Bihar Sahyog Programme: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने सचिवालय स्थित आवेदन प्राप्ति केंद्र का भी लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम को जनता की संतुष्टि का पैमाना बताते हुए अधिकारियों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से शिकायतों का निवारण करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसमें देरी करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।







अब नहीं चलेगी अधिकारियों की मनमानी, CM ने दिए सख्त निर्देश
अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री चौधरी ने कहा कि हर शिकायत का निष्पक्ष और निर्धारित समय-सीमा के भीतर समाधान होना चाहिए। इससे प्रशासन में जनता का विश्वास मजबूत होगा। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि जो अधिकारी या कर्मचारी आवेदनों में देरी करते पाए जाते हैं या जन शिकायतों के समाधान में सहयोग नहीं करते, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उद्घाटन के अवसर पर, राज्य स्तरीय सहयोग शिविर में कुल 129 आवेदन दर्ज किए गए, जिनमें से 100 आवेदक मौके पर उपस्थित थे और उनकी शिकायतों का तत्काल समाधान किया गया।
हर महीने समीक्षा और कल्याणकारी योजनाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि सहयोग शिविरों के माध्यम से प्राप्त लगभग 90% शिकायतों का पहले ही समाधान किया जा चुका है। उन्होंने निर्देश दिया कि जिला स्तरीय सहयोग शिविरों के माध्यम से आवेदनों का आदर्श रूप से 30 दिनों के भीतर समाधान किया जाना चाहिए।

अनुमंडल अधिकारियों (SDO), उप समाहर्ता भूमि सुधार (DCLR) और जिलाधिकारियों को अंचल अधिकारी (CO) और प्रखंड विकास अधिकारी (BDO) स्तर पर निपटाए जा रहे मामलों की बारीकी से निगरानी करने को कहा गया है। इसके अलावा, प्रमंडलीय आयुक्तों और विभागीय सचिवों को भी शिकायत निपटान की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, “जनता की संतुष्टि ही सहयोग कार्यक्रम की सफलता का मुख्य पैमाना है। शिकायतों के समाधान में देरी करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।”
कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री सोलर योजना के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने का निर्देश दिया। इस योजना के तहत, परिवारों को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलती है, जबकि अतिरिक्त बिजली उत्पन्न करने वाले उपभोक्ता वित्तीय लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि लंबित पेंशन आवेदनों को तेजी से निपटाया जाए ताकि पात्र लाभार्थियों को अगले महीने की 10 तारीख तक भुगतान मिल सके। चौधरी ने अधिकारियों को यह भी हिदायत दी कि केवल दस्तावेजों की कमी के कारण आवेदन खारिज न किए जाएं। इसके बजाय, आवेदकों को आवश्यक दस्तावेज जमा करने का अवसर दिया जाना चाहिए, ताकि पात्र लाभार्थियों को तकनीकी आधार पर सरकारी योजनाओं से वंचित न किया जाए।
सम्मानजनक व्यवहार और तेज विकास का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने विभागों को मानसून के बाद सड़क निर्माण परियोजनाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने दोहराया कि सभी सरकारी अधिकारियों को नागरिकों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करना चाहिए और उनकी शिकायतों का त्वरित निपटान सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार सहयोग कार्यक्रम का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब नागरिक अपनी शिकायतों के समाधान से संतुष्ट होंगे, और निष्पक्ष शिकायत निवारण राज्य सरकार की प्राथमिकता बनी रहेगी।
इस कार्यक्रम के दौरान, जहानाबाद, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, शेखपुरा, सिवान, अररिया, भागलपुर और पश्चिम चंपारण सहित विभिन्न जिलों के कई लाभार्थियों ने अपनी शिकायतों के समाधान के बाद मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, संबंधित विभागों के मंत्री, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, राज्य के वरिष्ठ अधिकारी और आवेदक उपस्थित थे। बिहार भर के जिलाधिकारी और वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल हुए।









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