Patna Cyber Crime: साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए पटना में साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट (CCSU) ने बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के दौरान साइबर ठगों को ‘म्यूल’ बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि इस गिरोह में पटना जिले के दो बैंकों के कर्मचारी भी कथित तौर पर शामिल थे। यह कार्रवाई सालिमपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक साइबर धोखाधड़ी मामले की समीक्षा के बाद की गई, जिसमें कैनरा बैंक की सालिमपुर शाखा और बैंक ऑफ बड़ौदा की बख्तियारपुर शाखा के अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका पाई गई।
बैंककर्मियों की मिलीभगत और धोखाधड़ी का तरीका
जांच अधिकारियों के अनुसार, कैनरा बैंक के शाखा प्रबंधक जिस दिन छुट्टी पर थे, उसी दौरान लगभग 100 बैंक खाते खोले गए थे। आरोप है कि उस अवधि में प्रबंधक के आधिकारिक बैंकिंग टैबलेट का संचालन एक निजी संविदा कर्मचारी ने किया, जिसने इन खातों को खोलने में मदद की। पुलिस ने फरार चल रहे शाखा प्रबंधक के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी प्राप्त कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि पांच अन्य बैंक कर्मचारियों और साइबर अपराधियों के कई कथित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, और उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं।






साल की शुरुआत में, ठगों ने सालिमपुर थाना क्षेत्र के सैदपुर, मोरादपुर और सुंदरपुर गांवों के निवासियों को निशाना बनाया था। आरोप है कि उन्होंने नारायली गांव में जगदंबा स्थान के पास कुंदन कुमार के स्वामित्व वाले एक मैरिज हॉल में एक शिविर आयोजित किया। इस शिविर में ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को बताया गया कि घरों में शौचालय निर्माण और मरम्मत के लिए सरकारी सहायता प्राप्त करने के लिए बैंक खाते खोले जा रहे हैं।
इस शिविर में 200 से अधिक महिलाओं ने कथित तौर पर बैंक खाते खोले। हालांकि, आरोपियों ने उनकी पासबुक और एटीएम कार्ड अपने पास रख लिए, जिससे खाताधारकों का उन खातों पर बहुत कम या कोई नियंत्रण नहीं रहा। मार्च में अधिकारियों द्वारा खातों में संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का पता चलने के बाद इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।
करोड़ों की ठगी और गिरफ्तारियां
जांच में पाया गया कि तीन महीने की अवधि के भीतर इन खातों के माध्यम से कई करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन किए गए थे। इसके बाद मामले को विस्तृत जांच के लिए साइबर पुलिस स्टेशन और साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट को स्थानांतरित कर दिया गया। अब तक, पुलिस ने इस मामले में बैंक कर्मचारी धीरेंद्र कुमार, मैरिज हॉल के मालिक कुंदन कुमार और मोरादपुर निवासी अवध राय को गिरफ्तार किया है।
राज्यभर में म्यूल खातों पर बड़ी कार्रवाई
राज्यव्यापी ‘साइबर प्रहार 3.0’ अभियान के तहत, अधिकारियों ने पूरे बिहार में 5,035 म्यूल बैंक खातों की पहचान की है, जिनका कथित तौर पर साइबर धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल किया गया था। इनमें से अब तक 704 खातों का सत्यापन किया जा चुका है, जिसमें जांचकर्ताओं ने पाया कि उन्हें साइबर धोखाधड़ी से जुड़े लगभग 63 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे।
केवल पटना जिले में ही पुलिस ने 860 म्यूल खातों की पहचान की है। जिले में म्यूल खातों से संबंधित 16 मामले दर्ज किए गए हैं और चल रही जांच के तहत 48 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराध को बढ़ावा देने वाले वित्तीय नेटवर्क को खत्म करने के प्रयासों के तहत म्यूल खातों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा।








