spot_img

Nepal Tourism नेपाल के अन्नपूर्ण में भारतीयों का जलवा…तोड़ा रिकॉर्ड, 300% की वृद्धि ! रिकॉर्ड तोड़ 5 लाख 169 देशों के पर्यटक पहुंचे, जानें क्यों मचाई धूम

Nepal Tourism: पिछले आर्थिक वर्ष में नेपाल के अन्नपूर्ण संरक्षण क्षेत्र में रिकॉर्ड 5 लाख 8 हजार से अधिक विदेशी पर्यटक आए, जिनमें भारतीय पर्यटकों की संख्या 3.75 लाख के पार पहुंच गई। पोखरा और मुक्तिनाथ की बढ़ती लोकप्रियता ने इस अभूतपूर्व वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

spot_img
- Advertisement -

Nepal Tourism: नेपाल का Nepal अन्नपूर्ण संरक्षण क्षेत्र विदेशी पर्यटकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बन गया है। पिछले आर्थिक वर्ष में इस क्षेत्र में रिकॉर्ड तोड़ 5 लाख 8 हजार 476 विदेशी पर्यटक पहुंचे हैं। इनमें सबसे बड़ी संख्या भारतीय पर्यटकों की रही, जिन्होंने पर्यटन के सभी पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए। अन्नपूर्ण संरक्षण क्षेत्र परियोजना के प्रमुख डॉ. रविन कडारिया ने बताया कि इस अभूतपूर्व वृद्धि ने क्षेत्र के पर्यटन उद्योग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।

- Advertisement -

कुल विदेशी पर्यटकों में 3 लाख 84 हजार 145 दक्षिण एशियाई देशों से थे, जबकि अन्य देशों के पर्यटकों की संख्या 1 लाख 24 हजार 331 रही। भारतीय पर्यटकों की संख्या अकेले 3 लाख 75 हजार 797 दर्ज की गई, जो किसी भी अन्य देश से कहीं अधिक है। यह आंकड़ा भारत और नेपाल के बीच मजबूत पर्यटन संबंधों को दर्शाता है।

- Advertisement -

नेपाल के अन्नपूर्ण में भारतीयों का जलवा! पर्यटकों की संख्या ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, आप भी जानें क्यों?

Annapurna Tourism: नेपाल के विश्व प्रसिद्ध अन्नपूर्ण संरक्षण क्षेत्र में पर्यटन ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। पिछले आर्थिक वर्ष के दौरान, इस क्षेत्र में 169 देशों से कुल 5 लाख 8 हजार 476 विदेशी पर्यटक पहुंचे। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुनी है, जो पर्यटन उद्योग के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। अन्नपूर्ण संरक्षण क्षेत्र परियोजना के प्रमुख डॉ. रविन कडारिया ने बताया कि पर्यटकों की यह संख्या अब तक का नया रिकॉर्ड है।

- Advertisement -
16e9e6ce-f9d6-46a7-922f-5a746543f06f

भारतीयों ने तोड़ा रिकॉर्ड, 300% की वृद्धि

आंकड़ों के अनुसार, अन्नपूर्ण क्षेत्र में आए कुल विदेशी पर्यटकों में से 3 लाख 84 हजार 145 पर्यटक दक्षिण एशियाई देशों से थे, जबकि अन्य देशों से 1 लाख 24 हजार 331 सैलानी पहुंचे। इनमें सबसे अधिक 3 लाख 75 हजार 797 भारतीय पर्यटक शामिल थे, जिन्होंने इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। डॉ. कडारिया ने इस असाधारण वृद्धि पर जोर देते हुए कहा कि पिछले जेठ (मई-जून) महीने में भारत सहित दक्षिण एशियाई देशों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगभग 300 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। उन्होंने बताया कि भारतीय पर्यटकों की इतनी बड़ी संख्या पहली बार इस क्षेत्र में पहुंची है।

‘आर्थिक वर्ष की तुलना में पिछले आर्थिक वर्ष में विदेशी पर्यटकों की संख्या लगभग दोगुनी रही। पिछले वर्ष पर्यटकों की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया।’ – डॉ. रविन कडारिया, परियोजना प्रमुख, अन्नपूर्ण संरक्षण क्षेत्र परियोजना

अन्य देशों से आने वाले प्रमुख पर्यटकों की संख्या इस प्रकार रही:

यह भी पढ़ें:  बिहार में जमीन खरीदने वालों के लिए बड़ा झटका! दाखिल-खारिज पर अब देना होगा ₹200 शुल्क
देशपर्यटकों की संख्या
चीन12,539
अमेरिका9,884
ब्रिटेन9,859
फ्रांस7,939
मलेशिया7,848
जर्मनी7,634
बांग्लादेश7,448
ऑस्ट्रेलिया7,095
इजराइल6,398

