Nitish Kumar: बिहार की राजनीति के कद्दावर नेता और जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने मंगलवार को राज्यसभा में पहली बार बतौर सदस्य हिस्सा लेकर अपने दशकों लंबे राजनीतिक करियर में एक नया अध्याय जोड़ा है। इस दौरान उन्होंने उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से शिष्टाचार मुलाकात भी की। जदयू के अनुसार, दोनों नेताओं ने संसदीय मामलों और अन्य समसामयिक मुद्दों पर चर्चा की। इस बैठक में जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा भी मौजूद रहे।







राज्यसभा में नीतीश कुमार की पहली उपस्थिति
नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस घटनाक्रम को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने पहली बार राज्यसभा सदस्य के रूप में सदन की कार्यवाही में भाग लिया है। हालांकि, केंद्रीय मंत्री रहते हुए उन्होंने पहले भी राज्यसभा की बैठकों में हिस्सा लिया था, लेकिन मंगलवार को उन्होंने पहली बार निर्वाचित सदस्य के तौर पर उच्च सदन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यह उनके राजनीतिक जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
“पहली बार राज्यसभा सदस्य के रूप में आज सदन की कार्यवाही में भाग लिया।”
राजनीतिक करियर का नया मील का पत्थर
नीतीश कुमार लगभग दो दशकों तक बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और उन्होंने राज्य तथा राष्ट्रीय राजनीति में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। राज्यसभा में उनके प्रवेश से उच्च सदन का सदस्य बनने की उनकी एक पुरानी राजनीतिक आकांक्षा पूरी हुई है। यह उनके चार दशकों से अधिक लंबे राजनीतिक करियर में एक और मील का पत्थर साबित हुआ है।


चुनिंदा नेताओं में हुए शामिल
नीतीश कुमार उन चुनिंदा बिहारी राजनेताओं में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने भारत की संसदीय प्रणाली के चारों विधायी निकायों – लोकसभा, राज्यसभा, बिहार विधानसभा और बिहार विधान परिषद – के सदस्य के रूप में कार्य किया है। राज्यसभा में एक सदस्य के रूप में उनकी यह पहली भागीदारी उनके शानदार राजनीतिक सफर में एक और उपलब्धि जोड़ती है, जो उन्हें देश के विशिष्ट नेताओं की कतार में खड़ा करती है।
बिहार के पूर्व CM नीतीश कुमार की संसद में एंट्री! राज्यसभा में पहले दिन ही किया ये बड़ा काम
Nitish Kumar: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने मंगलवार को राज्यसभा सांसद के तौर पर संसद में अपनी नई पारी की शुरुआत की। केंद्रीय राजनीति में उनकी वापसी के बाद यह पहला मौका था जब उन्होंने उच्च सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया। संसद पहुंचने पर जेडीयू और एनडीए के सांसदों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, जिससे पार्टी के भीतर नई ऊर्जा का संचार हुआ।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन से अहम मुलाकात
संसद पहुंचने के बाद नीतीश कुमार ने देश के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन से शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा भी उनके साथ मौजूद थे। बाद में नीतीश कुमार ने इस मुलाकात की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा कीं, जो राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनीं।
संजय झा ने इस मुलाकात के संबंध में बताया कि ‘यह शिष्टाचार मुलाकात थी, जिसमें दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं।’
हंगामे की भेंट चढ़ा सदन का पहला दिन
मंगलवार को मॉनसून सत्र के दौरान राज्यसभा की कार्यवाही हंगामे के कारण बाधित रही। सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस हंगामे के चलते कार्यवाही को पहले दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित किया गया। दोबारा शुरू होने पर भी स्थिति सामान्य नहीं हुई और सदन को 2 बजे तक के लिए फिर से स्थगित करना पड़ा। दोपहर के भोजन के बाद भी हंगामा जारी रहने के कारण, राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
राष्ट्रीय राजनीति में नीतीश कुमार की नई भूमिका
करीब दो दशक तक बिहार के मुख्यमंत्री पद पर रहने के बाद, नीतीश कुमार ने हाल ही में मार्च में राज्यसभा का रुख किया है। राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद उन्होंने 10 अप्रैल को सांसद पद की शपथ ली थी। इसके बाद, 14 अप्रैल को उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद सम्राट चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। अब राज्यसभा सांसद के रूप में नीतीश कुमार राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार हैं।
मॉनसून सत्र की समाप्ति तक दिल्ली में ही रहेंगे
सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार मॉनसून सत्र की समाप्ति तक दिल्ली में ही रहेंगे, जहां उन्होंने हाल ही में 7 सुनहरी बाग रोड स्थित सरकारी आवास में गृह प्रवेश किया है। सोमवार को अपने बेटे और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के जन्मदिन के कारण वे पटना में थे, जिस वजह से संसद के पहले दिन शामिल नहीं हो सके थे। अब राज्यसभा सांसद के रूप में नीतीश कुमार राष्ट्रीय राजनीति में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जो बिहार के साथ-साथ देश की राजनीति पर भी असर डालेगी।
नीतीश कुमार का राज्यसभा में प्रवेश न केवल उनके व्यक्तिगत राजनीतिक करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह बिहार की राजनीति में भी एक नया समीकरण स्थापित कर सकता है। आने वाले समय में उनकी यह भूमिका राष्ट्रीय फलक पर बिहार के प्रतिनिधित्व को और मजबूत करेगी, जिससे राज्य के मुद्दों को संसद में प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा।










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