Darbhanga College News: अगर आप बिहार के सीएम साइंस कॉलेज में पढ़ रहे हैं या पढ़ने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। कॉलेज प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सत्र 2026-30 से छात्रों के लिए कक्षाओं में 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य कर दी है। जिन छात्र-छात्राओं की उपस्थिति इस मानक से कम होगी, उन्हें किसी भी परिस्थिति में परीक्षा प्रपत्र भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह कड़ा निर्णय बुधवार को शिक्षकों की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।
प्रो. संजीव कुमार मिश्र ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक गुणवत्ता और अनुशासन से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
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अनुशासन और गुणवत्ता पर जोर, मेंटर-मेंटी सिस्टम होगा मजबूत
महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. संजीव कुमार मिश्र ने बताया कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं से जोड़ना और उनके समग्र शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत विकास को सुनिश्चित करना है। इसी कड़ी में मेंटर-मेंटी व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा रहा है। कॉलेज में एक मेंटर-मेंटी सेल का गठन किया गया है, जो छात्रों की नियमित उपस्थिति, शैक्षणिक प्रगति और उनकी समस्याओं की लगातार निगरानी करेगा। अच्छा प्रदर्शन करने वाले मेंटर और मेंटी को कॉलेज की ओर से सम्मानित भी किया जाएगा, जिससे बेहतर शैक्षणिक माहौल बन सके।
बिहार के टॉप कॉलेजों में शामिल, बढ़ी जवाबदेही
प्रो. मिश्र ने इस बात पर भी जोर दिया कि राज्य के 10 उत्कृष्ट महाविद्यालयों में सीएम साइंस कॉलेज का चयन पूरे कॉलेज परिवार के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने शिक्षकों से यूजीसी (UGC) विनियमों और नैक (NAAC) मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया। प्रधानाचार्य ने कहा कि अब संस्थान की जवाबदेही पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। बैठक में अतिथि शिक्षकों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य करने, विद्यार्थियों से मिलने वाले संभावित फीडबैक के प्रति सजग रहने और एनसीसी, एनएसएस तथा सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बुनियादी ढांचे की चुनौती और समाधान का आश्वासन
बैठक के दौरान विभागाध्यक्षों ने विभिन्न विभागों की आधारभूत संरचना और जर्जर प्रयोगशालाओं की समस्या भी उठाई। इस पर प्रधानाचार्य ने तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं पर एक विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर विश्वविद्यालय को भेजा जाएगा, ताकि आवश्यक सुधार कार्य जल्द से जल्द शुरू हो सकें। यह पहल कॉलेज के शैक्षणिक और भौतिक वातावरण को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सीएम साइंस कॉलेज का यह निर्णय छात्रों में अनुशासन और गंभीरता लाने के साथ-साथ कॉलेज की शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में सहायक होगा। नई व्यवस्था से छात्रों को अपनी पढ़ाई के प्रति अधिक जिम्मेदार बनने का अवसर मिलेगा।