यह तालिका दर्शाती है कि भारतीय पर्यटकों के बाद चीन, अमेरिका और ब्रिटेन से भी बड़ी संख्या में सैलानी अन्नपूर्ण क्षेत्र पहुंचे, जो इसकी वैश्विक अपील को उजागर करता है।

बढ़ती लोकप्रियता के पीछे के कारण

डॉ. कडारिया ने इस उल्लेखनीय वृद्धि के कई कारण बताए। उन्होंने कहा कि भारत में पोखरा, मुक्तिनाथ और अन्नपूर्ण क्षेत्र के अन्य पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार में तेजी आई है। इसके अलावा, बेहतर सड़क संपर्क और सोशल मीडिया के माध्यम से बढ़ती लोकप्रियता ने भी भारतीय पर्यटकों की संख्या में खासी वृद्धि की है। गर्मी के मौसम में बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक पोखरा और आसपास के पर्यटन स्थलों का रुख करते हैं। अप्रैल–जून के दौरान नेपाल की पर्यटन राजधानी पोखरा के होटलों में 90 प्रतिशत तक ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई, जो इस क्षेत्र की लोकप्रियता का प्रमाण है। पोखरा आने वाले भारतीय पर्यटकों में से लगभग 40 प्रतिशत मुक्तिनाथ की यात्रा भी करते हैं।

यह भी पढ़ें:  बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 10 राजस्व अधिकारियों का हुआ तबादला, अब क्या होगा? | देखें पूरी लिस्ट

अन्नपूर्ण: ट्रेकिंग और प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र

अन्नपूर्ण क्षेत्र दुनिया के सबसे प्रसिद्ध ट्रेकिंग (पदयात्रा) पर्यटन स्थलों में से एक माना जाता है। यहां आने वाले पर्यटक अन्नपूर्ण सर्किट ट्रेल के माध्यम से विभिन्न आकर्षक स्थलों का भ्रमण करते हैं। इनमें अन्नपूर्ण बेस कैंप, मर्दी हिमाल, घान्द्रुक, मनाङ की तिलिचो झील, थोरङ-ला दर्रा, अपर मुस्तांग, मुक्तिनाथ और म्याग्दी के घोडेपानी जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं। करीब 7,600 वर्ग किलोमीटर में फैला यह संरक्षण क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता, हिमालयी जीवनशैली और समृद्ध संस्कृति के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। इस क्षेत्र में कास्की, लमजुङ, मनाङ, म्याग्दी और मुस्तांग जिलों की 15 स्थानीय इकाइयों के 87 वार्ड शामिल हैं। आकर्षक पर्यटन स्थलों, पर्यटन-अनुकूल बुनियादी ढांचे, उत्कृष्ट आतिथ्य और बेहतर सुविधाओं के कारण यह क्षेत्र नेपाल के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में गिना जाता है।

अन्नपूर्ण संरक्षण क्षेत्र परियोजना केवल इन गंतव्यों का भ्रमण करने वाले विदेशी पर्यटकों का ही रिकॉर्ड रखती है। यह वृद्धि नेपाल के पर्यटन उद्योग के लिए एक सकारात्मक संकेत है और भविष्य में और अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने की उम्मीद है।

अन्नपूर्ण क्षेत्र में विदेशी पर्यटकों का रिकॉर्ड

भारतीय पर्यटकों के बाद चीन के 12 हजार 539, अमेरिका के 9 हजार 884, ब्रिटेन के 9 हजार 859, फ्रांस के 7 हजार 939, मलेशिया के 7 हजार 848, जर्मनी के 7 हजार 634, बांग्लादेश के 7 हजार 448, ऑस्ट्रेलिया के 7 हजार 95 और इजराइल के 6 हजार 398 पर्यटक अन्नपूर्ण क्षेत्र का भ्रमण करने पहुंचे। डॉ. रविन कडारिया ने बताया कि, ‘आर्थिक वर्ष की तुलना में पिछले आर्थिक वर्ष में विदेशी पर्यटकों की संख्या लगभग दोगुनी रही।’ उन्होंने आगे कहा कि, ‘पिछले आर्थिक वर्ष में 2 लाख 78 हजार 113 विदेशी पर्यटक अन्नपूर्ण क्षेत्र पहुंचे थे, जबकि पिछले वर्ष पर्यटकों की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया। ‘पिछले जेठ (मई-जून) महीने में भारत सहित दक्षिण एशियाई देशों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगभग 300 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।’

‘भारतीय पर्यटकों की इतनी बड़ी संख्या पहली बार इस क्षेत्र में पहुंची है।’- डॉ. रविन कडारिया, अन्नपूर्ण संरक्षण क्षेत्र परियोजना के प्रमुख

