Shaligram Shila: नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसी बीच, पर्वत, स्याङ्जा और गुल्मी जिलों के संगम स्थल पर स्थित दुनिया की सबसे बड़ी शालिग्राम शिला काली गण्डकी नदी के प्रचंड जलप्रवाह में डूब गई है। इस पवित्र स्थान तक जाने वाले रास्ते, निकटवर्ती सत्तल और परिक्रमा स्थल भी पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। भीषण बाढ़ के कारण स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में चिंता का माहौल है, जबकि श्रद्धालुओं को दर्शन से वंचित रहना पड़ रहा है।
नेपाल में तबाही! काली गण्डकी की बाढ़ में समाई दुनिया की सबसे बड़ी शालिग्राम शिला, जानें पूरा अपडेट
Nepal Flood: लगातार दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने नेपाल में भीषण तबाही मचाई है। पर्वत, स्याङ्जा और गुल्मी जिलों के संगम पर मौजूद दुनिया की सबसे बड़ी शालिग्राम शिला काली गण्डकी नदी के उफान में पूरी तरह डूब गई है। काली गण्डकी और सेती नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि शिला तक जाने वाले रास्ते, पास के सत्तल और परिक्रमा स्थल भी जलमग्न हो चुके हैं। इस Nepal Flood से क्षेत्र में दहशत का माहौल है और हजारों लोगों की जान पर खतरा मंडरा रहा है।






शालिग्राम विद्याश्रम के संरक्षक कुलराज तिवारी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, ‘काली गण्डकी नदी के बढ़ते जलप्रवाह के कारण शालिग्राम शिला डूब गई है।’ लगातार बारिश से दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जिसके चलते सेवा में लगे पुजारी और पंडितों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है।
पवित्र शालिग्राम शिला जलमग्न, दर्शनार्थियों पर रोक
पवित्र शालिग्राम शिला के पानी में डूब जाने से प्रतिदिन पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को निराश लौटना पड़ रहा है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर दर्शन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। स्थानीय निवासी तिलक पराजुली ने बताया कि सेतीबेनी में मिलने वाली सेती नदी और काली गण्डकी नदी के तेज बहाव ने शिला के परिक्रमा स्थल को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। हालांकि, उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि फिलहाल आसपास की बस्ती को तत्काल कोई खतरा नहीं है। शिला की सुरक्षा के लिए बनाए गए तटबंध और गेबियन जाल भी जलमग्न हो चुके हैं, जिससे स्थिति की गंभीरता बढ़ गई है।
सेतीबेनी बाजार पर बाढ़ का खतरा, 200 परिवार चिंतित
काली गण्डकी और सेती नदी का बढ़ता जलस्तर सेतीबेनी बाजार के लिए बड़ा खतरा बन गया है। पर्वत और स्याङ्जा की ओर स्थित बाजार क्षेत्रों के करीब 200 व्यापारी और स्थानीय निवासी बाढ़ की आशंका से बेहद चिंतित हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि काली गण्डकी ‘ए’ जलविद्युत परियोजना के बांध के कारण हर बार बाढ़ की स्थिति बनने पर सेतीबेनी बाजार डूबने के खतरे में आ जाता है। दो साल पहले सावन महीने में आई बाढ़ का पानी बाजार तक पहुंच गया था, जिसमें एक मकान ढह गया था और आधा दर्जन घरों के लोगों को विस्थापित होना पड़ा था।
गल्याङ नगरपालिका-5 के वडाध्यक्ष घनश्याम भट्टराई ने इस गंभीर मुद्दे पर कहा, ‘जब तक काली गण्डकी नदी के प्रवाह की दिशा नहीं बदली जाती, तब तक यह खतरा बना रहेगा।’ उन्होंने शालिग्राम शिला की सुरक्षा के लिए नदी का बहाव गुल्मी की ओर मोड़ने की मांग भी दोहराई।
स्थानीय निकायों से समन्वय की अपील
विहादी गांवपालिका के अध्यक्ष परबीन गुरुङ ने इस चुनौती से निपटने के लिए स्थानीय निकायों के बीच समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शालिग्राम शिला के निकट स्थित स्याङ्जा की गल्याङ नगरपालिका, पर्वत की विहादी गांवपालिका और गुल्मी की कालीगण्डकी गांवपालिका को आपसी समन्वय के साथ सेतीबेनी क्षेत्र के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। पर्वत जिला पुलिस कार्यालय ने भी लगातार बारिश के बीच नदियों और नालों में बाढ़ एवं भूस्खलन के खतरे को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की अपील की है। पुलिस निरीक्षक राजन पटेल ने चेतावनी दी, ‘जोखिम कभी भी बढ़ सकता है, इसलिए लापरवाही न बरतने की सलाह दी गई है।’ यह स्थिति क्षेत्र के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिसके लिए तत्काल और प्रभावी समाधान की आवश्यकता है।
पवित्र शिला जलमग्न, श्रद्धालुओं के दर्शन पर रोक
पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण काली गण्डकी नदी और सेती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। शालिग्राम विद्याश्रम के संरक्षक कुलराज तिवारी ने बताया कि काली गण्डकी के बढ़ते जलप्रवाह ने शालिग्राम शिला को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया है। सेवा में लगे पुजारी और पंडितों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं के दर्शन पर रोक लगा दी है, जिससे दूर-दूर से आने वाले भक्तों में निराशा है।
शालिग्राम विद्याश्रम के संरक्षक कुलराज तिवारी ने बताया, ‘काली गण्डकी नदी के बढ़ते जलप्रवाह के कारण शालिग्राम शिला डूब गई है।’
स्थानीय निवासी तिलक पराजुली के अनुसार, सेतीबेनी में सेती नदी और काली गण्डकी नदी के संगम पर तेज बहाव के कारण शिला का परिक्रमा स्थल भी क्षतिग्रस्त हो गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हालांकि शिला क्षेत्र में बाढ़ आई है, लेकिन फिलहाल आसपास की बस्ती को कोई तत्काल खतरा नहीं है। शिला की सुरक्षा के लिए बनाए गए तटबंध और गेबियन जाल भी पानी में समा गए हैं।
सेतीबेनी बाजार पर बाढ़ का खतरा, उठ रही मांगें
लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से सेतीबेनी बाजार पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि काली गण्डकी ‘ए’ जलविद्युत परियोजना के बांध के कारण यह स्थिति हर बार उत्पन्न होती है। पर्वत और स्याङ्जा की ओर स्थित बाजार क्षेत्रों के लगभग 200 व्यापारी और स्थानीय निवासी इस आशंका से चिंतित हैं। दो वर्ष पहले सावन के महीने में आई बाढ़ का पानी बाजार तक पहुँच गया था, जिससे एक मकान ढह गया था और लगभग आधा दर्जन घर के लोग विस्थापित हुए थे।
गल्याङ नगरपालिका-5 के वडाध्यक्ष घनश्याम भट्टराई ने कहा, ‘जब तक काली गण्डकी नदी के प्रवाह की दिशा नहीं बदली जाती, तब तक यह खतरा बना रहेगा।’ उन्होंने शालिग्राम शिला की सुरक्षा के लिए नदी का बहाव गुल्मी की ओर मोड़ने की मांग भी दोहराई।
विहादी गांवपालिका के अध्यक्ष परबीन गुरुङ ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शालिग्राम शिला के निकट स्थित स्याङ्जा की गल्याङ नगरपालिका, पर्वत की विहादी गांवपालिका और गुल्मी की कालीगण्डकी गांवपालिका को आपसी समन्वय स्थापित कर सेतीबेनी क्षेत्र के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
पुलिस की चेतावनी: सतर्क रहें और सुरक्षा उपाय अपनाएं
पर्वत जिला पुलिस कार्यालय ने लगातार बारिश के मद्देनजर सेतीबेनी क्षेत्र सहित विभिन्न नदियों और नालों में बाढ़ एवं भूस्खलन का खतरा बने रहने की चेतावनी जारी की है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की अपील की है।
पुलिस निरीक्षक राजन पटेल ने आगाह किया, ‘जोखिम कभी भी बढ़ सकता है, इसलिए लापरवाही न बरतने की सलाह दी गई है।’
स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर अब इस प्राकृतिक आपदा से निपटने और भविष्य में ऐसी स्थितियों को टालने के लिए प्रभावी उपाय करने का दबाव बढ़ गया है, ताकि पवित्र शालिग्राम शिला और सेतीबेनी के निवासियों को सुरक्षित रखा जा सके।
नदी की दिशा बदलने की मांग और समन्वय की अपील
विहादी गांवपालिका के अध्यक्ष परबीन गुरुङ ने क्षेत्र के संरक्षण के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शालिग्राम शिला के निकट स्थित स्याङ्जा की गल्याङ नगरपालिका, पर्वत की विहादी गांवपालिका और गुल्मी की कालीगण्डकी गांवपालिका को आपसी समन्वय के साथ सेतीबेनी क्षेत्र के संरक्षण के लिए कार्य करना चाहिए।
गल्याङ नगरपालिका-5 के वडाध्यक्ष घनश्याम भट्टराई ने कहा, ‘जब तक काली गण्डकी नदी के प्रवाह की दिशा नहीं बदली जाती, तब तक यह खतरा बना रहेगा।’ विहादी गांवपालिका के अध्यक्ष परबीन गुरुङ ने अपील की, ‘शालिग्राम शिला के निकट स्थित स्याङ्जा की गल्याङ नगरपालिका, पर्वत की विहादी गांवपालिका और गुल्मी की कालीगण्डकी गांवपालिका को आपसी समन्वय के साथ सेतीबेनी क्षेत्र के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।’ पर्वत जिला पुलिस कार्यालय के पुलिस निरीक्षक राजन पटेल ने चेतावनी दी, ‘जोखिम कभी भी बढ़ सकता है, इसलिए लापरवाही न बरतने की सलाह दी गई है।’
उधर, पर्वत जिला पुलिस कार्यालय ने लगातार बारिश के बीच सेतीबेनी क्षेत्र सहित विभिन्न नदियों और नालों में बाढ़ एवं भूस्खलन का खतरा बने रहने की चेतावनी देते हुए लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की अपील की है। पुलिस निरीक्षक राजन पटेल ने कहा कि जोखिम कभी भी बढ़ सकता है, इसलिए लापरवाही न बरतने की सलाह दी गई है।








