Bihar Holding Tax: बिहार विधानमंडल के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन, विधान परिषद में बिहार के गांवों में प्रस्तावित ‘होल्डिंग टैक्स’ को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए इसे ग्रामीण आबादी पर एक अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया। हालांकि, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तुरंत स्पष्टीकरण दिया कि गरीबों पर कोई नया टैक्स लगाने का प्रावधान नहीं है।
होल्डिंग टैक्स पर विपक्ष का जोरदार हमला
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सदस्य डॉ. सुनील कुमार सिंह ने विधान परिषद में ‘ग्राम पंचायत टैक्स, रेट्स और फीस रूल्स-2026’ का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य की अधिकांश आबादी गांवों में रहती है और ग्रामीण परिवारों की आय सीमित है। डॉ. सिंह ने तर्क दिया कि ऐसे हालात में, होल्डिंग टैक्स लगाने का प्रस्ताव आम लोगों के हित में नहीं माना जा सकता। उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण इलाकों में पहले से ही आर्थिक चुनौतियां हैं और बड़ी संख्या में लोग विभिन्न सरकारी योजनाओं पर निर्भर हैं। इसलिए, अतिरिक्त टैक्स लगाने का फैसला उचित नहीं होगा। उन्होंने सरकार से इन नियमों पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।






सीएम सम्राट चौधरी ने दिया स्पष्टीकरण
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, ‘गरीबों पर कोई नया टैक्स लगाने का प्रावधान नहीं किया गया है। कुछ तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।’ उन्होंने दोहराया कि गरीब परिवारों पर अतिरिक्त टैक्स लगाने का दावा पूरी तरह से बेबुनियाद है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में कचरा प्रबंधन और पाइप से पानी की आपूर्ति जैसी सेवाओं के लिए तय फीस वसूलने की व्यवस्था पहले से मौजूद है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सरकार नियमों के विभिन्न प्रावधानों की समीक्षा कर रही है और जरूरत पड़ने पर बदलाव किए जाएंगे।

पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
बिहार सरकार ने ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘ग्राम पंचायत टैक्स, रेट्स और फीस रूल्स-2026’ को मंजूरी दी है। इन नियमों के तहत, पंचायतों को स्थानीय स्तर पर विभिन्न स्रोतों से राजस्व वसूलने का अधिकार दिया गया है। सरकारी प्रावधानों के अनुसार, पंचायतें स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर जमीन, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, स्थानीय बाजारों (हाट-बाजारों) और विज्ञापन होर्डिंग जैसी चीजों पर फीस या टैक्स लगा सकती हैं। सरकार का कहना है कि इस सिस्टम का मकसद पंचायतों की आर्थिक क्षमता को बढ़ाना है, न कि गरीबों पर अतिरिक्त बोझ डालना। होल्डिंग टैक्स को लेकर सदन में जारी यह बहस आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है, क्योंकि विपक्ष अपनी मांग पर अड़ा हुआ है और सरकार जनहित को ध्यान में रखते हुए जरूरी फैसले लेने की बात कह रही है।









