Bihar Innovation: बिहार के तकनीकी क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है, जहाँ दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (Darbhanga) के विद्यार्थियों ने अपनी नवाचार क्षमता का लोहा मनवाया है। उनके दो महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अब सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदर्शित किए जाएंगे, जो राज्य की तकनीकी शिक्षा के लिए गौरव का क्षण है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग (DSTTE), बिहार द्वारा पटना में आयोजित राज्य स्तरीय नवाचार प्रदर्शनी में इन परियोजनाओं का चयन किया गया है।
गर्व की बात है कि इन दोनों नवाचारों को 18 जुलाई 2026 को बिहार के माननीय मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। यह न केवल डीसीई दरभंगा, बल्कि पूरे बिहार के लिए एक बड़ी पहचान साबित होगा।






ब्रेकिंग! दरभंगा के छात्रों ने बनाया धांसू डिफेंस ड्रोन और बायोमेडिकल प्रोजेक्ट, अब CM के सामने होगा प्रदर्शन
Bihar Innovation: बिहार की तकनीकी प्रतिभा ने एक बार फिर अपना लोहा मनवाया है। बिहार के दरभंगा स्थित दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (DCE) के छात्रों द्वारा विकसित दो अनूठे प्रोजेक्ट्स को राज्य के माननीय मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदर्शित करने के लिए चुना गया है। यह उपलब्धि राज्य की नवाचार संस्कृति और तकनीकी शिक्षा के बढ़ते स्तर का प्रमाण है।
विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग (DSTTE) द्वारा पटना में आयोजित राज्य स्तरीय नवाचार प्रदर्शनी में इन परियोजनाओं ने अपनी छाप छोड़ी। अब, 18 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री इन अत्याधुनिक आविष्कारों को करीब से देखेंगे, जो छात्रों की कड़ी मेहनत और रचनात्मकता का परिणाम हैं।
रक्षा से लेकर चिकित्सा तक, छात्रों का कमाल
चयनित परियोजनाओं में पहली ‘DeployX – Rapid Deployment Defence Drone’ है। यह एक फोल्डेबल और त्वरित तैनाती वाला ड्रोन है, जिसे विशेष रूप से रक्षा, सीमावर्ती क्षेत्रों, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन निगरानी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए डिजाइन किया गया है। आधुनिक तकनीक से लैस यह पोर्टेबल ड्रोन कम समय में प्रभावी निगरानी और टोही कार्य करने में सक्षम है, जो सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
दूसरी महत्वपूर्ण परियोजना ‘Biomedical Related Project’ है। महाविद्यालय के अत्याधुनिक सी-डैक (C-DAC) लैब में विकसित यह प्रोजेक्ट 3D प्रिंटिंग और रिवर्स इंजीनियरिंग तकनीकों का उपयोग करता है। इसके तहत रोगी-विशिष्ट प्रोस्थेटिक हैंड कास्ट, वर्टिब्रल मॉडल और टिश्यू स्कैफोल्ड तैयार किए गए हैं। ये नवाचार चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और सर्जिकल प्लानिंग के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकते हैं, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
प्रतिभावान छात्राओं और मार्गदर्शकों को बधाई
इन उत्कृष्ट परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की छात्राएं पुष्पलता, मेहरून निशा और दीपाली कुमारी करेंगी। इन छात्राओं की मेहनत और लगन ने इस सफलता को संभव बनाया है। परियोजनाओं के विकास और प्रस्तुतीकरण में सुश्री शारदा ने समन्वयक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, साथ ही छात्राओं को निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया।
प्रो. चंदन कुमार, प्राचार्य, डीसीई दरभंगा ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए छात्राओं, मार्गदर्शक शिक्षकों और सी-डैक लैब की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री के समक्ष इन परियोजनाओं का सफल प्रदर्शन न केवल डीसीई दरभंगा, बल्कि बिहार की तकनीकी शिक्षा एवं नवाचार संस्कृति को नई पहचान दिलाएगा।
यह महत्वपूर्ण अवसर न केवल दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह पूरे बिहार में युवा इंजीनियरों और शोधकर्ताओं को नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। यह राज्य के तकनीकी भविष्य के लिए एक उज्ज्वल संकेत है। पढ़िए विस्तार से
मुख्यमंत्री के सामने ‘DeployX’ ड्रोन का प्रदर्शन: रक्षा और आपदा में गेमचेंजर
चयनित परियोजनाओं में पहला ‘DeployX – Rapid Deployment Defence Drone’ है। यह एक फोल्डेबल और त्वरित तैनाती वाला ड्रोन है, जिसे रक्षा, सीमावर्ती क्षेत्रों, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन निगरानी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए विकसित किया गया है। यह आधुनिक तकनीक से लैस पोर्टेबल ड्रोन कम समय में प्रभावी निगरानी और टोही कार्य करने में सक्षम है, जिससे सुरक्षा और बचाव अभियानों में काफी मदद मिलेगी।
बिहार में तकनीकी नवाचार: 3D प्रिंटिंग से चिकित्सा क्षेत्र में क्रांति
दूसरी परियोजना एक ‘Biomedical Related Project’ है, जिसे महाविद्यालय के अत्याधुनिक सी-डैक (C-DAC) लैब में तैयार किया गया है। इस परियोजना के तहत 3D प्रिंटिंग और रिवर्स इंजीनियरिंग तकनीक का उपयोग करके रोगी-विशिष्ट प्रोस्थेटिक हैंड कास्ट, वर्टिब्रल मॉडल और टिश्यू स्कैफोल्ड बनाए गए हैं। चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और सर्जिकल प्लानिंग के क्षेत्र में यह बिहार इनोवेशन एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है।
इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की छात्राओं पुष्पलता, मेहरून निशा और दीपाली कुमारी द्वारा किया जाएगा। परियोजनाओं के विकास और प्रस्तुतीकरण में समन्वयक सुश्री शारदा ने छात्राओं को निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया है।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. चंदन कुमार ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “यह हमारे कॉलेज और बिहार की तकनीकी शिक्षा के लिए एक ऐतिहासिक पल है। मुख्यमंत्री के समक्ष इन परियोजनाओं का सफल प्रदर्शन न केवल डीसीई दरभंगा, बल्कि राज्य की नवाचार संस्कृति को नई पहचान दिलाएगा।”
इस चयन से स्पष्ट है कि बिहार के युवा तकनीकी शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में बड़ी संभावनाएँ लेकर आ रहे हैं, जिससे राज्य के विकास को नई गति मिलेगी। यह उपलब्धि भविष्य में और अधिक छात्रों को तकनीकी नवाचार के लिए प्रेरित करेगी।








