Bhagalpur Parking Project: भागलपुर में पार्किंग की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए एक बड़ी राहत की तैयारी शुरू हो गई है। भागलपुर नगर निगम ने शहर के 54 अलग-अलग स्थानों पर आधुनिक पार्किंग और बिजनेस सेंटर विकसित करने की महत्वाकांक्षी ‘भागलपुर पार्किंग प्रोजेक्ट’ योजना बनाई है। करीब 2314.64 करोड़ रुपये की इस परियोजना का उद्देश्य केवल वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था करना नहीं है, बल्कि शहर में व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी तैयार करना है।
केंद्र सरकार की अर्बन चैलेंज फंड (UCF) योजना के तहत इसे विकसित किया जाएगा। नगर निगम का दावा है कि इससे शहर में अव्यवस्थित पार्किंग, सड़क किनारे खड़े वाहनों और बढ़ते ट्रैफिक दबाव जैसी समस्याओं में कमी आएगी। इसके साथ ही मॉल, ऑफिस, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक सुविधाओं के विकास से भागलपुर का शहरी ढांचा भी मजबूत होगा।






54 स्थानों पर बहुमंजिला पार्किंग और बिजनेस सेंटर
इस परियोजना के लिए नगर निगम ने शहर के 54 स्थानों को चिन्हित किया है। इन जगहों पर मल्टीलेवल पार्किंग के साथ ही आधुनिक व्यावसायिक परिसर भी विकसित किए जाएंगे। इन परिसरों में मॉल, ऑफिस स्पेस, रेस्टोरेंट, जिम और अन्य कारोबारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका मुख्य उद्देश्य एक ही स्थान पर पार्किंग और व्यावसायिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिससे नागरिकों और कारोबारियों दोनों को सुविधा मिल सके। नगर आयुक्त के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी योजना की अनुमानित लागत 2314.64 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो भागलपुर नगर निगम की अब तक की सबसे बड़ी शहरी अवसंरचना परियोजनाओं में से एक है।

PPP मॉडल पर होगा विकास, निवेश के अवसर
इस मेगा प्रोजेक्ट को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। कुल परियोजना लागत का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा निजी निवेशकों के माध्यम से जुटाने का प्रस्ताव है। नगर निगम का मानना है कि निजी क्षेत्र की भागीदारी से परियोजना का निर्माण और संचालन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा, जिससे नगर निगम पर वित्तीय बोझ भी कम होगा।
नगर निगम का दावा है कि इससे शहर में अव्यवस्थित पार्किंग, सड़क किनारे खड़े वाहनों और बढ़ते ट्रैफिक दबाव जैसी समस्याओं में कमी आएगी।
परियोजना को अंतिम रूप देने से पहले, नगर निगम ने बिल्डर्स, डेवलपर्स, मॉल संचालकों, होटल व्यवसायियों, रेस्तरां संचालकों, अस्पताल प्रबंधन और अन्य संभावित निवेशकों से सुझाव और प्रस्ताव मांगे हैं। अधिकारियों का कहना है कि निवेशकों के सुझावों के आधार पर परियोजना को और व्यावहारिक बनाया जाएगा। इच्छुक निवेशक भागीदारी के लिए नगर निगम, भागलपुर से संपर्क कर सकते हैं।
शहर को मिलेंगे ये बड़े फायदे, लेकिन राह आसान नहीं
भागलपुर में वर्षों से पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बाजार क्षेत्रों में अक्सर जाम की स्थिति बनती रही है। सड़क किनारे बेतरतीब पार्किंग से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। नई परियोजना लागू होने पर पार्किंग की व्यवस्थित व्यवस्था विकसित होगी। इसके साथ ही आधुनिक व्यावसायिक परिसर बनने से नए निवेश आकर्षित होंगे, स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। नगर निगम को भी इन परिसरों से स्थायी राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है, जिससे भविष्य में अन्य शहरी विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।
हालांकि, परियोजना को लेकर शुरुआती प्रतिक्रिया उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। हाल ही में आई-ट्रिपल सी भवन स्थित स्मार्ट सिटी सभागार में आयोजित बैठक में केवल दो से तीन निवेशक ही पहुंचे। कम भागीदारी को देखते हुए भागलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने इस योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार का फैसला किया है। अधिकारियों का मानना है कि अधिक जानकारी मिलने के बाद निजी निवेशकों की रुचि बढ़ सकती है और परियोजना को गति मिलेगी।









