Bihar Assembly Monsoon Session: मंगलवार को बिहार विधानसभा के मॉनसून सत्र का दूसरा दिन हंगामेदार रहा। विपक्ष के नेता हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर पहुंचे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसी दौरान राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता कुमार सर्वजीत ने मीडिया से बात करते हुए राज्य सरकार पर शिक्षा के मुद्दे पर तीखा तंज कसा।उन्होंने कहा, सरकार के पास स्कूलों में शौचालय बनवाने के लिए पैसा नहीं है, लेकिन भगवाकरण पर जोर दिया जा रहा है।
आरजेडी नेता कुमार सर्वजीत ने कहा, ’48 हजार स्कूलों में टॉयलेट नहीं है। टॉयलेट नहीं होने की वजह से 10 प्रतिशत बेटियां स्कूल छोड़ रही हैं। इसकी चिंता उन्हें नहीं है। लेकिन बिल्डिंग को भगवा रंग से रंग देंगे, इसकी चिंता है।’
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‘शौचालय नहीं, पर रंग बदलने की चिंता’: आरजेडी का तीखा हमला
कुमार सर्वजीत ने मॉडल स्कूलों को भगवा रंग से रंगने के फैसले पर नाराजगी जताई। उन्होंने दावा किया कि राज्य के 48 हजार स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं, खासकर शौचालयों की भारी कमी है। इस कमी के कारण लगभग 10 प्रतिशत छात्राएं स्कूल छोड़ने को मजबूर हो रही हैं, जिसकी चिंता सरकार को नहीं है। उन्होंने सीधे तौर पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी पर भी हमला बोला और स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होने का आरोप लगाया।
सीएम सम्राट चौधरी ने किया था 551 ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ का उद्घाटन
दरअसल, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में 551 मॉडल स्कूलों को भगवा रंग से रंगने और उनका नाम बदलकर ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ करने का ऐलान किया था। रविवार को ही सीएम सम्राट चौधरी ने इन 551 ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ का उद्घाटन किया। उस अवसर पर उन्होंने कहा था कि शिक्षा किसी भी विकसित समाज की सबसे बड़ी शक्ति है और बिहार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव लाने के लिए लगातार काम कर रही है।

‘सरकारी स्कूलों में मिलेगी प्राइवेट जैसी सुविधा’, बोले सीएम
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह भी बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य एक ऐसा शिक्षण वातावरण तैयार करना है, जहां हर बच्चे को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण, तकनीक आधारित और संस्कारयुक्त शिक्षा मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब सरकारी स्कूलों में भी प्राइवेट स्कूलों जैसी गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई का माहौल बनाया जा रहा है, ताकि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को भी समान अवसर मिलें। इन 551 ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ में लगभग 4 लाख बच्चे पढ़ाई करेंगे, जो उनके बेहतर भविष्य का आधार बनेंगे। सीएम ने इन विद्यालयों को बिहार की नई शिक्षा नीति और विकसित बिहार के संकल्प का मजबूत आधार बताया, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों में ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित होगी।
हालांकि, विपक्ष का आरोप है कि सरकार की प्राथमिकताएं गलत हैं और वह बुनियादी समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है, जिसका सीधा असर छात्राओं की शिक्षा पर पड़ रहा है। बिहार विधानसभा मॉनसून सत्र में यह मुद्दा गरमाया हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और बहस देखने को मिल सकती है।















