिया है।
लश्कर सरगना हाफिज सईद पर NIA का बड़ा एक्शन, अब बचना मुश्किल!
Hafiz Saeed: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। यह कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले की चल रही जांच से संबंधित एक मामले में की गई है। एनआईए द्वारा दो दिन पहले सईद के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल करने के बाद जम्मू स्थित अदालत के विशेष न्यायाधीश ने यह महत्वपूर्ण आदेश दिया है।






एनआईए ने विशेष अदालत में दायर अपने पूरक आरोपपत्र में 76 वर्षीय सईद पर व्यक्तिगत रूप से और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) तथा उसके सहयोगी मोर्चे, द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के प्रमुख के तौर पर आरोप लगाए हैं। उस पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आतंकी हाफिज सईद की गिरफ्तारी क्यों जरूरी?
एनआईए ने अदालत को बताया कि फरार आतंकी हाफिज सईद पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा का निवासी है। जांच एजेंसी के अनुसार, वह पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड है और जानबूझकर गिरफ्तारी से बच रहा है। एजेंसी ने अदालत से मामले में आगे की कार्यवाही शुरू करने और किसी भी अगली जांच में उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए अनिश्चितकालीन गैर-जमानती वारंट जारी करने की मांग की थी।
अदालती आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ‘निष्पक्ष, पूर्ण और प्रभावी जांच के लिए सईद की गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। इसलिए उसके खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाना जरूरी है।’
आगे क्या होगा?
अदालत ने कानून के अनुसार गिरफ्तारी वारंट का निष्पादन करने के लिए उप महानिरीक्षक (डीआईजी), एनआईए जम्मू को निर्देश दिया है। इस वारंट के बाद अब हाफिज सईद की गिरफ्तारी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास तेज हो सकते हैं, जिससे पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद, NIA के आरोप
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अपनी विशेष अदालत में दायर पूरक आरोपपत्र में 76 वर्षीय आतंकी हाफिज सईद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उस पर व्यक्तिगत रूप से और प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के साथ-साथ उसके सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के प्रमुख के तौर पर पहलगाम आतंकी हमले की साजिश रचने का आरोप है। एनआईए ने स्पष्ट किया कि सईद इस हमले का मुख्य मास्टरमाइंड है। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
फरार आतंकी सईद के खिलाफ क्यों जारी हुआ वारंट?
एनआईए ने अदालत को बताया कि फरार आतंकवादी हाफिज सईद पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा का निवासी है। वह जानबूझकर गिरफ्तारी से बच रहा है। एजेंसी ने अदालत से अपील की थी कि आगे की जांच प्रक्रिया शुरू करने और भविष्य में किसी भी कार्रवाई के लिए उसके खिलाफ अनिश्चितकालीन गैर-जमानती वारंट जारी किया जाए। अदालत ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि निष्पक्ष, पूर्ण और प्रभावी जांच के लिए सईद की गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ बेहद जरूरी है।
अदालत के आदेश में कहा गया है, “निष्पक्ष, पूर्ण और प्रभावी जांच के लिए सईद की गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। इसलिए उसके खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाना जरूरी है।”
अब अदालत ने इस गिरफ्तारी वारंट को कानून के अनुसार निष्पादित करने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के उप महानिरीक्षक (डीआईजी), जम्मू को भेजा है। इस कार्रवाई से पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है और आतंकी गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ भारत की कड़ी कार्रवाई का संदेश भी स्पष्ट हुआ है।








