Gold Silver Price: बुधवार, 15 जुलाई को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने के दामों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी ने मामूली बढ़त हासिल की। जारी नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का भाव 112 रुपये प्रति 10 ग्राम गिरकर लगभग 1.42 लाख रुपये पर आ गया। वहीं, चांदी की कीमत में 416 रुपये प्रति किलोग्राम का उछाल आया और यह 2.20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
गिरावट के बाद भी इस साल 9000 रुपये महंगा हुआ सोना
हालिया सुधार के बावजूद, इस साल सोने की कीमतें अभी भी काफी ऊंची बनी हुई हैं। आंकड़ों के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 को 24 कैरेट सोने का भाव 1.33 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक था। मौजूदा गिरावट के बावजूद, इस साल सोने की कीमतों में लगभग 9,000 रुपये का इजाफा हुआ है। इस साल की शुरुआत में, 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड उच्च स्तर छुआ था, जिसके बाद के महीनों में इसमें गिरावट देखी गई।






चांदी का रुख अलग, रिकॉर्ड हाई से काफी नीचे
चांदी की चाल सोने से थोड़ी अलग रही है। 31 दिसंबर 2025 को इस कीमती धातु का भाव 2.30 लाख रुपये प्रति किलोग्राम था। मंगल को यह 2.20 लाख रुपये पर था, जो इस अवधि में लगभग 10,000 रुपये की गिरावट दर्शाता है। चांदी ने भी 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का रिकॉर्ड उच्च स्तर हासिल किया था, जिसके बाद इसकी कीमतों में सुधार हुआ।
सोने-चांदी के दामों में उतार-चढ़ाव के प्रमुख कारण
बाजार विशेषज्ञ सोने और चांदी की कीमतों में हालिया कमजोरी के लिए दो प्रमुख कारकों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
पहला कारण मजबूत अमेरिकी डॉलर है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व से जुड़ी उम्मीदों ने अमेरिकी डॉलर सूचकांक को मजबूत किया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी की मांग कम हो गई है। दूसरा कारण मुनाफावसूली है। इस साल की शुरुआत में रिकॉर्ड उच्च स्तर छूने के बाद, कई संस्थागत और खुदरा निवेशकों ने मुनाफा बुक किया, जिससे कीमतों में यह सुधार देखने को मिला।
एक कमोडिटी विशेषज्ञ का मानना है कि दोनों धातुओं में अपने उच्चतम स्तर से काफी सुधार हुआ है। उनका सुझाव है कि निवेशकों को एकमुश्त खरीदारी करने के बजाय धीरे-धीरे सोना और चांदी जमा करने पर विचार करना चाहिए। विशेषज्ञ ने यह भी कहा कि वैश्विक बाजार की स्थितियों के आधार पर, साल के अंत तक सोना लगभग 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2.80 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है। बिहार के निवेशक भी इन रुझानों पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।