भारतीय पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि के कारण

डॉ. कडारिया के अनुसार, भारतीय पर्यटकों की संख्या में यह उल्लेखनीय वृद्धि कई कारकों का परिणाम है। भारत में पोखरा, मुक्तिनाथ और अन्नपूर्ण क्षेत्र के अन्य पर्यटन स्थलों के लगातार प्रचार-प्रसार, बेहतर सड़क संपर्क और सोशल मीडिया के माध्यम से बढ़ती लोकप्रियता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। गर्मी के मौसम में बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक पोखरा और आसपास के पर्यटन स्थलों का रुख करते हैं। अप्रैल-जून के दौरान नेपाल की पर्यटन राजधानी पोखरा के होटलों में 90 प्रतिशत तक ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई। डॉ. कडारिया ने यह भी बताया कि, ‘पोखरा आने वाले भारतीय पर्यटकों में से लगभग 40 प्रतिशत मुक्तिनाथ भी जाते हैं।’

यह भी पढ़ें:  बिहार के ग्रामीण इलाकों में होल्डिंग टैक्स लगेगा या नहीं? विपक्ष का जोरदार हमला, CM Samrat ने दिया सबसे बड़ा अपडेट!

लोकप्रिय पर्यटन स्थल और भविष्य की संभावनाएं

अन्नपूर्ण क्षेत्र दुनिया के सबसे प्रसिद्ध ट्रेकिंग पर्यटन स्थलों में से एक माना जाता है। यहां आने वाले पर्यटक अन्नपूर्ण सर्किट ट्रेल के माध्यम से अन्नपूर्ण बेस कैंप, मर्दी हिमाल, घान्द्रुक, मनाङ की तिलिचो झील, थोरङ-ला दर्रा, अपर मुस्तांग, मुक्तिनाथ और म्याग्दी के घोडेपानी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण करते हैं। करीब 7,600 वर्ग किलोमीटर में फैला अन्नपूर्ण संरक्षण क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता, हिमालयी जीवनशैली और समृद्ध संस्कृति के कारण विश्वभर में प्रसिद्ध है। इस संरक्षण क्षेत्र में कास्की, लमजुङ, मनाङ, म्याग्दी और मुस्तांग जिलों की 15 स्थानीय इकाइयों के 87 वार्ड शामिल हैं। आकर्षक पर्यटन स्थलों, पर्यटन-अनुकूल बुनियादी ढांचे, उत्कृष्ट आतिथ्य और बेहतर सुविधाओं के कारण यह क्षेत्र नेपाल के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में गिना जाता है, और भविष्य में भी इसकी लोकप्रियता बढ़ने की उम्मीद है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

नीतीश कुमार ने रचा इतिहास! बिहार के इस दिग्गज नेता ने पहली बार किया ऐसा काम, जानकर चौंक जाएंगे

Nitish Kumar: जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने राज्यसभा में पहली बार बतौर सदस्य हिस्सा लेकर अपने दशकों लंबे राजनीतिक करियर में एक नया अध्याय जोड़ा है। उ#NitishKumar,#RajyaSabha,#BiharPolitics

दरभंगा के ऐतिहासिक राष्ट्रीय विद्यालय होगा राज्य संरक्षित स्मारक घोषित! जल्द स्थल निरीक्षण को आएगी पुरातत्व विभाग की टीम

Darbhanga Heritage: दरभंगा के लालबाग स्थित ऐतिहासिक राष्ट्रीय विद्यालय को राज्य संरक्षित स्मारक घोषित किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल पर पुरातत्व विभाग ने प्रक्रिया शुर#DarbhangaNews,#BiharHeritage,#SamratChoudhary

Darbhanga Sugarcane Farmers केवटी, सिंहवाड़ा और मनीगाछी रखेगा रैयाम चीनी मिल की बुनियाद| जानिए – 24 जुलाई से कहां और कब लगेंगे कैंप?

Darbhanga Sugarcane Farmers: दरभंगा में गन्ना किसानों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। रैयाम चीनी मिल की सहकारी समिति सदस्यता और गन्ना किसान पंजीकरण को बढ़ावा देने के लिए जिलाधिकारी श्री कौश#DarbhangaNews,#SugarcaneFarmers,#RaiyamSugarMill

बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 10 राजस्व अधिकारियों का हुआ तबादला, अब क्या होगा? | देखें पूरी लिस्ट

Bihar Revenue: बिहार सरकार ने बिहार राजस्व सेवा के 10 अधिकारियों का तबादला कर दिया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अधिसूचना जारी की, जिससे प्रशासनिक कार्यों में बदलाव की उम#BiharRevenue,#OfficerTransfer,#BiharGovernment