Benipur Jal Nal Yojana: दरभंगा जिले के बेनीपुर अनुमंडल में जल नल योजना की बदहाली पर अब प्रशासन ने कमर कस ली है। स्थानीय विधायक प्रोफेसर विनय कुमार चौधरी और अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) मनीष कुमार झा ने बुधवार को एक समीक्षा बैठक में इस योजना की लचर स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने लापरवाह अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए 20 जुलाई तक सभी खामियों को दुरुस्त करने का अल्टीमेटम दिया है, ऐसा न करने पर सीधे प्राथमिकी दर्ज करने की बात कही गई है।
अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय कक्ष में आयोजित इस बैठक में विधायक प्रोफेसर विनय कुमार चौधरी ने सर्वप्रथम नव नियुक्त अधिकारियों और कर्मियों से परिचय प्राप्त किया। इसके बाद नगर परिषद क्षेत्र में चल रही जल नल योजना की स्थिति पर गहन समीक्षा की गई। बैठक में सामने आया कि अधिकांश वार्डों में यह महत्वपूर्ण योजना खराब पड़ी है। पिछले दिनों अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षण और भौतिक सत्यापन में मिली कमियों को भी नगर परिषद ने दूर नहीं किया था, जिस पर विधायक ने नाराजगी जताई।






लापरवाही पर सख्त रुख: कनीय अभियंता पर गिरेगी गाज?
नगर परिषद के योजना विकास पदाधिकारी कुमार संभव ने बैठक में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि जल नल योजना की बदहाली के लिए मुख्य रूप से कनीय अभियंता जिम्मेदार हैं। उनकी लापरवाही के कारण योजनाएं पटरी से उतर गई हैं। इस पर विधायक श्री चौधरी ने गंभीरता दिखाते हुए संबंधित कनीय अभियंता के खिलाफ ‘प्रपत्र क’ गठित करने की बात कही, जो विभागीय कार्रवाई की शुरुआत होती है।
अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार झा ने कनीय अभियंता के विरुद्ध थोक भाव मिले शिकायत को लेकर उन्हें सख्त चेतावनी देते हुए 20 जुलाई से पूर्व साधारण मरम्मत से जुड़े सभी जल नल योजना की मरम्मत अनिवार्य रूप से करवाने की बात कही अन्यथा प्राथमिकी दर्ज की जाएगी ।
एसडीओ मनीष कुमार झा ने कनीय अभियंता को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि 20 जुलाई से पहले सभी साधारण मरम्मत से जुड़ी जल नल योजनाओं को अनिवार्य रूप से ठीक किया जाए, वरना उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही, उन्होंने नगर परिषद क्षेत्र में अतिक्रमण के मामलों को भी तुरंत हटाने का निर्देश दिया।
ग्रामीण क्षेत्रों की समस्या और युद्ध स्तर पर समाधान का निर्देश
बैठक में प्रखंड क्षेत्र की जल नल योजना की भी समीक्षा की गई। इस दौरान कनीय अभियंता और सहायक अभियंता से विस्तृत जानकारी ली गई। तरौनी, शिवराम, जरिसो, नवादा, पोहद्दी और सज्जनपुरा जैसे गांवों से मिली शिकायतों को तुरंत दूर करने का निर्देश दिया गया। ग्रामीण इलाकों में पहले से लगे चापाकल (हैंडपंप) की साधारण मरम्मत भी तत्काल करवाने की आवश्यकता बताई गई, ताकि लोगों को पीने के पानी की समस्या का सामना न करना पड़े।
विधायक श्री चौधरी ने उपस्थित पदाधिकारी से पेयजल को मनुष्य के जीवन का सर्वाधिक महत्वपूर्ण अंग बताते हुए इसके लिए आज से ही युद्ध स्तर पर व्यवस्था सुदृढ़ करने का निर्देश दिया और कहा कि इस समस्या के तुरंत निदान से पदाधिकारी के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों का भी मान सम्मान बढ़ेगा और लापरवाही बरतने पर जनप्रतिनिधि के साथ-साथ पदाधिकारी और सरकार को भी फजीहत झेलनी पड़ती है ।
विधायक प्रोफेसर विनय कुमार चौधरी ने अनुमंडल पदाधिकारी को यह भी निर्देश दिया कि प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और अंचल अधिकारी (CO) को दो भागों में क्षेत्र बांटकर जल नल योजना का गहन सर्वेक्षण कराया जाए और फीडबैक लिया जाए। उन्होंने प्रभारी अंचल अधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी को जल जमाव और अतिक्रमण की समस्या को दूर करने के लिए पंचायत सचिव और राजस्व कर्मचारी के साथ समीक्षा कर सर्वेक्षण करवाने का भी आदेश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पेयजल मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसकी व्यवस्था को आज से ही ‘युद्ध स्तर’ पर मजबूत किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि इस समस्या के तत्काल समाधान से अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों दोनों का मान-सम्मान बढ़ेगा, जबकि लापरवाही से सभी को फजीहत झेलनी पड़ सकती है।
अगले एक सप्ताह में संयुक्त निरीक्षण की तैयारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में बीडीओ राहुल कुमार कर्ण, सीओ राजीव कुमार, पंचायती राज पदाधिकारी रूपेश राय, योजना पदाधिकारी कुमार संभव के साथ-साथ लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता और नगर परिषद के कनीय अभियंता भी उपस्थित थे। अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार झा ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के बाद वे सभी जल नल योजना से जुड़े स्थलों का पुनः संयुक्त निरीक्षण करेंगे। इस कदम से उम्मीद है कि बेनीपुर अनुमंडल में पेयजल आपूर्ति और अन्य विकास कार्यों में तेजी आएगी और जनता को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।








