Darbhanga News: राष्ट्र की सेवा से अवकाश ग्रहण करने के बाद अब दरभंगा के सिनुआर गोपाल निवासी इन्दुशेखर कुमर ने मजलूमों को न्याय दिलाने का संकल्प लिया है। बुधवार को उन्होंने विधिवत दरभंगा बार एसोसिएशन की सदस्यता ग्रहण कर विधि व्यवसाय के माध्यम से वंचित समुदाय को सुलभ न्याय दिलाने की वकालत शुरू की। वायुसेना में अपनी सेवाएँ देने के बाद, यह उनका नया अध्याय है जहाँ वे कानून के क्षेत्र में समाज के लिए काम करेंगे।
पिता की प्रेरणा, बेटे का न्याय संकल्प
इन्दुशेखर कुमर के इस निर्णय के पीछे उनके पिता राघव कुमर की प्रेरणा है। राघव कुमर ने भी बिहार सरकार के मार्केटिंग ऑफिसर की सेवा से अवकाश ग्रहण करने के बाद अधिवक्ता के रूप में वकालत के क्षेत्र में अपनी गहरी छाप छोड़ी थी। अपने पिता के आदर्शों को आत्मसात करते हुए, अब पुत्र इन्दुशेखर ने भी न्याय की राह चुनी है। उनका लक्ष्य है कि वे अपने कानूनी ज्ञान और अनुभव से उन लोगों की मदद करें, जिन्हें न्याय तक पहुँचने में कठिनाई होती है।






बार एसोसिएशन ने किया स्वागत
इन्दुशेखर कुमर के वकालत शुरू करने के मौके पर उनके बुजूर्ग सदानन्द कुंवर समेत कई ग्रामीण मौजूद थे। दरभंगा जिला बार एसोसिएशन के महासचिव कृष्ण कुमार मिश्र और दरभंगा जिला के लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने नव आगत वकील इन्दुशेखर कुमर का हौसला बढ़ाया और उन्हें शुभकामनाएं दीं। स्पेशल ए पी पी हेमन्त कुमार ने भी इस पहल का स्वागत किया। इस कदम से क्षेत्र में कानूनी सहायता की उम्मीद रखने वाले लोगों को एक नया संबल मिला है।
यह निर्णय न केवल इन्दुशेखर कुमर के व्यक्तिगत जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, बल्कि यह समाज के लिए भी एक सकारात्मक संदेश देता है कि सेवा का कोई अंत नहीं होता। वायुसेना में देश की रक्षा के बाद, अब वे न्याय के माध्यम से लोगों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं।








